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जिला जेल की दीवार सुरक्षित, लगाए गए कटीले तार
Updated Sat, 30 Jun 2018 12:09 AM IST
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जिला जेल की दीवार सुरक्षित, लगाए गए कंटीले तार
बंदी सुमित के फरार होने के बाद चेता जेल प्रशासन, बढ़ाई सुरक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। जिला कारागार से बंदी फरार होने की घटना के बाद अब सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत कर दी गई है। जेल की दीवारों पर कंटीले ब्लेड युक्त तार लगवाए जा रहे हैं। जिससे कोई दूसरा बंदी या कैदी फरार होने की सोच भी न सके।
जेल अधीक्षक कैलाश पति त्रिपाठी ने बताया कि अमूमन जेल की दीवार की ऊंचाई करीब 22 से 24 फुट होनी चाहिए। परंतु बदायूं जिला कारागार की दीवार मात्र 16 फुट ऊंची है। कई बार उन्होंने इसके लिए उच्चाधिकारियों को लिखा था। डेढ़ साल पहले भी इसके लिए एक पत्र लिखा था। परंतु न तो दीवार ऊंची कराई गई और न ही कंटीले तार लगवाए गए। नतीजतन एक बंदी को जेल से भागने का मौका मिल गया और रस्सी के सहारे कूदकर फरार भी हो गया। इस घटना के बाद उच्चाधिकारियों ने भी मामले को संज्ञान में लिया। तब कहीं तार लगवाने के लिए बजट पास हुआ। अब जेल की दीवार पर कंटीले ब्लेड युक्त तार लगवाए जा रहे हैं। कुछ दीवार पर लग गया है। बाकी दीवार पर दो-एक दिन में कार्य पूरा हो जाएगा।
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जिला जेल की दीवार सुरक्षित, लगाए गए कंटीले तार
बंदी सुमित के फरार होने के बाद चेता जेल प्रशासन, बढ़ाई सुरक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। जिला कारागार से बंदी फरार होने की घटना के बाद अब सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत कर दी गई है। जेल की दीवारों पर कंटीले ब्लेड युक्त तार लगवाए जा रहे हैं। जिससे कोई दूसरा बंदी या कैदी फरार होने की सोच भी न सके।
जेल अधीक्षक कैलाश पति त्रिपाठी ने बताया कि अमूमन जेल की दीवार की ऊंचाई करीब 22 से 24 फुट होनी चाहिए। परंतु बदायूं जिला कारागार की दीवार मात्र 16 फुट ऊंची है। कई बार उन्होंने इसके लिए उच्चाधिकारियों को लिखा था। डेढ़ साल पहले भी इसके लिए एक पत्र लिखा था। परंतु न तो दीवार ऊंची कराई गई और न ही कंटीले तार लगवाए गए। नतीजतन एक बंदी को जेल से भागने का मौका मिल गया और रस्सी के सहारे कूदकर फरार भी हो गया। इस घटना के बाद उच्चाधिकारियों ने भी मामले को संज्ञान में लिया। तब कहीं तार लगवाने के लिए बजट पास हुआ। अब जेल की दीवार पर कंटीले ब्लेड युक्त तार लगवाए जा रहे हैं। कुछ दीवार पर लग गया है। बाकी दीवार पर दो-एक दिन में कार्य पूरा हो जाएगा।
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