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हत्या में दो भाइयों सहित चार को उम्रकैद, जुर्माना
Updated Thu, 29 Jun 2017 10:03 AM IST
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बदायूं। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम नलिन कुमार श्रीवास्तव ने हत्या में नामजद दो सगे भाइयों समेत चार को दोषी करार देेते हुए उम्रकैद और सभी को 12-12 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की रकम में से बतौर मुआवजा आधी रकम वादी को देने का भी आदेश दिया है।
हत्या की वारदात थाना दातागंज के गांव मुढा में 12 जुलाई 2010 को हुई थी। गांव के ही नरेंद्र सिंह पुत्र छोटे लाल यादव ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह और उसका भाई भूरे सिंह बैठक की छत पर सो रहे थे और उसके पिता छोटे लाल पुत्र बलदेव बैठक के बाहर चबूतरे पर पेड़ के नीचे चारपाई पर सो रहे थे। रात में एक बजे के करीब शोर और गालीगलौज की आवाज पर उनकी आंख खुल गई तो देखा उसके पिता के पास गांव का सतीश उर्फ शीतपाल और धनपाल पुत्रगण मथुरा प्रसाद, नवदिया गांव का राजू यादव पुत्र मोती लाल और सबलपुर का अजय उर्फ अजईया पुत्र रामबहादुर अपने हाथों में नाजायज असलहे लिए हुए गाली देकर कह रहे थे कि पिछले साल तेरे लड़के ने जमीन के झगड़े में दो साथियों की हत्या कर दी थी, आज जिंदा नहीं छोड़ेंगे। चारों आरोपियों ने उसके पिता छोटे लाल को जान से मारने की नीयत से गोलियां चला दीं। गोली लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। न्यायाधीश नलिन कुमार श्रीवास्तव ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी प्रेमबाबू और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद हत्या में नामजद सतीश उर्फ शीतपाल, धनपाल, राजू यादव और अजय उर्फ अजईया को दोषी करार देेते हुए उम्रकैद सहित सभी को 12-12 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
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हत्या की वारदात थाना दातागंज के गांव मुढा में 12 जुलाई 2010 को हुई थी। गांव के ही नरेंद्र सिंह पुत्र छोटे लाल यादव ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह और उसका भाई भूरे सिंह बैठक की छत पर सो रहे थे और उसके पिता छोटे लाल पुत्र बलदेव बैठक के बाहर चबूतरे पर पेड़ के नीचे चारपाई पर सो रहे थे। रात में एक बजे के करीब शोर और गालीगलौज की आवाज पर उनकी आंख खुल गई तो देखा उसके पिता के पास गांव का सतीश उर्फ शीतपाल और धनपाल पुत्रगण मथुरा प्रसाद, नवदिया गांव का राजू यादव पुत्र मोती लाल और सबलपुर का अजय उर्फ अजईया पुत्र रामबहादुर अपने हाथों में नाजायज असलहे लिए हुए गाली देकर कह रहे थे कि पिछले साल तेरे लड़के ने जमीन के झगड़े में दो साथियों की हत्या कर दी थी, आज जिंदा नहीं छोड़ेंगे। चारों आरोपियों ने उसके पिता छोटे लाल को जान से मारने की नीयत से गोलियां चला दीं। गोली लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। न्यायाधीश नलिन कुमार श्रीवास्तव ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी प्रेमबाबू और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद हत्या में नामजद सतीश उर्फ शीतपाल, धनपाल, राजू यादव और अजय उर्फ अजईया को दोषी करार देेते हुए उम्रकैद सहित सभी को 12-12 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
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