{"_id":"5ca1015bbdec22144631905d","slug":"121554055515-budaun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पिस्टल मामले में स्थानीय पुलिस की कार्रवाई की भी हो रही जांच","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पिस्टल मामले में स्थानीय पुलिस की कार्रवाई की भी हो रही जांच
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं। मुंगेर की पिस्टल सप्लाई करने वाले धंधेबाजों को बरेली की क्राइम ब्रांच के जांच शुरू करने की बात पता चलने पर खुद की गर्दन फंसती महसूस होने लगी है। क्राइम ब्रांच स्थानीय पुलिस की पूर्व में की गई कार्रवाई की भी जांच कर रही है। खुद की गर्दन फंसती देखकर धंधेबाज न सिर्फ रसूखदारों से संपर्क साधने में लग गए हैं वहीं उन अधिकारियों पर भी दबाव बना रहे हैं, जिन्हें मोटी रकम देकर उन्होंने उस समय अपनी गर्दन बचा ली थी। बताते हैं कि इधर क्राइम ब्रांच ने भी सारे तथ्य एकत्र कर लिए हैं। माना जा रहा है कि जल्द ही टीम इन धंधेबाजों पर शिकंजा कस सकती है।
नवंबर-18 में पुलिस ने छापा मारकर एक नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन के नौकर समेत नौ लोगों को पकड़ा था। उनके पास से मुंगेर की आठ पिस्टल बरामद हुईं थीं। पूर्व चेयरमैन व उनके बेटे समेत कई लोगों को पुलिस ने उस रात उठाया था। बताते हैं कि जब पुलिस टीम को इसकी जानकारी हुई कि इसमें कई मालदार भी फंसे हैं तो पुलिस ने कार्रवाई के बजाय सौदेबाजी शुरू कर दी। मोटा पैसा देखकर कुछ अधिकारी भी इसमें लिप्त हो गए और रात में कई लोगों को पकड़ने के बाद उनसे मोटी रकम वसूलकर उनको छोड़ दिया गया। अगले दिन केवल नौ लोगों के साथ आठ पिस्टल की बरामदगी दिखाई गई। शिकायत एडीजी तक पहुंचने पर मामले की जांच डीआईजी राजेश कुुमार पांडेय को दी गई। डीआईजी शुरू से ही इस मामले पर नजर बनाए रहे, जिसमें कुछ स्थानीय वरिष्ठ अधिकारियों की संलिप्तता भी नजर आई। इसके बाद से जांच बरेली क्राइम ब्रांच कर रही है। खुद को फंसता देखकर धंधेबाजों ने रसूखदारों और कुछ जनप्रतिनिधियों के संपर्क तेज कर दिया है। वे उन अधिकारियों पर भी दबाव बना रहे हैं जिन्हें मोटी रकम देकर मामले को दबा दिया गया था। ऐसे में उन अधिकारियों की सिरदर्दी बढ़ गई है और वे कैसे भी इस मामले को निपटाने में लगे हैं।
छह थानों से और 17 अन्य स्थानों से छोड़े थे आरोपी
बदायूं। पुलिस विभाग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक जिस रात पुलिस ने नौ लोगों की गिरफ्तारी दिखाई थी उस दिन ही छह लोगों को थाने से और 17 लोगों को उनके घर या अन्य जगहों से पकड़कर छोड़ा गया था। इन छह लोगों में नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन और उनके बेटे समेत प्रोफेसर कॉलोनी निवासी स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत एक व्यक्ति, कबूलपुरा निवासी एक व्यक्ति, चौधरी सराय निवासी दो व्यक्ति तथा चंदौसी का एक व्यक्ति शामिल था, जबकि 17 लोगों में शास्त्री नगर, लोटनपुरा, लालपुल, लोचीनगला, गौरामई, मूसाझाग के लोग थे। कांशीराम कॉलोनी निवासी एक व्यक्ति पिस्टल सप्लायर के रूप में कार्य करता था। वह मुख्य धंधेबाज से पिस्टल लेकर बेचता था, जिसमें उसे दो से तीन हजार रुपये प्रति पिस्टल के हिसाब से कमीशन मिलता था।
