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उपकेंद्र पर ताला डालकर कर्मचारी भागे, कई गांवों की सप्लाई हुई ठप
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बिनावर विद्युत उपकेंद्र के दरवाजे पर पड़ा ताला। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बिनावर (बदायूं)। बिनावर विद्युत उपकेंद्र में करंट लगने से मरे प्राइवेट लाइनमैन के मामले में पुलिस ने जेई सतीश और संविदा लाइनमैन जसराज उर्फ बबलू के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। उपकेंद्र के कर्मचारी ताला डालकर भाग गए हैं। इससे कई गांवों की सप्लाई ठप हो गई है। प्राइवेट लाइनमैन के शव का पोस्टमार्टम कराकर मामले में छानबीन शुरू कर दी गई है।
बृहस्पतिवार शाम बिनावर विद्युत उपकेंद्र में करंट लगने से 30 वर्षीय बहादुरी की मौत हो गई थी। परिवार वालों के मुताबिक बहादुरी उपकेंद्र पर प्राइवेट लाइनमैन के रूप में काम कर रहा था। शाम के समय उपकेंद्र पर मौजूद कर्मचारियों ने उसे एक तार ठीक करने के लिए पोल पर चढ़ा दिया था। उसे बताया गया था कि तार ठीक करने के लिए शटडाउन ले लिया गया है। इससे पहले कि वह तार ठीक करके नीचे उतरता, करंट लगने से बहादुरी ऊपर ही चिपक गया। उसे उतारकर बरेली ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। इस पर बहादुरी के परिवार वाले ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर उपकेंद्र पहुंच गए। कर्मचारी उपकेंद्र पर ताला डालकर भाग गए। पुलिस ने युवक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
शुक्रवार दोपहर उसके शव का पोस्टमार्टम कराया गया। शाम के समय परिवार वालों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया। शाम को बहादुरी की मां भूरी देवी पत्नी नेतराम ने जेई सतीश और संविदा पर तैनात लाइनमैन जसराज उर्फ बबलू निवासी गांव सिंगरौरा के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी। इस पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। उसकी मां का आरोप है कि कर्मचारियों ने बहादुरी को जानबूझकर पोल पर चढ़ाया था। इससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है।
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शुक्रवार शाम तक बहाल नहीं हो सकी सप्लाई
बिनावर विद्युत उपकेंद्र के कर्मचारी युवक की मौत के बाद ताला डालकर भाग गए हैं। शुक्रवार शाम तक कोई भी कर्मचारी वापस नहीं आया और न ही उनके स्थान पर कोई और कर्मचारी आया है। इससे कई गांवों की सप्लाई ठप पड़ी है। शुक्रवार शाम तक सप्लाई बहाल नहीं हो सकी।
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बृहस्पतिवार शाम बिनावर विद्युत उपकेंद्र में करंट लगने से 30 वर्षीय बहादुरी की मौत हो गई थी। परिवार वालों के मुताबिक बहादुरी उपकेंद्र पर प्राइवेट लाइनमैन के रूप में काम कर रहा था। शाम के समय उपकेंद्र पर मौजूद कर्मचारियों ने उसे एक तार ठीक करने के लिए पोल पर चढ़ा दिया था। उसे बताया गया था कि तार ठीक करने के लिए शटडाउन ले लिया गया है। इससे पहले कि वह तार ठीक करके नीचे उतरता, करंट लगने से बहादुरी ऊपर ही चिपक गया। उसे उतारकर बरेली ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। इस पर बहादुरी के परिवार वाले ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर उपकेंद्र पहुंच गए। कर्मचारी उपकेंद्र पर ताला डालकर भाग गए। पुलिस ने युवक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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शुक्रवार दोपहर उसके शव का पोस्टमार्टम कराया गया। शाम के समय परिवार वालों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया। शाम को बहादुरी की मां भूरी देवी पत्नी नेतराम ने जेई सतीश और संविदा पर तैनात लाइनमैन जसराज उर्फ बबलू निवासी गांव सिंगरौरा के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी। इस पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। उसकी मां का आरोप है कि कर्मचारियों ने बहादुरी को जानबूझकर पोल पर चढ़ाया था। इससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है।
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शुक्रवार शाम तक बहाल नहीं हो सकी सप्लाई
बिनावर विद्युत उपकेंद्र के कर्मचारी युवक की मौत के बाद ताला डालकर भाग गए हैं। शुक्रवार शाम तक कोई भी कर्मचारी वापस नहीं आया और न ही उनके स्थान पर कोई और कर्मचारी आया है। इससे कई गांवों की सप्लाई ठप पड़ी है। शुक्रवार शाम तक सप्लाई बहाल नहीं हो सकी।