{"_id":"d96909b8a4748c64e957d6694aacf727","slug":"bdc-member-crackdown-killed-at-home-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"घर पर धावा बोलकर बीडीसी सदस्य को मार डाला","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
घर पर धावा बोलकर बीडीसी सदस्य को मार डाला
अलापुर/उसावां (बदायूं)
Updated Thu, 07 May 2015 12:19 AM IST
विज्ञापन
थाना क्षेत्र उसावां के एक गांव में प्रेम-प्रसंग को लेकर चल रही रंजिश खूनी संघर्ष में बदल गई। बुधवार तड़के प्रेमिका के परिवार वालों ने प्रेमी के चाचा वीरपाल को घेर कर गोलियों से भून दिया। इससे उनकी मौत हो गई। फायरिंग में मृतक वीरपाल के दो भाई सोहनलाल और प्रकाश गंभीर रूप से घायल हो गए। भाई ने पांच लोगों को नामजद करते हुए हत्या बलवा और कातिलाना हमले की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। मृतक वीरपाल क्षेत्र पंचायत सदस्य थे। घटना के बाद गांव में तनाव के मद्देनजर पुलिस तैनात कर दी गई है। एसएसपी सौमित्र यादव, एसपी सिटी अनिल यादव और सीओ दातागंज एसके त्यागी ने गांव पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया।
गांव के रविंद्र पुत्र ओमकार का अपनी ही (गड़रिया) बिरादरी की एक लड़की से प्रेम प्रसंग था। लड़की के परिवार वाले इसके खिलाफ थे। 19 मार्च को लड़की के पिता ने रविंद्र समेत उसके चाचा वीरपाल, रामरहीस, राम सिंह और सोहनलाल के खिलाफ घर में घुसकर गाली गलौज और छेड़छाड़ करने का मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद रविंद्र दिल्ली चला गया था। दो दिन पहले ही रविंद्र दिल्ली से घर लौटा। मंगलवार रात रविंद्र की प्रेमिका उससे मिलने पहुंची। प्रेमिका रविंद्र को लेकर खेत की ओर चली गई। इस बारे में प्रेमिका के घरवालों को पता लग गया।
इसके बाद लड़की पक्ष के श्रीपाल, महेश, दुर्विजय, महेंद्र और अवनेश ने हथियारों से लैस होकर रविंद्र के घर पर धावा बोल दिया। जान बचाने के लिए रविंद्र के परिवार वाले घर से भाग कर गांव के बाहर बटिया के पास छिप गए। वीरपाल, सोहनलाल और प्रकाश जान बचाने के लिए नीम के पेड़ पर चढ़ गए। बुधवार तड़के साढ़े तीन बजे श्रीपाल पक्ष के लोगों ने पेड़ पर बैठे तीनों भाइयों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। वीरपाल (35) की कई गोलियां लगने से मौके पर मौत हो गई। उसके भाई सोहनलाल (55) और प्रकाश (50) गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतक के भाई रामरहीस ने श्रीपाल, महेश, दुर्विजय, महेंद्र और अवनेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार के सुपुर्द कर दिया गया। घटना के बाद पुलिस ने रविंद्र और उसकी प्रेमिका को भी हिरासत में ले लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
गांव के रविंद्र पुत्र ओमकार का अपनी ही (गड़रिया) बिरादरी की एक लड़की से प्रेम प्रसंग था। लड़की के परिवार वाले इसके खिलाफ थे। 19 मार्च को लड़की के पिता ने रविंद्र समेत उसके चाचा वीरपाल, रामरहीस, राम सिंह और सोहनलाल के खिलाफ घर में घुसकर गाली गलौज और छेड़छाड़ करने का मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद रविंद्र दिल्ली चला गया था। दो दिन पहले ही रविंद्र दिल्ली से घर लौटा। मंगलवार रात रविंद्र की प्रेमिका उससे मिलने पहुंची। प्रेमिका रविंद्र को लेकर खेत की ओर चली गई। इस बारे में प्रेमिका के घरवालों को पता लग गया।
विज्ञापन
इसके बाद लड़की पक्ष के श्रीपाल, महेश, दुर्विजय, महेंद्र और अवनेश ने हथियारों से लैस होकर रविंद्र के घर पर धावा बोल दिया। जान बचाने के लिए रविंद्र के परिवार वाले घर से भाग कर गांव के बाहर बटिया के पास छिप गए। वीरपाल, सोहनलाल और प्रकाश जान बचाने के लिए नीम के पेड़ पर चढ़ गए। बुधवार तड़के साढ़े तीन बजे श्रीपाल पक्ष के लोगों ने पेड़ पर बैठे तीनों भाइयों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। वीरपाल (35) की कई गोलियां लगने से मौके पर मौत हो गई। उसके भाई सोहनलाल (55) और प्रकाश (50) गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतक के भाई रामरहीस ने श्रीपाल, महेश, दुर्विजय, महेंद्र और अवनेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार के सुपुर्द कर दिया गया। घटना के बाद पुलिस ने रविंद्र और उसकी प्रेमिका को भी हिरासत में ले लिया है।
विज्ञापन