{"_id":"5c3dcd21bdec2273a92481bb","slug":"11547554081-budaun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अभिलेखों की सच्चाई खंगालने में जुटी एसआईटी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
अभिलेखों की सच्चाई खंगालने में जुटी एसआईटी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं। तीन करोड़ के खाद घोटाले में पीसीएफ द्वारा जो अभिलेख सौंपे गए, एसआईटी उनकी सच्चाई जानने में जुट गई है। एक-एक अभिलेख को गंभीरता से चेक किया जा रहा है। आंवला से कितनी खाद आई, कौन से गोदाम में रखी गई, खाद रास्ते से गायब हुई या फिर गोदाम से लोडिंग की गई, अभी इसका खुलासा नहीं हुआ है। फिलहाल अभिलेखों में कितनी सच्चाई है, इसको प्रमुखता से लिया गया है।
पीसीएफ के जिला प्रबंधक अशोक कुमार ने दो दिन पहले ही एसआईटी को खाद घोटाले के संबंध में अभिलेख सौंपे थे। इन अभिलेखों में वही कागजात पाए गए जो खाद खरीदारी से संबंधित थे। बाकी खाद कहां से कितनी गई, कैसे गई और कब गई, इसका कोई रिकॉर्ड मौजूद नहीं मिला। इससे यह तो साबित हो गया कि घोटालेबाज खाद गायब करते रहे लेकिन उसका रिकॉर्ड मेनटेन नहीं कर पाए। रिकॉर्ड तैयार न करने की वजह या तो घोटालेबाजों की दबंगई रही या फिर उनके ऊपर ऐसे व्यक्ति का हाथ था, जो खाद घोटाले को शह दे रहा था। इस घोटाले में कौन-कौन शामिल रहा, यह तो जांच में साफ हो जाएगा, फिलहाल एसआईटी अभिलेखों की सच्चाई को वरीयता दे रही है। जिला प्रबंधक द्वारा जो कागजात सौंपे गए हैं, उनमें कितनी सच्चाई है, कितनी खाद आंवला से आई थी, कब आई, कैसे आई, एसआईटी अभिलेखों के हिसाब से इसकी जांच कर रही है। खाद आने के रिकॉर्ड का मिलान होते ही खाद कितनी गायब हुई, इसको चेक किया जाएगा।
--------------------
गोदाम से नहीं हटे ट्रक
पीसीएफ कार्यालय से सटे गोदाम में काफी समय से कई ट्रक खड़े हैं, जिनका गोदाम से कोई लेना देना भी नहीं है। जिला प्रबंधक ने इन ट्रकों को हटवाने को नोटिस जारी करने को कहा था, परंतु अब तक न तो नोटिस जारी किया गया है और न ही ट्रक हटवाए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
पीसीएफ के जिला प्रबंधक अशोक कुमार ने दो दिन पहले ही एसआईटी को खाद घोटाले के संबंध में अभिलेख सौंपे थे। इन अभिलेखों में वही कागजात पाए गए जो खाद खरीदारी से संबंधित थे। बाकी खाद कहां से कितनी गई, कैसे गई और कब गई, इसका कोई रिकॉर्ड मौजूद नहीं मिला। इससे यह तो साबित हो गया कि घोटालेबाज खाद गायब करते रहे लेकिन उसका रिकॉर्ड मेनटेन नहीं कर पाए। रिकॉर्ड तैयार न करने की वजह या तो घोटालेबाजों की दबंगई रही या फिर उनके ऊपर ऐसे व्यक्ति का हाथ था, जो खाद घोटाले को शह दे रहा था। इस घोटाले में कौन-कौन शामिल रहा, यह तो जांच में साफ हो जाएगा, फिलहाल एसआईटी अभिलेखों की सच्चाई को वरीयता दे रही है। जिला प्रबंधक द्वारा जो कागजात सौंपे गए हैं, उनमें कितनी सच्चाई है, कितनी खाद आंवला से आई थी, कब आई, कैसे आई, एसआईटी अभिलेखों के हिसाब से इसकी जांच कर रही है। खाद आने के रिकॉर्ड का मिलान होते ही खाद कितनी गायब हुई, इसको चेक किया जाएगा।
विज्ञापन
--------------------
गोदाम से नहीं हटे ट्रक
पीसीएफ कार्यालय से सटे गोदाम में काफी समय से कई ट्रक खड़े हैं, जिनका गोदाम से कोई लेना देना भी नहीं है। जिला प्रबंधक ने इन ट्रकों को हटवाने को नोटिस जारी करने को कहा था, परंतु अब तक न तो नोटिस जारी किया गया है और न ही ट्रक हटवाए गए हैं।
विज्ञापन