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सराफ के किसी ग्राहक ने तो नहीं डाली फेसबुक पर पोस्ट
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बदायूूं। फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर मुख्यमंत्री की सभा को दहलाने और प्रधानमंत्री को जान से मारने की धमकी की पोस्ट डालने वाला कोई स्थानीय व्यक्ति या सराफा व्यापारी का कोई ग्राहक भी हो सकता है। हो सकता है कि उसकी कोई पुरानी रंजिश हो या फिर व्यापारी को परेशान करने की नीयत जो उसने देशद्रोह से जुड़ी पोस्ट की।
जिस नाम की फर्जी आईडी बनाई गई, वो सराफ दिलीप वर्मा हैं। जरीफनगर के मुख्य बाजार में उनकी सोने चांदी की दुकान है। उन्होंने काफी समय पहले ग्राहकों को देने के लिए अपनी दुकान के नाम से पर्स प्रिंट कराए थे। पर्स पर उनके चार मोबाइल नंबर भी लिखे थे। हालांकि चार मोबाइल नंबरों में से दो नंबर करीब छह माह पूर्व वह बंद कर चुके हैं लेकिन चार मोबाइल नंबर लिखे पर्स अब भी बचे हुए हैं। जो ग्राहक आता है, उसे वह पर्स जेवर के साथ देते हैं।
उनके नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाने वाले को नहीं पता था कि दो मोबाइल नंबर बंद हैं। इसके बावजूद उसने फेसबुक पर धमकी भरी पोस्ट के नीचे पाक जिंदाबाद के नारे और उनके चारों मोबाइल नंबर लिखे। इससे माना जा रहा है कि फेसबुक पर पोस्ट करने वाला दिलीप वर्मा की दुकान पर गया होगा। चारो मोबाइल नंबर पर्स से लेकर लिखे गए थे। उनका फोटो असली फेसबुक आईडी से डाउनलोड करके लिया गया था। हालांकि इस मामले में पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है लेकिन पुलिस को भी विश्वास है कि फेसबुक पर पोस्ट डालने वाला कोई बाहरी नहीं हो सकता।
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फेसबुक प्रकरण की जांच में हम लगे हैं। साइबर सेल भी इसकी जांच कर रही है। कैलिफोर्निया से जो डाटा मांगा गया है, उसके आने के बाद ही पता चलेगा कि किसने फेसबुक पर धमकी भरी पोस्ट डाली थी।
-पंकज लवानियां, इंस्पेक्टर जरीफनगर
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जिस नाम की फर्जी आईडी बनाई गई, वो सराफ दिलीप वर्मा हैं। जरीफनगर के मुख्य बाजार में उनकी सोने चांदी की दुकान है। उन्होंने काफी समय पहले ग्राहकों को देने के लिए अपनी दुकान के नाम से पर्स प्रिंट कराए थे। पर्स पर उनके चार मोबाइल नंबर भी लिखे थे। हालांकि चार मोबाइल नंबरों में से दो नंबर करीब छह माह पूर्व वह बंद कर चुके हैं लेकिन चार मोबाइल नंबर लिखे पर्स अब भी बचे हुए हैं। जो ग्राहक आता है, उसे वह पर्स जेवर के साथ देते हैं।
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उनके नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाने वाले को नहीं पता था कि दो मोबाइल नंबर बंद हैं। इसके बावजूद उसने फेसबुक पर धमकी भरी पोस्ट के नीचे पाक जिंदाबाद के नारे और उनके चारों मोबाइल नंबर लिखे। इससे माना जा रहा है कि फेसबुक पर पोस्ट करने वाला दिलीप वर्मा की दुकान पर गया होगा। चारो मोबाइल नंबर पर्स से लेकर लिखे गए थे। उनका फोटो असली फेसबुक आईडी से डाउनलोड करके लिया गया था। हालांकि इस मामले में पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है लेकिन पुलिस को भी विश्वास है कि फेसबुक पर पोस्ट डालने वाला कोई बाहरी नहीं हो सकता।
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-पंकज लवानियां, इंस्पेक्टर जरीफनगर