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हत्या के लिए रचा गया शादी का ड्रामा!
अमर उजाला ब्यूरो बदायूं।
Updated Sun, 14 May 2017 11:38 PM IST
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हत्या
- फोटो : अमर उजाला
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प्रेमी युगल की हत्या का मामला, शनिवार को ही दिल्ली से लौटा था आशा का प्रेमी गोविंद
किशनलाल के बुलावे पर बात करने उसके घर गया था
प्रेमी युगल की हत्या मामले में यह बात सामने आ रही है कि दोनो की शादी कराने की बात महज एक ड्रामा थी। युवती के घर वाले किसी तरह दोनो को खत्म करना चाहते थे। इसीलिए युवक को शादी की बात करने के बहाने घर पर बुलाया।
एक ही बिरादरी और लंबे समय से प्रेम संबंध के चलते समाज के लोगों ने दोनों की शादी कराने का रास्ता निकाला था। आशा का पिता किशन लाल और गोविंद का पिता पप्पू राम इसके लिए राजी हो गए थे। लेकिन आशा के घर वालों के मन में कुछ और है, यह अंदाजा किसी को नहीं हो पाया। किशनलाल के घर के जिस कमरे में गोविंद का शव मिला वहां बेड पर चाय-नाश्ता भी रखा हुआ था। तीन कप चाय में दो कप चाय पी जा चुकी थी। एक कप में पूरी चाय थी। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि गोविंद के पहुंचने के बाद आशा के परिवार वालों ने उसे नाश्ता भी कराया। इसके बाद ऐसा क्या हुआ कि आशा के परिवार वालों के सिर पर खून सवार हो गया। उन्होंने दोनों को कुल्हाड़ी से काट कर मौत के घाट उतार दिया।
गांव के लोगों का कहना है कि किशन लाल किसी भी तरह गोविंद को अपने घर बुलाना चाहता था। क्योंकि गोविंद तीन बार आशा को अपने साथ ले गया। आशा वापस तो आई लेकिन वह उसके परिवार वालों के हाथ नहीं लगा। ऐसे में गोविंद को अपने घर बुलाने के लिए किशनलाल ने दोनों की शादी कराने के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया।
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सात दिन बाद होनी थी प्रेमी युगल की शादी
सैदपुर। गोविंद और आशा की शादी तय हो चुकी थी। इसके लिए मुहूर्त से लेकर बैंड बाजा और हलवाई तक बुक करा दिए गए थे। अब कोई यह नहीं समझ पा रहा कि आखिर ऐसा क्या हुआ जो आशा के परिवार वालों के सिर पर खून सवार हो गया। उन्होंने इस सनसनीखेत वारदात को अंजाम दे दिया।
घटना स्थल दे रहा दरिंदगी की गवाही, नहीं खाया तरस
सैदपुर। प्रेमी युगल को कितने निर्मम तरीके से मौत के घाट उतारा गया इसकी गवाही घटना स्थल दे रहा है। पहले गोविंद को घर में दूसरे कमरे में मारा गया। बाद में आशा को दूसरे कमरे में मौत के घाट उतार दिया गया। कहा यह भी जा रहा है कि आरोपी दोनों की हत्या करने के बाद शव ठिकाने लगाने जा रहे थे। आशा का पिता जब बेटी का शव घर से खींच कर बाहर ला रहा था तभी पड़ोसी की महिला रेशमा ने देखकर शोर मचा दिया। इससे इन लोगों की योजना धरी रह गई। पूरे घर में खून के धब्बे और बेरहमी से कुचले गए दोनों के सिर गवाही दे रहे थे कि वारदात के दौरान किसी को रहम नहीं आया।
प्रधानी का चुनाव लड़ चुका है आरोपी रामवीर
सैदपुर। ऑनर किलिंग की वारदात में नामजद आशा का सौतेला भाई रामवीर राजनीतिक महत्वकांक्षा भी रखता था। पिछले साल हुए पंचायत चुनाव में वह उरैना ग्राम पंचायत से प्रधानी का चुनाव लड़ चुका है। हालांकि, उसे इसमें कामयाबी नहीं मिली।
दो आरोपी हैं आशा के सौतेले भाई
सैदपुर। आरोपियों में विजयपाल और रामवीर आशा के सौतेले भाई हैं। आशा की मां जलधारा के पति राम भरोसे की मौत हो चुकी थी। राम भरोसे से उसको विजय और रामवीर दो संतानें थीं। पति की मौत के बाद जलधारा ने किशनलाल से शादी कर ली थी। किशन लाल से उसके बेटी आशा है।
गोविंद का फूफा भी है लापता
सैदपुर। गोविंद के परिवार वालों की मानें तो दिल्ली से आने के बाद गोविंद पहले बिसौली के होली चौक पर रहने वाले अपने फूफा रवि कुमार के पास गया था। बाद में यहां से दोनों लोग बाइक से गांव पहुंचे। आशा के घर पर गोविंद के साथ उसका फूफा भी गया था। घटना के बाद से गोविंद का फूफा भी लापता है।
फॉरेंसिक एक्सपर्ट ने खंगाले क्लू, फिंगर प्रिट लिए
सैदपुर। फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम ने भी मौके पर पहुंच कर क्लू खंगाले। इस दौरान यहां से फिंगर प्रिंट भी लिए गए। फॉरेंसिक टीम को यहां से क्लू मिलने की उम्मीद है। टीम ने घटना स्थल की फोटो और वीडियोग्राफी भी कराई है। घटना पूरे गांव में चर्चा का विषय बनी हुई है।
