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पीसी शर्मा की 1.10 करोड़ की संपति जब्त
Updated Wed, 02 Aug 2017 11:59 PM IST
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बदायूं। जिले के बहुचर्चित डीजीसी साधना शर्मा हत्याकांड में आरोपी ठेकेदार पीसी शर्मा की 1.10 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति बुधवार को जब्त कर ली गई। पीसी शर्मा पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई भी की जा चुकी है। गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे की विवेचना एसओ कारदर चौक कर रहे हैं। डीएम ने 31 जुलाई को पीसी के खिलाफ संपत्ति जब्त करने का आदेश दिया था। इसके अनुपालन में सिविल लाइंस पुलिस ने बुधवार को पीसी की संपत्ति कुर्क कर ली।
डीजीसी क्रिमिनल साधना शर्मा की 23 मई 2016 को उस वक्त हत्या कर दी गई थी जब वह अपने नौकर बिहारी के साथ स्कूटी पर बदायूं से उझानी अपने घर लौट रहीं थीं। इस मामले में मृतका की बहन विपर्णा गौड़ ने पूर्व विधायक योगेंद्र सागर समेत छह लोगों को डीजीसी साधना की हत्या में नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचना में पूर्व विधायक योगेंद्र सागर की नामजदगी गलत पाई गई थी। विवेचना के दौरान पुलिस के सामने आया कि प्रेमचंद्र शर्मा उर्फ पीसी शर्मा ने सुपारी देकर साधना शर्मा की हत्या कराई थी। पुलिस की विवेचना में पीसी शर्मा और उसके साले गिरीश मिश्रा समेत आठ लोगों के नाम प्रकाश में आए। पुलिस ने पीसी शर्मा समेत सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बाद में पीसी शर्मा के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई भी की गई। गैंगस्टर मामले में विवेचना एसओ कादरचौक को दी गई थी। पीसी शर्मा के खिलाफ अलग-अलग थानों में करीब एक दर्जन मामले दर्ज हैं। डीएम के आदेश पर बुधवार को पीसी शर्मा की कुल 1 करोड़, 10 लाख, 5 हजार, तीन सौ रुपये की चल और अचल संपत्ति जब्त कर ली। डीएम की ओर से पीसी शर्मा के सभी बैंक खातों से लेन-देन पर पाबंदी लगा दी गई है। इस संबंध में डीएम का आदेश संबंधित बैंक मैनेजरों को भेज दिया गया है। कुर्क की गई संपत्ति के लिए इंस्पेक्टर सिविल लाइंस को प्रशासक बनाया गया है।
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वर्जन-
पीसी शर्मा की संपत्ति डीएम के आदेश पर जब्त कर ली गई है। शासन के निर्देश पर पूरे प्रदेश में कुख्यात अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत पीसी शर्मा की संपत्ति कुर्क की गई है।
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-चंद्र प्रकाश, एसएसपी
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डीजीसी क्रिमिनल साधना शर्मा की 23 मई 2016 को उस वक्त हत्या कर दी गई थी जब वह अपने नौकर बिहारी के साथ स्कूटी पर बदायूं से उझानी अपने घर लौट रहीं थीं। इस मामले में मृतका की बहन विपर्णा गौड़ ने पूर्व विधायक योगेंद्र सागर समेत छह लोगों को डीजीसी साधना की हत्या में नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचना में पूर्व विधायक योगेंद्र सागर की नामजदगी गलत पाई गई थी। विवेचना के दौरान पुलिस के सामने आया कि प्रेमचंद्र शर्मा उर्फ पीसी शर्मा ने सुपारी देकर साधना शर्मा की हत्या कराई थी। पुलिस की विवेचना में पीसी शर्मा और उसके साले गिरीश मिश्रा समेत आठ लोगों के नाम प्रकाश में आए। पुलिस ने पीसी शर्मा समेत सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बाद में पीसी शर्मा के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई भी की गई। गैंगस्टर मामले में विवेचना एसओ कादरचौक को दी गई थी। पीसी शर्मा के खिलाफ अलग-अलग थानों में करीब एक दर्जन मामले दर्ज हैं। डीएम के आदेश पर बुधवार को पीसी शर्मा की कुल 1 करोड़, 10 लाख, 5 हजार, तीन सौ रुपये की चल और अचल संपत्ति जब्त कर ली। डीएम की ओर से पीसी शर्मा के सभी बैंक खातों से लेन-देन पर पाबंदी लगा दी गई है। इस संबंध में डीएम का आदेश संबंधित बैंक मैनेजरों को भेज दिया गया है। कुर्क की गई संपत्ति के लिए इंस्पेक्टर सिविल लाइंस को प्रशासक बनाया गया है।
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वर्जन-
पीसी शर्मा की संपत्ति डीएम के आदेश पर जब्त कर ली गई है। शासन के निर्देश पर पूरे प्रदेश में कुख्यात अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत पीसी शर्मा की संपत्ति कुर्क की गई है।
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-चंद्र प्रकाश, एसएसपी