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महिला सिपाहियों को बर्खास्त करने की मांग
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बदायूं। तीनों महिला सिपाहियों द्वारा अपनाया गया तरीका अब उल्टा पड़ता दिखाई दे रहा है। उन्होंने एसओ को सबक सिखाने के लिए झूठे आरोप लगाए थे और वीडियो वायरल किए थे। अब उनके ही फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। लोग तीनों महिला सिपाहियों को बर्खास्त करने की मांग कर रहे हैं।
कादरचौक थाने से एक दिन पहले हटाई गईं तीनों महिला सिपाहियों ने झूठे आरोप लगाते हुए एसओ हरिभान सिंह राठौड़ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। अपने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किए थे। इससे पुलिस विभाग में हड़कंप मचा तो इसकी गहनता से जांच की गई। जांच करने पहुंचे एसपी सिटी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव और सीओ उझानी विनय कुमार द्विवेदी ने दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया। नतीजा यह निकला कि तीनों महिला सिपाही दोषी पाई गईं। उन्होंने कार्य की अधिकता के चलते एसओ को नीचा दिखाने के लिए विभागीय नियमों को ताक पर रख दिया। उन्हें सबक सिखाने के लिए हर प्रयास किए। उनके वायरल किए गए वीडियो आज भी सोशल मीडिया पर चल रहे हैं। वहीं दूसरी ओर महिला सिपाहियों के फोटो फेसबुक पर वायरल हो रहे हैं। फेसबुक पर उनके खिलाफ पोस्ट डाली जा रहीं हैं। उनमें तरह तरह के कमेंट किए जा रहे हैं। अधिकतर लोगों ने महिला सिपाहियों को बर्खास्त करने की मांग की है। कई लोगों ने यह भी लिखा है कि हर बार मामले में पुरुष ही गलत नहीं होते।
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कादरचौक थाने से एक दिन पहले हटाई गईं तीनों महिला सिपाहियों ने झूठे आरोप लगाते हुए एसओ हरिभान सिंह राठौड़ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। अपने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किए थे। इससे पुलिस विभाग में हड़कंप मचा तो इसकी गहनता से जांच की गई। जांच करने पहुंचे एसपी सिटी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव और सीओ उझानी विनय कुमार द्विवेदी ने दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया। नतीजा यह निकला कि तीनों महिला सिपाही दोषी पाई गईं। उन्होंने कार्य की अधिकता के चलते एसओ को नीचा दिखाने के लिए विभागीय नियमों को ताक पर रख दिया। उन्हें सबक सिखाने के लिए हर प्रयास किए। उनके वायरल किए गए वीडियो आज भी सोशल मीडिया पर चल रहे हैं। वहीं दूसरी ओर महिला सिपाहियों के फोटो फेसबुक पर वायरल हो रहे हैं। फेसबुक पर उनके खिलाफ पोस्ट डाली जा रहीं हैं। उनमें तरह तरह के कमेंट किए जा रहे हैं। अधिकतर लोगों ने महिला सिपाहियों को बर्खास्त करने की मांग की है। कई लोगों ने यह भी लिखा है कि हर बार मामले में पुरुष ही गलत नहीं होते।
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