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नई सराय के हिस्ट्रीशीटर ने खुद को मारी थी गोली
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बदायूं। नई सराय मोहल्ले के हिस्ट्रीशीटर को गोली मारने के मामले में कोतवाली पुलिस की जांच पूरी हो गई है। इसमें तमाम सुबूतों और गवाहों से बातचीत के बाद सामने आया है कि हिस्ट्रीशीटर ने ही खुद को गोली मारी थी।
मामला 22 अगस्त का है। उस दिन सुबह करीब 11 बजे नई सराय मोहल्ले के हिस्ट्रीशीटर शहजाद पुत्र सुल्तान को हाथ में गोली लगी थी। उसके परिवार वाले उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। सूचना पर कोतवाली पुलिस भी पहुंच गई। जानकारी लेने पर शहजाद ने बताया था कि उसने अपने मौसेरे भाई आसिफ शेख को 11 लाख रुपये उधार दिए थे। वह कई बार अपने रुपये मांग चुका था लेकिन आसिफ उसके रुपये नहीं दे रहा था। इससे वह रुपये लेने उसके घर गया था, तभी उसने गोली मार दी।
कोतवाली पुलिस उसी दिन हाथ का घाव देखकर मामला संदिग्ध मान रही थी। इसके बावजूद पुलिस ने तहरीर के आधार पर तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। इंस्पेक्टर हरपाल सिंह बालियान ने बताया कि विवेचना के दौरान पुलिस को कई अहम बातें पता चलीं। सामने आया कि आसिफ शेख ने 11 नहीं बल्कि छह लाख रुपये उधार लिए थे। वह इससे ज्यादा लौटा भी चुका था। इसके बावजूद हिस्ट्रीशीटर उस पर 11 लाख रुपये बकाया बता रहा था।
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उसके जिस हाथ में गोली लगी थी, वह एक हादसे के बाद कम ही काम कर रहा था। इसके अलावा उसने जो गवाह बताए थे, उन्होंने घटना से इन्कार कर दिया।
हिस्ट्रीशीटर के घर से पुलिस तमंचा पहले ही बरामद कर चुकी थी। सारे सुबूतों और गवाहों के बयानात के आधार पर स्पष्ट हुआ है कि हिस्ट्रीशीटर ने खुद ही गोली मारी थी, जिससे आसिफ डरकर उसे रुपये दे दे। खैर पुलिस पर अगली कार्रवाई में जुट गई है।
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मामला 22 अगस्त का है। उस दिन सुबह करीब 11 बजे नई सराय मोहल्ले के हिस्ट्रीशीटर शहजाद पुत्र सुल्तान को हाथ में गोली लगी थी। उसके परिवार वाले उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। सूचना पर कोतवाली पुलिस भी पहुंच गई। जानकारी लेने पर शहजाद ने बताया था कि उसने अपने मौसेरे भाई आसिफ शेख को 11 लाख रुपये उधार दिए थे। वह कई बार अपने रुपये मांग चुका था लेकिन आसिफ उसके रुपये नहीं दे रहा था। इससे वह रुपये लेने उसके घर गया था, तभी उसने गोली मार दी।
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कोतवाली पुलिस उसी दिन हाथ का घाव देखकर मामला संदिग्ध मान रही थी। इसके बावजूद पुलिस ने तहरीर के आधार पर तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। इंस्पेक्टर हरपाल सिंह बालियान ने बताया कि विवेचना के दौरान पुलिस को कई अहम बातें पता चलीं। सामने आया कि आसिफ शेख ने 11 नहीं बल्कि छह लाख रुपये उधार लिए थे। वह इससे ज्यादा लौटा भी चुका था। इसके बावजूद हिस्ट्रीशीटर उस पर 11 लाख रुपये बकाया बता रहा था।
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उसके जिस हाथ में गोली लगी थी, वह एक हादसे के बाद कम ही काम कर रहा था। इसके अलावा उसने जो गवाह बताए थे, उन्होंने घटना से इन्कार कर दिया।
हिस्ट्रीशीटर के घर से पुलिस तमंचा पहले ही बरामद कर चुकी थी। सारे सुबूतों और गवाहों के बयानात के आधार पर स्पष्ट हुआ है कि हिस्ट्रीशीटर ने खुद ही गोली मारी थी, जिससे आसिफ डरकर उसे रुपये दे दे। खैर पुलिस पर अगली कार्रवाई में जुट गई है।