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गबन में फंसे बुटला समिति के सचिव को पुलिस की क्लीनचिट
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गबन में फंसे बुटला समिति के सचिव को पुलिस की क्लीनचिट
उझानी (बदायूं)। बुटला क्षेत्रीय सहकारी समिति लिमिटेड से जुड़े किसानों के व्यापारिक खातों में हेरफेर करने के आरोपी सचिव राजीव यादव उर्फ डेविड को पुलिस ने विवेचना में साक्ष्यों का अभाव बताकर क्लीनचिट दे दी है। डेविड के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। करीब तीन लाख रुपये के मामले में डेविड को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है। समिति सदस्यों की शिकायत पर सहायक आयुक्त ने जांच में करीब तीन लाख रुपये का गबन उजागर किया था। कहा गया था कि सचिव ने किसानों को बकाया जमा करने की रसीदें तो मुहैया करा दी थीं लेकिन उनकी रकम खातों में जमा नहीं की गई। इसके बाद अफसरों ने सचिव को सस्पेंड कर दिया। पुलिस ने जब कोतवाली में मामला दर्ज नहीं किया तो शिकायतकर्ता अशर्फीलाल ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर पुलिस को नामजद रिपोर्ट दर्ज करनी पड़ी, लेकिन अब आरोपी सचिव को क्लीनचिट देते हुए विवेचक शैलेंद्र गौड़ ने रिपोर्ट सीजेएम कोर्ट में भेज दी है।
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समिति की सभापति ने उठाया सवाल
उझानी। बुटला क्षेत्रीय सहकारी समिति लिमिटेड की सभापति रजनी शर्मा ने सचिव को क्लीनचिट दिए जाने पर ऐतराज जताया है। उनका कहना है कि सचिव को बचाने के लिए पुलिस द्वारा किये गए कृत्य की अफसरों से शिकायत की जाएगी। पुलिस ने साक्ष्य जुटाने की कोशिश ही नहीं की।
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धोखाधड़ी के मामले में साक्ष्य जुटाने के लिए अशर्फीलाल से भी संपर्क साधा था। उससे गबन के साक्ष्य भी मांगे गए लेकिन वह उन्हें पेश नहीं कर पाया। विवेचना के दौरान गबन का मामला साबित नहीं हो पाया तो एफआर लगा दी।
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- शैलेंद्र गौड़, विवेचक
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उझानी (बदायूं)। बुटला क्षेत्रीय सहकारी समिति लिमिटेड से जुड़े किसानों के व्यापारिक खातों में हेरफेर करने के आरोपी सचिव राजीव यादव उर्फ डेविड को पुलिस ने विवेचना में साक्ष्यों का अभाव बताकर क्लीनचिट दे दी है। डेविड के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। करीब तीन लाख रुपये के मामले में डेविड को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है। समिति सदस्यों की शिकायत पर सहायक आयुक्त ने जांच में करीब तीन लाख रुपये का गबन उजागर किया था। कहा गया था कि सचिव ने किसानों को बकाया जमा करने की रसीदें तो मुहैया करा दी थीं लेकिन उनकी रकम खातों में जमा नहीं की गई। इसके बाद अफसरों ने सचिव को सस्पेंड कर दिया। पुलिस ने जब कोतवाली में मामला दर्ज नहीं किया तो शिकायतकर्ता अशर्फीलाल ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर पुलिस को नामजद रिपोर्ट दर्ज करनी पड़ी, लेकिन अब आरोपी सचिव को क्लीनचिट देते हुए विवेचक शैलेंद्र गौड़ ने रिपोर्ट सीजेएम कोर्ट में भेज दी है।
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समिति की सभापति ने उठाया सवाल
उझानी। बुटला क्षेत्रीय सहकारी समिति लिमिटेड की सभापति रजनी शर्मा ने सचिव को क्लीनचिट दिए जाने पर ऐतराज जताया है। उनका कहना है कि सचिव को बचाने के लिए पुलिस द्वारा किये गए कृत्य की अफसरों से शिकायत की जाएगी। पुलिस ने साक्ष्य जुटाने की कोशिश ही नहीं की।
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धोखाधड़ी के मामले में साक्ष्य जुटाने के लिए अशर्फीलाल से भी संपर्क साधा था। उससे गबन के साक्ष्य भी मांगे गए लेकिन वह उन्हें पेश नहीं कर पाया। विवेचना के दौरान गबन का मामला साबित नहीं हो पाया तो एफआर लगा दी।
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- शैलेंद्र गौड़, विवेचक