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किशनलाल के बुलावे पर बात करने उसके घर गया था
प्रेमी युगल की हत्या मामले में यह बात सामने आ रही है कि दोनो की शादी कराने की बात महज एक ड्रामा थी। युवती के घर वाले किसी तरह दोनो को खत्म करना चाहते थे। इसीलिए युवक को शादी की बात करने के बहाने घर पर बुलाया।
एक ही बिरादरी और लंबे समय से प्रेम संबंध के चलते समाज के लोगों ने दोनों की शादी कराने का रास्ता निकाला था। आशा का पिता किशन लाल और गोविंद का पिता पप्पू राम इसके लिए राजी हो गए थे। लेकिन आशा के घर वालों के मन में कुछ और है, यह अंदाजा किसी को नहीं हो पाया। किशनलाल के घर के जिस कमरे में गोविंद का शव मिला वहां बेड पर चाय-नाश्ता भी रखा हुआ था। तीन कप चाय में दो कप चाय पी जा चुकी थी। एक कप में पूरी चाय थी। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि गोविंद के पहुंचने के बाद आशा के परिवार वालों ने उसे नाश्ता भी कराया। इसके बाद ऐसा क्या हुआ कि आशा के परिवार वालों के सिर पर खून सवार हो गया। उन्होंने दोनों को कुल्हाड़ी से काट कर मौत के घाट उतार दिया।
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गांव के लोगों का कहना है कि किशन लाल किसी भी तरह गोविंद को अपने घर बुलाना चाहता था। क्योंकि गोविंद तीन बार आशा को अपने साथ ले गया। आशा वापस तो आई लेकिन वह उसके परिवार वालों के हाथ नहीं लगा। ऐसे में गोविंद को अपने घर बुलाने के लिए किशनलाल ने दोनों की शादी कराने के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया।
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सात दिन बाद होनी थी प्रेमी युगल की शादी
सैदपुर। गोविंद और आशा की शादी तय हो चुकी थी। इसके लिए मुहूर्त से लेकर बैंड बाजा और हलवाई तक बुक करा दिए गए थे। अब कोई यह नहीं समझ पा रहा कि आखिर ऐसा क्या हुआ जो आशा के परिवार वालों के सिर पर खून सवार हो गया। उन्होंने इस सनसनीखेत वारदात को अंजाम दे दिया।
घटना स्थल दे रहा दरिंदगी की गवाही, नहीं खाया तरस
सैदपुर। प्रेमी युगल को कितने निर्मम तरीके से मौत के घाट उतारा गया इसकी गवाही घटना स्थल दे रहा है। पहले गोविंद को घर में दूसरे कमरे में मारा गया। बाद में आशा को दूसरे कमरे में मौत के घाट उतार दिया गया। कहा यह भी जा रहा है कि आरोपी दोनों की हत्या करने के बाद शव ठिकाने लगाने जा रहे थे। आशा का पिता जब बेटी का शव घर से खींच कर बाहर ला रहा था तभी पड़ोसी की महिला रेशमा ने देखकर शोर मचा दिया। इससे इन लोगों की योजना धरी रह गई। पूरे घर में खून के धब्बे और बेरहमी से कुचले गए दोनों के सिर गवाही दे रहे थे कि वारदात के दौरान किसी को रहम नहीं आया।
प्रधानी का चुनाव लड़ चुका है आरोपी रामवीर
सैदपुर। ऑनर किलिंग की वारदात में नामजद आशा का सौतेला भाई रामवीर राजनीतिक महत्वकांक्षा भी रखता था। पिछले साल हुए पंचायत चुनाव में वह उरैना ग्राम पंचायत से प्रधानी का चुनाव लड़ चुका है। हालांकि, उसे इसमें कामयाबी नहीं मिली।
दो आरोपी हैं आशा के सौतेले भाई
सैदपुर। आरोपियों में विजयपाल और रामवीर आशा के सौतेले भाई हैं। आशा की मां जलधारा के पति राम भरोसे की मौत हो चुकी थी। राम भरोसे से उसको विजय और रामवीर दो संतानें थीं। पति की मौत के बाद जलधारा ने किशनलाल से शादी कर ली थी। किशन लाल से उसके बेटी आशा है।
गोविंद का फूफा भी है लापता
सैदपुर। गोविंद के परिवार वालों की मानें तो दिल्ली से आने के बाद गोविंद पहले बिसौली के होली चौक पर रहने वाले अपने फूफा रवि कुमार के पास गया था। बाद में यहां से दोनों लोग बाइक से गांव पहुंचे। आशा के घर पर गोविंद के साथ उसका फूफा भी गया था। घटना के बाद से गोविंद का फूफा भी लापता है।
फॉरेंसिक एक्सपर्ट ने खंगाले क्लू, फिंगर प्रिट लिए
सैदपुर। फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम ने भी मौके पर पहुंच कर क्लू खंगाले। इस दौरान यहां से फिंगर प्रिंट भी लिए गए। फॉरेंसिक टीम को यहां से क्लू मिलने की उम्मीद है। टीम ने घटना स्थल की फोटो और वीडियोग्राफी भी कराई है। घटना पूरे गांव में चर्चा का विषय बनी हुई है।