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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   A student accused Father met Punia

आरोपी एक छात्र के पिता पुनिया से मिले

Thu, 09 Jul 2015 07:12 PM IST
badaun
badaun Updated Thu, 09 Jul 2015 07:12 PM IST
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दलित किशोरी से रेप के आरोपी छात्र शिवम उर्फ संतोष के पिता एमपी सिंह ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष पीएल पुनिया से मुलाकात की और अपने बेटे को निर्दोष बताया। आयोग के अध्यक्ष से उन्होंने कहा कि वह हर तरह की जांच के लिए तैयार हैं। उनका बेटा बीएससी करने के बाद पीजीडीएम की पढ़ाई कर रहा है। उसका कैरियर बर्बाद करने के लिए रंजिशन रेप का आरोप लगाया गया है। इस मामले में अब पुलिस कार्रवाई भी सवालों के घेरे में है।

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आवास विकास कॉलोनी की 14 वर्षीय दलित किशोरी ने 27 जून को सिविल लाइंस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 23 जून को कॉलोनी के ही शिवम उर्फ संतोष ने उससे रेप किया। 28 जून को किशोरी का मेडिकल हुआ। उसके प्राइवेट पार्ट से कपड़ा, लकड़ी का टुकड़ा, माचिक का रैपर, पॉलीथिन और ढक्कन निकले। मेडिकल रिपोर्ट से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। डीआईजी आरकेएस राठौर बदायूं पहुंचे। बात करने पर डॉक्टरों ने सब कुछ प्लांटेड बताया। इस बीच किशोरी की फुफेरी बहन ने दो और नाम लिए। किशोरी ने भी कई बार बयान बदले। पुलिस ने दो और छात्र हिरासत में लिए थे। किशोरी अंकित की शिनाख्त नहीं कर सकी। 161  और 164 के बयान में भी उसने अंकित के नाम का जिक्र नहीं किया। इन बयान के  आधार पर पुलिस ने शिवम को जेल भेज दिया था।
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एक जुलाई को किशोरी की महिला अस्पताल से छुट्टी हो गई। दो जुलाई को किशोरी की घर पर तबियत बिगड़ गई। उसे बरेली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां उससे मिलने अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष पीएल पुनिया पहुंचे। उन्होंने मामले की विवेचना कर रहे सीओ सिटी आरएस धामा को को हिदायत दी। सख्त कार्रवाई की बात कही। इसके बाद पुलिस ने दूसरे आरोपी अंकित को भी जेल भेज दिया। दोनों छात्रों के परिवार वालों का कहना है कि पुलिस ने जरूर किसी दबाव में कार्रवाई की है। शिवम के पिता ने अनुसूचित जाति आयोग के सचिव पीएल पुनिया से मिलकर मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है।

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