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अंबेडकर प्रतिमाओं पर पुलिस गंभीर, चौकीदार भी रखेंगे नजर
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बदायूं
Updated Wed, 04 Apr 2018 07:19 PM IST
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Ambedkar statue
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जहां भी अंबेडकर प्रतिमाएं स्थापित हैं, सुरक्षा के लिहाज से उनकी देखरेख के लिए पुलिस ने कवायद करते हुए ऐसे लोगों की कमेटियां को प्रभावी बनाना शुरू कर दिया है जो प्रतिमा स्थल से सीधे ताल्लुक रखती हैं। कमेटियों में ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों के साथ बीट का सिपाही और गांव का चौकीदार भी शामिल हैं। उनकी नजर रोजाना ही प्रतिमाओं पर रहेगी।
खासकर एससी/ एसटी कानून समेत आने वाले दिनों में अंबेडकर जयंती के मद्देनजर पुलिस की सतर्कता किसी एक इलाके के लिए नहीं बल्कि सभी थाना क्षेत्र में रहेगी। निगरानी के लिए कमेटियां यूं तो काफी पहले बन चुकी है लेकिन कमेटियों के प्रभावी न होने से पुलिस को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। अंबेडकर प्रतिमाएं अगर शहर-कस्बों में स्थापित हैं तो उनकी देखरेख के लिए संबंधित मोहल्ले के वार्ड मेंबर भी जिम्मेदारी निभाएंगे। ग्रामीण क्षेत्र में प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक और बीट के सिपाही के साथ गांव के चौकीदार को भी जवाबदेह माना जाएगा। कमेटी के सदस्य रोजाना ही प्रतिमा स्थलों पर नजर रखेंगे। उन्हें सुरक्षा को लेकर किसी तरह शंका-आशंका होगी तो वह बीट के सिपाही या हल्का इंचार्ज दरोगा के जरिए थाना प्रभारी को अवगत कराएंगे।
हर थाने में होगा प्रतिमा स्थल के आसपास का ब्योरा
उझानी। नई कवायद के तहत हल्का इंचार्ज दरोगाओं ने गांवों में पहुंचकर ऐसी जानकारियां जुटानी शुरू कर दी हैं जो सुरक्षा के लिए बेहतर साबित होंगी। प्रतिमा स्थल के आसपास के लोगों के बारे में पुलिस को पूरी जानकारी होगी। प्रतिमा स्थल के आसपास किसका घर है, यह भी पुलिस को पता होगा। इसके अलावा प्रतिमाओं को लेकर पूर्व की स्थिति को भी संज्ञान में रखा जाएगा।
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कमेटियां पहले से काम कर रही हैं। उनसे जुड़े लोगों को सजग रखने के लिए पुलिस बीच-बीच में सुझाव और दिशा-निर्देशों का आदान-प्रदान करती रहती है। कमेटियों को प्रभावी बनाया जा रहा है। जिम्मेदारी तय हो जाने से अच्छा नतीजा सामने आता है। प्रतिमाओं को लेकर पुलिस शुरू से ही सतर्क है।- अशोक कुमार, एसएसपी।
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खासकर एससी/ एसटी कानून समेत आने वाले दिनों में अंबेडकर जयंती के मद्देनजर पुलिस की सतर्कता किसी एक इलाके के लिए नहीं बल्कि सभी थाना क्षेत्र में रहेगी। निगरानी के लिए कमेटियां यूं तो काफी पहले बन चुकी है लेकिन कमेटियों के प्रभावी न होने से पुलिस को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। अंबेडकर प्रतिमाएं अगर शहर-कस्बों में स्थापित हैं तो उनकी देखरेख के लिए संबंधित मोहल्ले के वार्ड मेंबर भी जिम्मेदारी निभाएंगे। ग्रामीण क्षेत्र में प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक और बीट के सिपाही के साथ गांव के चौकीदार को भी जवाबदेह माना जाएगा। कमेटी के सदस्य रोजाना ही प्रतिमा स्थलों पर नजर रखेंगे। उन्हें सुरक्षा को लेकर किसी तरह शंका-आशंका होगी तो वह बीट के सिपाही या हल्का इंचार्ज दरोगा के जरिए थाना प्रभारी को अवगत कराएंगे।
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हर थाने में होगा प्रतिमा स्थल के आसपास का ब्योरा
उझानी। नई कवायद के तहत हल्का इंचार्ज दरोगाओं ने गांवों में पहुंचकर ऐसी जानकारियां जुटानी शुरू कर दी हैं जो सुरक्षा के लिए बेहतर साबित होंगी। प्रतिमा स्थल के आसपास के लोगों के बारे में पुलिस को पूरी जानकारी होगी। प्रतिमा स्थल के आसपास किसका घर है, यह भी पुलिस को पता होगा। इसके अलावा प्रतिमाओं को लेकर पूर्व की स्थिति को भी संज्ञान में रखा जाएगा।
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कमेटियां पहले से काम कर रही हैं। उनसे जुड़े लोगों को सजग रखने के लिए पुलिस बीच-बीच में सुझाव और दिशा-निर्देशों का आदान-प्रदान करती रहती है। कमेटियों को प्रभावी बनाया जा रहा है। जिम्मेदारी तय हो जाने से अच्छा नतीजा सामने आता है। प्रतिमाओं को लेकर पुलिस शुरू से ही सतर्क है।- अशोक कुमार, एसएसपी।