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पोस्टआफिस को उड़ाने की धमकी वाले पत्र की जांच शुरू
Updated Sun, 27 Aug 2017 06:28 PM IST
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उझानी (बदायूं)। पुलिस ने पोस्ट ऑफिस को बम से उड़ाने की धमकी वाले पत्र के मामले की जांच शुरू कर दी है। रविवार को दिनभर छानबीन के बावजूद पुलिस लेटर भेजने वाले का पता नहीं लगा सकी है। पुलिस दुकानदारों के बीच आपसी विवाद मान रही है। उधर, दुकानदारों में इससे हड़कंप मचा हुआ है। वे सभी एकत्र होकर कोतवाली पहुंचे और कार्रवाई की मांग की।
उझानी पोस्टआफिस का बम से उड़ाने की धमकी भरे पत्र की पोस्टमास्टर ने शनिवार को लिखित सूचना पुलिस को दी थी। पत्र में कुछ लोगों के नाम भी दिए गए थे। इसका पता लगने पर रविवार सुबह दुकानदारों में खलबली मच गई। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष राजकुमार बंसल और ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार गुप्ता के नेतृत्व में कई दुकानदार कोतवाली पहुंचे। पुलिस ने पोस्टमास्टर का दिया पत्र भी व्यापारी नेताओं को दिखाया। पुलिस का मानना है कि धमकी भरा पत्र लिखने वाले ने कई लोगों के नाम से फर्जी हस्ताक्षर बनाए हैं। व्यापारी नेता बंसल ने पुलिस को बताया कि ग्राउंड फ्लोर के दुकानदारों का धमकी भरे लेटर से कोई मतलब नहीं है। व्यापारियों और पुलिस के बीच बातचीत के दौरान पोस्टमास्टर चेतन यादव को नहीं बुलाया गया। उधर, पोस्टमास्टर चेतन का कहना है कि जांच में क्या सामने आया, यह तो उन्हें नहीं पता ? पुलिस अपने स्तर से कार्रवाई कर रही है। कोतवाली पहुंचने वाले व्यापारियों में संजीव आजाद, प्रकाश माहेश्वरी, अवधेश वर्मा, सुनील सचदेवा, अनिल कुमार, अजय वार्ष्णेय और विवेक माहेश्वरी आदि शामिल रहे।
पहले भी मिल चुका है धमकी भरा पत्र
उझानी। प्रभारी निरीक्षक और व्यापारी नेताओं के बीच बातचीत के दौरान पूर्व के दो मामले और सामने आ गए। दुकानदारों ने कहा कि यह मामला कोई नया नहीं है। इससे पहले भी एक सराफ समेत दो लोगों को ऐसे ही धमकी भरे पत्र मिले थे। पहले किसी ने मामले का गंभीरता से नहीं लिया और न ही पुलिस के पास पहुंचा।
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कोई बेवजह परेशान करने की कोशिश कर रहा है। यह तो पहले दिन से लगने लगा था। फिर भी इसकी तह में जाने की कोशिश की जा रही है कि लेटर किसने लिखा। धमकी भरा पत्र लिखने वाले की तलाश जारी है। -संजय गोयल, प्रभारी निरीक्षक।
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उझानी पोस्टआफिस का बम से उड़ाने की धमकी भरे पत्र की पोस्टमास्टर ने शनिवार को लिखित सूचना पुलिस को दी थी। पत्र में कुछ लोगों के नाम भी दिए गए थे। इसका पता लगने पर रविवार सुबह दुकानदारों में खलबली मच गई। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष राजकुमार बंसल और ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार गुप्ता के नेतृत्व में कई दुकानदार कोतवाली पहुंचे। पुलिस ने पोस्टमास्टर का दिया पत्र भी व्यापारी नेताओं को दिखाया। पुलिस का मानना है कि धमकी भरा पत्र लिखने वाले ने कई लोगों के नाम से फर्जी हस्ताक्षर बनाए हैं। व्यापारी नेता बंसल ने पुलिस को बताया कि ग्राउंड फ्लोर के दुकानदारों का धमकी भरे लेटर से कोई मतलब नहीं है। व्यापारियों और पुलिस के बीच बातचीत के दौरान पोस्टमास्टर चेतन यादव को नहीं बुलाया गया। उधर, पोस्टमास्टर चेतन का कहना है कि जांच में क्या सामने आया, यह तो उन्हें नहीं पता ? पुलिस अपने स्तर से कार्रवाई कर रही है। कोतवाली पहुंचने वाले व्यापारियों में संजीव आजाद, प्रकाश माहेश्वरी, अवधेश वर्मा, सुनील सचदेवा, अनिल कुमार, अजय वार्ष्णेय और विवेक माहेश्वरी आदि शामिल रहे।
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पहले भी मिल चुका है धमकी भरा पत्र
उझानी। प्रभारी निरीक्षक और व्यापारी नेताओं के बीच बातचीत के दौरान पूर्व के दो मामले और सामने आ गए। दुकानदारों ने कहा कि यह मामला कोई नया नहीं है। इससे पहले भी एक सराफ समेत दो लोगों को ऐसे ही धमकी भरे पत्र मिले थे। पहले किसी ने मामले का गंभीरता से नहीं लिया और न ही पुलिस के पास पहुंचा।
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कोई बेवजह परेशान करने की कोशिश कर रहा है। यह तो पहले दिन से लगने लगा था। फिर भी इसकी तह में जाने की कोशिश की जा रही है कि लेटर किसने लिखा। धमकी भरा पत्र लिखने वाले की तलाश जारी है। -संजय गोयल, प्रभारी निरीक्षक।