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...तो मिठाई लेकर आए थे एएनएम के हत्यारे
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बदायूं। एएनएम मसर्रत बेगम की हत्या के मामले में कई तथ्य सामने आए हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि उन्हें फोन करके घर बुलाया गया था। वह जिला अस्पताल से सीधे बड़ी ज्यारत जाना चाहती थीं लेकिन फोन करने वाले की वजह से ज्यारत न जाकर सीधे घर पहुंच गईं। वहां फोन करने वाला बेसब्री से इंतजार कर रहा था, वह संभवत: उनके लिए पेड़े भी लेकर आया था। यह भी माना जा रहा है कि हत्या से पूर्व मिठाई खाई और खिलाई गई। किसी महिला के भी वहां होने की बात भी सामने आ रही है।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के खेड़ा नवादा सागर ताल कॉलोनी निवासी एएनएम मसर्रत बेगम के बारे में लोग बताते हैं कि वह घर पर भी मरीजों का छोटा-मोटा इलाज कर देतीं थीं। अस्पताल के भी कुछ मरीज अपनी समस्याओं को लेकर उनके घर आते थे। अब ऐसे में कौन उनकी हत्या कर गया, पुलिस उसकी तलाश में है। जिस दिन उनकी हत्या हुई, उसी समय से माना जा रहा है कि हत्यारे कोई और नहीं, एएनएम के परिचित थे। पुलिस ने हर एंगल से इस मामले की तह तक जाने का प्रयास किया, जिसमें उसे कुछ सफलता भी मिली। अब तक पुलिस की जांच में इतना पुष्ट हो गया है कि हत्यारे अंजान नहीं थे। वह एएनएम को अच्छी तरह जानते थे और वह भी उससे भलिभांति परिचित थीं। हत्या में कोई महिला भी शामिल थी, इसके भी कुछ प्रमाण मिल रहे हैं। हत्यारों के परिचित होने के कारण ही एएनएम ने बड़ी ज्यारत जाना टाल दिया। इधर, एएनएम के घर में हत्या वाले दिन पेड़ों का एक डिब्बा भी रखा मिला था। माना जा रहा है कि हत्यारे ही इसे लाए थे। नजदीकी होने की वजह से वे घर के अंदर चले गए। हत्या से पूर्व चाय नाश्ता भी किया गया। उसके बाद मिठाई खाई और खिलाई गई। बाद में एएनएम की हत्या की गई। पुलिस प्रयास में है कि इस वारदात का जल्द से जल्द खुलासा किया जाए और हत्यारों को बेनकाब किया जाए।
एएनएम हत्याकांड में यह भी साफ हो चुका है कि हत्यारे पहले से घर आते-जाते थे। उन्हें अच्छी तरह पता था कि एएनएम की बेटी किस समय घर से निकलने वाली है। यही वजह रही कि वे उसके निकलने के बाद ही घर में दाखिल हुए। वे पूरे घर से परिचित थे।
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मामले की जांच चल रही है, कुछ महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। जल्द ही एएनएम की हत्या की घटना का खुलासा कर दिया जाएगा।
-जितेंद्र श्रीवास्तव, एसपी सिटी
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सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के खेड़ा नवादा सागर ताल कॉलोनी निवासी एएनएम मसर्रत बेगम के बारे में लोग बताते हैं कि वह घर पर भी मरीजों का छोटा-मोटा इलाज कर देतीं थीं। अस्पताल के भी कुछ मरीज अपनी समस्याओं को लेकर उनके घर आते थे। अब ऐसे में कौन उनकी हत्या कर गया, पुलिस उसकी तलाश में है। जिस दिन उनकी हत्या हुई, उसी समय से माना जा रहा है कि हत्यारे कोई और नहीं, एएनएम के परिचित थे। पुलिस ने हर एंगल से इस मामले की तह तक जाने का प्रयास किया, जिसमें उसे कुछ सफलता भी मिली। अब तक पुलिस की जांच में इतना पुष्ट हो गया है कि हत्यारे अंजान नहीं थे। वह एएनएम को अच्छी तरह जानते थे और वह भी उससे भलिभांति परिचित थीं। हत्या में कोई महिला भी शामिल थी, इसके भी कुछ प्रमाण मिल रहे हैं। हत्यारों के परिचित होने के कारण ही एएनएम ने बड़ी ज्यारत जाना टाल दिया। इधर, एएनएम के घर में हत्या वाले दिन पेड़ों का एक डिब्बा भी रखा मिला था। माना जा रहा है कि हत्यारे ही इसे लाए थे। नजदीकी होने की वजह से वे घर के अंदर चले गए। हत्या से पूर्व चाय नाश्ता भी किया गया। उसके बाद मिठाई खाई और खिलाई गई। बाद में एएनएम की हत्या की गई। पुलिस प्रयास में है कि इस वारदात का जल्द से जल्द खुलासा किया जाए और हत्यारों को बेनकाब किया जाए।
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एएनएम हत्याकांड में यह भी साफ हो चुका है कि हत्यारे पहले से घर आते-जाते थे। उन्हें अच्छी तरह पता था कि एएनएम की बेटी किस समय घर से निकलने वाली है। यही वजह रही कि वे उसके निकलने के बाद ही घर में दाखिल हुए। वे पूरे घर से परिचित थे।
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मामले की जांच चल रही है, कुछ महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। जल्द ही एएनएम की हत्या की घटना का खुलासा कर दिया जाएगा।
-जितेंद्र श्रीवास्तव, एसपी सिटी