{"_id":"5a0afba14f1c1bc9678bb915","slug":"141510669217-budaun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"युवक की हत्या के जुर्म में तीन लोगों को उम्रकैद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
युवक की हत्या के जुर्म में तीन लोगों को उम्रकैद
Updated Tue, 14 Nov 2017 11:10 PM IST
विज्ञापन
चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
- फोटो : file photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं। पुरानी रंजिश में की गई एक युवक की हत्या और दूसरे को गंभीर रूप से घायल करने के जुर्म में तीन लोगों को स्पेशल जज एससी-एसटी एक्ट पंकज कुमार अग्रवाल ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। तीन लोगों पर 3.70 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है।
यह वारदात करीब छह साल पहले थाना दातागंज के गांव पवौरा में घटी थी। वादी वीरपाल पुत्र रूमसिंह ने 28 अप्रैल 2012 को दातागंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक वीरपाल का छोटा भाई वीरेश पाल घटना वाले दिन करीब चार बजे खेत पर गेहूं निकलवाने जा रहा था। वह रास्ते में धनपाल के घर के पास पहुंचा। वहां पहले से घात लगाए बैठे गांव के डूम सिंह उर्फ शिवकुमार पुत्र सुखपाल सिंह, उपदेश उर्फ हौलू पुत्र अजयपाल तथा करीमगंज गांव निवासी गंगा सहाय पुत्र पातीराम ने रायफल और बंदूक से अंधाधुंध गोलियां बरसाना शुरू कर दीं। हमलावरों की गोली लगने से वीरेश की मौके पर मौत हो गई। घटनास्थल के पास मौजूद उसी गांव का कल्लू गोली लगने से घायल हो गया था।
स्पेशल जज पंकज अग्रवाल ने मुकदमे की सुनवाई के दौरान पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी रईस अहमद और बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद हत्या में नामजद डूम सिंह, उपदेश और गंगासहाय को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। तीनों पर तीन लाख 70 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। राशि अदा करने पर आधी रकम मृतक के भाई वीरपाल को देने के भी आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
यह वारदात करीब छह साल पहले थाना दातागंज के गांव पवौरा में घटी थी। वादी वीरपाल पुत्र रूमसिंह ने 28 अप्रैल 2012 को दातागंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक वीरपाल का छोटा भाई वीरेश पाल घटना वाले दिन करीब चार बजे खेत पर गेहूं निकलवाने जा रहा था। वह रास्ते में धनपाल के घर के पास पहुंचा। वहां पहले से घात लगाए बैठे गांव के डूम सिंह उर्फ शिवकुमार पुत्र सुखपाल सिंह, उपदेश उर्फ हौलू पुत्र अजयपाल तथा करीमगंज गांव निवासी गंगा सहाय पुत्र पातीराम ने रायफल और बंदूक से अंधाधुंध गोलियां बरसाना शुरू कर दीं। हमलावरों की गोली लगने से वीरेश की मौके पर मौत हो गई। घटनास्थल के पास मौजूद उसी गांव का कल्लू गोली लगने से घायल हो गया था।
विज्ञापन
स्पेशल जज पंकज अग्रवाल ने मुकदमे की सुनवाई के दौरान पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी रईस अहमद और बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद हत्या में नामजद डूम सिंह, उपदेश और गंगासहाय को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। तीनों पर तीन लाख 70 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। राशि अदा करने पर आधी रकम मृतक के भाई वीरपाल को देने के भी आदेश दिए हैं।
विज्ञापन