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वो कौन थी युवती?..अब तक नहीं सुलझी पहेली
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वो कौन थी युवती?..अब
तक नहीं सुलझी पहेली
बदायूं। बिनावर कस्बे के नजदीक बंद पड़े भट्ठे की बिल्डिंग में 10 दिसंबर को एक युवती की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उसकी उम्र करीब 20-22 साल होगी। युवती कौन थी, कहां की रहने वाली थी? आज तक कुछ पता नहीं चला। यह पुलिस के लिए सबसे बड़ा सवाल है।
भट्ठे की बिल्डिंग में युवती का शव सबसे पहले चरवाहों ने देखा था, जो उस समय भट्ठा परिसर में अपने मवेशी चरा रहे थे। उन्होंने ही इसकी पुलिस को सूचना दी थी। तब कहीं पुलिस और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। पुलिस ने उसी समय मान लिया था कि युवती की हत्या दिन में किसी समय की गई होगी। हत्या किसने की और क्यों की, इसका पता नहीं चला था। युवती गुलाबी और सफेद रंग की पट्टीदार जर्सी तो नारंगी रंग की पजामी पहने थी। पुलिस ने उसकी पहचान के लिए आस-पास थानों और जिलों में सूचना भिजवाई। पंफलेट छपवा कर इधर-उधर चस्पा किए गए। जिले से लापता युवतियों का रिकार्ड खंगाला गया। तीन दिन युवती का शव मोर्चरी में रखा रहा। बाद में पोस्टमार्टम करवा कर अंतिम संस्कार कर दिया गया लेकिन युवती की शिनाख्त नहीं हो सकी। पुलिस को यकीन है कि युवती बदायूं जिले की नहीं थी। अगर वह जिले की होती तो शायद शिनाख्त हो गई होती और उसके हत्यारे का पता भी चल गया होता परंतु आज तक उसकी पहचान ही नहीं हो सकी। आज भी पुलिस के लिए सवाल बरकरार है कि वो युवती कौन थी? कहां की रहने वाली थी? उसकी हत्या किसने और क्यों की गई?
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तक नहीं सुलझी पहेली
बदायूं। बिनावर कस्बे के नजदीक बंद पड़े भट्ठे की बिल्डिंग में 10 दिसंबर को एक युवती की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उसकी उम्र करीब 20-22 साल होगी। युवती कौन थी, कहां की रहने वाली थी? आज तक कुछ पता नहीं चला। यह पुलिस के लिए सबसे बड़ा सवाल है।
भट्ठे की बिल्डिंग में युवती का शव सबसे पहले चरवाहों ने देखा था, जो उस समय भट्ठा परिसर में अपने मवेशी चरा रहे थे। उन्होंने ही इसकी पुलिस को सूचना दी थी। तब कहीं पुलिस और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। पुलिस ने उसी समय मान लिया था कि युवती की हत्या दिन में किसी समय की गई होगी। हत्या किसने की और क्यों की, इसका पता नहीं चला था। युवती गुलाबी और सफेद रंग की पट्टीदार जर्सी तो नारंगी रंग की पजामी पहने थी। पुलिस ने उसकी पहचान के लिए आस-पास थानों और जिलों में सूचना भिजवाई। पंफलेट छपवा कर इधर-उधर चस्पा किए गए। जिले से लापता युवतियों का रिकार्ड खंगाला गया। तीन दिन युवती का शव मोर्चरी में रखा रहा। बाद में पोस्टमार्टम करवा कर अंतिम संस्कार कर दिया गया लेकिन युवती की शिनाख्त नहीं हो सकी। पुलिस को यकीन है कि युवती बदायूं जिले की नहीं थी। अगर वह जिले की होती तो शायद शिनाख्त हो गई होती और उसके हत्यारे का पता भी चल गया होता परंतु आज तक उसकी पहचान ही नहीं हो सकी। आज भी पुलिस के लिए सवाल बरकरार है कि वो युवती कौन थी? कहां की रहने वाली थी? उसकी हत्या किसने और क्यों की गई?
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