विज्ञापन
विवेचना चल रही है। विवेचक केस डायरी लेकर लेकर आए हैं। अब तक स्थानीय पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की भी जांच की जा रही है। विवेचक ने घटनास्थल समेत अन्य तथ्यों को देखकर पूरा सेट बना लिया है। फिलहाल वह एविडेंस के लिए बाहर गए हैं। सोमवार को वह आएंगे तो उनसे प्रगति की जानकारी ली जाएगी।
-रमेश भारतीय, एसपी, क्राइम, बरेली
विज्ञापन
नवंबर-18 में पुलिस ने छापा मारकर एक नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन के नौकर समेत नौ लोगों को पकड़ा था। उनके पास से मुंगेर की आठ पिस्टल बरामद हुईं थीं। पूर्व चेयरमैन व उनके बेटे समेत कई लोगों को पुलिस ने उस रात उठाया था। बताते हैं कि जब पुलिस टीम को इसकी जानकारी हुई कि इसमें कई मालदार भी फंसे हैं तो पुलिस ने कार्रवाई के बजाय सौदेबाजी शुरू कर दी। मोटा पैसा देखकर कुछ अधिकारी भी इसमें लिप्त हो गए और रात में कई लोगों को पकड़ने के बाद उनसे मोटी रकम वसूलकर उनको छोड़ दिया गया। अगले दिन केवल नौ लोगों के साथ आठ पिस्टल की बरामदगी दिखाई गई। शिकायत एडीजी तक पहुंचने पर मामले की जांच डीआईजी राजेश कुुमार पांडेय को दी गई। डीआईजी शुरू से ही इस मामले पर नजर बनाए रहे, जिसमें कुछ स्थानीय वरिष्ठ अधिकारियों की संलिप्तता भी नजर आई। इसके बाद से जांच बरेली क्राइम ब्रांच कर रही है। खुद को फंसता देखकर धंधेबाजों ने रसूखदारों और कुछ जनप्रतिनिधियों के संपर्क तेज कर दिया है। वे उन अधिकारियों पर भी दबाव बना रहे हैं जिन्हें मोटी रकम देकर मामले को दबा दिया गया था। ऐसे में उन अधिकारियों की सिरदर्दी बढ़ गई है और वे कैसे भी इस मामले को निपटाने में लगे हैं।
विज्ञापन
छह थानों से और 17 अन्य स्थानों से छोड़े थे आरोपी
बदायूं। पुलिस विभाग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक जिस रात पुलिस ने नौ लोगों की गिरफ्तारी दिखाई थी उस दिन ही छह लोगों को थाने से और 17 लोगों को उनके घर या अन्य जगहों से पकड़कर छोड़ा गया था। इन छह लोगों में नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन और उनके बेटे समेत प्रोफेसर कॉलोनी निवासी स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत एक व्यक्ति, कबूलपुरा निवासी एक व्यक्ति, चौधरी सराय निवासी दो व्यक्ति तथा चंदौसी का एक व्यक्ति शामिल था, जबकि 17 लोगों में शास्त्री नगर, लोटनपुरा, लालपुल, लोचीनगला, गौरामई, मूसाझाग के लोग थे। कांशीराम कॉलोनी निवासी एक व्यक्ति पिस्टल सप्लायर के रूप में कार्य करता था। वह मुख्य धंधेबाज से पिस्टल लेकर बेचता था, जिसमें उसे दो से तीन हजार रुपये प्रति पिस्टल के हिसाब से कमीशन मिलता था।
विज्ञापन
विवेचना चल रही है। विवेचक केस डायरी लेकर लेकर आए हैं। अब तक स्थानीय पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की भी जांच की जा रही है। विवेचक ने घटनास्थल समेत अन्य तथ्यों को देखकर पूरा सेट बना लिया है। फिलहाल वह एविडेंस के लिए बाहर गए हैं। सोमवार को वह आएंगे तो उनसे प्रगति की जानकारी ली जाएगी।
-रमेश भारतीय, एसपी, क्राइम, बरेली