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तेज धमाके और चीखों से ठहर गया था हाईवे

Tue, 07 May 2019 01:53 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 07 May 2019 01:53 AM IST
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तेज धमाके और चीखों से ठहर गया था हाईवे
बदायूं। मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर सोमवार दोपहर हुए हादसे की मुख्य वजह तेज रफ्तार और लापरवाही रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बस चालक ने बाइक सवार को बचाने के लिए ओवरटेक किया था। बस आगे निकलती, उससे पहले पुलिस की जीप से टकरा गई और फिर तेज धमाके के साथ जीप के परखचे उड़ गए। इसके बाद हाईवे मानो ठहर सा गया। जो उधर से गुजर रहा था, वह इस भीषण हादसे को देखने लगा था।
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हादसा सोमवार दोपहर करीब 12 बजे हुआ। उस वक्त बदायूं डिपो की रोडवेज बस संख्या यूपी 25-एटी-5913 बिसौली से बदायूं लौट रही थी। उसमें करीब दो दर्जन से अधिक यात्री सवार थे। कुछ यात्रियों के मुताबिक बस की रफ्तार काफी तेज थी। उन्होंने रास्ते में चालक को गति कंट्रोल करने के लिए कहा, लेकिन चालक ने उनकी नहीं सुनी और वह उसी रफ्तार में बस को दौड़ाता रहा। आखिरकार कर्रगांव के पास रोडवेज बस पुलिस की जीप से टकरा गई और तेज धमाके के साथ जीप के परखचे उड़ गए। बताते हैं कि हादसा इतना जबरदस्त था कि अधिकांश यात्री उछलकर अगली सीट से जा लगे। उनमें कुछ अपने मोबाइलों में व्यस्त थे। वे तो समझ ही नहीं पाए कि आखिर क्या हुआ। उन्हें बस एक धमाका सुनाई दिया। सभी पुलिस कर्मी लहूलुहान हालत में इधर-उधर पड़े थे।
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उस दौरान हाईवे से गुजर रहे लोग एकाएक रुक गए। उन लोगों ने ही क्षतिग्रस्त जीप में फंसे चालक को बाहर निकाला था। जैसे ही पुलिस को इसकी सूचना मिली तो पूरा पुलिस प्रशासन दौड़ पड़ा। इस संबंध में यूपी-100 के हेड कांस्टेबल वीरेंद्र सिंह ने बस नंबर के आधार पर अज्ञात चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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दरोगा का रिवाल्वर गायब देख पुलिस के होश उड़े
- दरोगा विक्रम सिंह को जिस वक्त जिला अस्पताल लाया गया था। उस समय उनकी कमर में होलस्टर बंधा हुआ था लेकिन उसमें रिवॉल्वर नहीं था। एसएसपी ने यह देखकर तुरंत रिवॉल्वर तलाश करने को पुलिस टीम को लगा दिया। काफी छानबीन के बाद रिवॉल्वर क्षतिग्रस्त जीप में पड़ा मिला, तब पुलिस को शांति मिली।

कालीचरन पर दर्ज थे आठ मुकदमे
बिसौली पुलिस बावरिया गिरोह के जिस बदमाश कालीचरन उर्फ काला को रिमांड पर लेकर लौट रही थी उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में आठ मुकदमे दर्ज थे। 30 अप्रैल को कादरचौक पुलिस ने उसे प्रेमी नगला लूटपाट और हत्याकांड के मामले में जेल भेजा था, साथ में उसकी पत्नी दिया देवी, पिता मानपाल, मां अनारकली, अन्नू उर्फ सोनू पुत्र सुनील बावरिया, कुलदीप पुत्र सुनील को भी जेल भेजा गया था। बिसौली थाने में भी उस पर चोरी का एक मामला दर्ज था। उसी के लिए रिमांड लेकर पुलिस बिसौली लौट रही थी।


चुनाव से पूर्व हुए थे बिसौली ट्रांसफर
लोकसभा चुनाव से पूर्व जिलेभर के दरोगाओं का इधर-उधर ट्रांसफर हुआ था। दरोगा सहदेव सिंह सिद्दू 18 फरवरी को ट्रांसफर होकर बिसौली आए थे, वहीं सत्य सिंह यादव पुत्र रामभरोसे सदर कोतवाली में तैनात थे। उनका एक मार्च को बिसौली ट्रांसफर हुआ था। एसआई विक्रम सिंह भी एक मार्च को बिसौली ट्रांसफर होकर आए थे, जबकि चालक सिपाही सुधीर कुमार पुत्र तुलाराम काफी समय से बिसौली में तैनात थे।
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