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संपत्ति विवाद में खूनी संघर्ष, एक की मौत
अमर उजाला ब्यूरो कादरचौक (बदायूं)।
Updated Sat, 06 May 2017 11:44 PM IST
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killed
- फोटो : amar ujala
मरने वाला ग्राम प्रधान का भतीजा, फायरिंग में सात लोग घायल
कादरचौक के गांव खिरिया बाकरपुर की घटना, नौ पर मुकदमा
क्षेत्र के गांव खिरिया बाकरपुर में संपत्ति विवाद में दो पक्षों के बीच शनिवार को खूनी संघर्ष हो गया। इसमें गांव प्रधान के भतीजे की मौत हो गई जबकि सात लोग घायल हो गए। दोनों ओर से करीब 45 मिनट तक गोलियां चलीं। इससे गांव में भगदड़ मच गई। अफसरों को गांव में कई थानों से फोर्स बुलानी पड़ी। नौ लोगों को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
खिरिया बाकरपुर के रहने वाले रिटायर्ड फौजी सत्यपाल यादव की पूरी संपत्ति पर उनके इकलौते बेटे सुधीर ने कब्जा कर लिया है। बेटी पिंकी की शादी के लिए सत्यपाल बेटे सुधीर से रुपये मांग रहे थे। सुधीर ने इससे इंकार कर दिया। इससे नाराज सत्यपाल ने अपनी जमीन और मकान की वसीयत बेटी पिंकी के नाम कर दी। सत्यपाल का भाई विक्रम सिंह यादव गांव का प्रधान है, वह सत्यपाल की मदद करता है। सुधीर और उसकी पत्नी आशा इससे खफा थे। सबक सिखाने के लिए सुधीर ने पड़ोसी गांव धौकन नगला में रहने वाले अपने ससुराल वालों से मदद मांगी।
शनिवार सुबह सुधीर के ससुराल वाले चार गाड़ियों से असलहों से लैस होकर खिरिया बाकरपुर पहुंचे और गांव में घुसते ही फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने से प्रधान विक्रम सिंह के भाई रामनाथ के 25 वर्षीय बेटे दानवीर की मौके पर मौत हो गई। रामनाथ का 30 वर्षीय बेटा चंद्रकेश, 35 वर्षीय कुंवरपाल और बहन पार्वती (50), विक्रम सिंह के दो बेटे 21 वर्षीय विजेंद्र और 30 वर्षीय रवेंद्र के अलावा एक अन्य 49 वर्षीय सत्यवीर पुत्र यादराम घायल हो गए। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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मामले में विक्रम सिंह की ओर से सुधीर यादव, उसकी पत्नी आशा, ससुर शिशुपाल, आशा के ताऊ अरब सिंह, भाई जगेंद्र, सुखवीर, कुंवरपाल, सुरजीत, तहेरे भाई राजवीर, रामवीर और जगवीर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। एसओ कादरचौक बीपी सिंह के मुताबिक, आरोपी सुधीर, आशा और कुंवरपाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस बीच एसएसपी चंद्रप्रकाश, एसपी सिटी अनिल यादव, एसपी देहात संजय राय और सीओ सिटी अभिषेक यादव ने गांव पहुंच कर घटना की जानकारी ली।
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कादरचौक के गांव खिरिया बाकरपुर की घटना, नौ पर मुकदमा
क्षेत्र के गांव खिरिया बाकरपुर में संपत्ति विवाद में दो पक्षों के बीच शनिवार को खूनी संघर्ष हो गया। इसमें गांव प्रधान के भतीजे की मौत हो गई जबकि सात लोग घायल हो गए। दोनों ओर से करीब 45 मिनट तक गोलियां चलीं। इससे गांव में भगदड़ मच गई। अफसरों को गांव में कई थानों से फोर्स बुलानी पड़ी। नौ लोगों को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
खिरिया बाकरपुर के रहने वाले रिटायर्ड फौजी सत्यपाल यादव की पूरी संपत्ति पर उनके इकलौते बेटे सुधीर ने कब्जा कर लिया है। बेटी पिंकी की शादी के लिए सत्यपाल बेटे सुधीर से रुपये मांग रहे थे। सुधीर ने इससे इंकार कर दिया। इससे नाराज सत्यपाल ने अपनी जमीन और मकान की वसीयत बेटी पिंकी के नाम कर दी। सत्यपाल का भाई विक्रम सिंह यादव गांव का प्रधान है, वह सत्यपाल की मदद करता है। सुधीर और उसकी पत्नी आशा इससे खफा थे। सबक सिखाने के लिए सुधीर ने पड़ोसी गांव धौकन नगला में रहने वाले अपने ससुराल वालों से मदद मांगी।
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शनिवार सुबह सुधीर के ससुराल वाले चार गाड़ियों से असलहों से लैस होकर खिरिया बाकरपुर पहुंचे और गांव में घुसते ही फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने से प्रधान विक्रम सिंह के भाई रामनाथ के 25 वर्षीय बेटे दानवीर की मौके पर मौत हो गई। रामनाथ का 30 वर्षीय बेटा चंद्रकेश, 35 वर्षीय कुंवरपाल और बहन पार्वती (50), विक्रम सिंह के दो बेटे 21 वर्षीय विजेंद्र और 30 वर्षीय रवेंद्र के अलावा एक अन्य 49 वर्षीय सत्यवीर पुत्र यादराम घायल हो गए। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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मामले में विक्रम सिंह की ओर से सुधीर यादव, उसकी पत्नी आशा, ससुर शिशुपाल, आशा के ताऊ अरब सिंह, भाई जगेंद्र, सुखवीर, कुंवरपाल, सुरजीत, तहेरे भाई राजवीर, रामवीर और जगवीर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। एसओ कादरचौक बीपी सिंह के मुताबिक, आरोपी सुधीर, आशा और कुंवरपाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस बीच एसएसपी चंद्रप्रकाश, एसपी सिटी अनिल यादव, एसपी देहात संजय राय और सीओ सिटी अभिषेक यादव ने गांव पहुंच कर घटना की जानकारी ली।