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भाजपा नेता ने कई सरकारी जमीनों पर कब्जा कर किए थे करोड़ों के वारे-न्यारे
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वजीरगंज कस्बे में खेल मैदान पर कब्जा कर बनाई गईं दुकानें। संवाद
- फोटो : BADAUN
बदायूं / वजीरगंज। वजीरगंज कस्बे में सरकारी जमीन कब्जाने का मामला काफी बड़ा माना जा रहा है। यहां एक नहीं, कई सरकारी जमीनों पर कब्जा किया गया। और तो और उन पर मकानों, दुकानों का अवैध रूप से निर्माण कराया गया। फिर उन्हें करोड़ों रुपये में बेच दिया गया। यह खेल सन 2018 से चल रहा था। बावजूद इसके अब जाकर भाजपा नेता राहुल वार्ष्णेय पर कार्रवाई हो सकी।
यहां बता दें कि कस्बे में सबसे ज्यादा रामलीला मैदान पर कब्जे का मामला चर्चा में रहा। हकीकत में रामलीला मैदान खेल मैदान के नाम से सरकारी अभिलेखों में दर्ज है। आरोप है कि इस पर कब्जा करके 22 दुकानें बनाई गईं। सभी दुकानों को कस्बा निवासी 15 लोगों को बेच दिया गया। जब इसकी शिकायत प्रशासनिक अधिकारियों से की गईं तो प्रशासन ने इन दुकानों पर ताले डलवा दिए। बाद में भाजपा नेता ने ताले तुड़वा दिए और उन पर दोबारा कब्जा कर लिया।
आरोप है कि इसके अलावा कस्बे में गाटा संख्या 1357 जो चकमार्ग के नाम से दर्ज है। इस पर दुकानों का निर्माण कराया गया। फिर उन्हें बेच दिया गया। गाटा संख्या 648 जो तालाब के नाम से अभिलेखों में दर्ज है। यहां भी कब्जा किया गया। यहां दुकानें बनाई गईं और उन्हें बेच दिया गया। इसके अलावा गाटा संख्या 293 बंजर भूमि के नाम से दर्ज है। यहां भी राहुल वार्ष्णेय ने दुकानें बनवाईं और उन्हें बेच दिया।
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इसी तरह गाटा संख्या 1423 जो सरकारी अभिलेखों में तालाब के नाम से दर्ज है। यहां भी दुकानें बनाकर विकास नाम के व्यक्ति को बेच दी गईं। इसी क्रम में गाटा संख्या 1425 जो तालाब के नाम से दर्ज है। वहां दुकानें बनाकर कस्बे के ही विमलेश और शैलेश नाम के दो भाइयों को बेची गईं।
यही नहीं गाटा संख्या 290 जो गांव की आबादी के नाम से दर्ज है। यहां मकान बनवाकर कस्बे के संजीव और मुजम्मिल को बेचे गए। इस तरह भाजपा नेता ने करोड़ों के वारे न्यारे किए गए। बताया जाता है कि भाजपा नेता पर एक विधायक का भी वरदहस्त रहा।
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उच्चाधिकारियों के आदेश पर वजीरगंज थाने में आठ मामले दर्ज कराए गए हैं। यह सभी मामले सरकारी जमीन कब्जाने के हैं। कस्बे में कई तालाब, बंजर भूमि, चक मार्ग और खेल मैदान पर कब्जा करने के बाद दुकानें, मकान बनाकर उन्हें बेा गया। अब इस मामले में कार्रवाई की जा रही है।
- संदीप चंद्र, ईओ
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चर्चा में : चार सालों में एक नोटिस नहीं और अब आठ मामले
उमेश राठौर
बदायूं। हैरानी की बात है कि सन 2018 से भाजपा नेता राहुल वार्ष्णेय एक के बाद एक जमीन पर कब्जा करता रहा और जिला प्रशासन उसके खिलाफ कार्रवाई करना तो दूर एक नोटिस तक नहीं दे सका। और अब प्रशासन ने एक नहीं पूरे आठ मामले दर्ज करा दिए। ऐसा कैसे हुआ यह चर्चा में है।
वजीरगंज कस्बे में करोड़ों की सरकारी जमीन कब्जा कर बेच दी गई। सवाल उस समय भी उठा था, जब ऐसा हुआ। तब तमाम शिकायतें हुईं, लोगों ने प्रदर्शन किया। मामला जिला प्रशासन तक पहुंचा, तमाम अधिकारियों ने मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण किया। बाद में अवैध निर्माण ढहाने की योजना भी बनी लेकिन वह धरी की धरी रह गई। चर्चा रही कि उस पर किसी विधायक का हाथ है। यही वजह रही कि सरकारी जमीन कब्जाने में उक्त उसका पूरा साथ रहा। ऐसे में पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों की उसके खिलाफ कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं हुई। हर कदम पर भाजपा नेता का दबदबा रहा। और अब बृहस्पतिवार को अचानक सभी मिथक टूटे और एक के बाद एक उसके खिलाफ आठ मामले दर्ज करा दिए गए। संवाद
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रामलीला कमेटी का अध्यक्ष बनकर कराया था दुकानों का निर्माण
वजीरगंज कस्बे में खेल मैदान पर कब्जा करना इतना आसान नहीं था। इसके लिए पूरी योजना बनाई गई। राहुल वार्ष्णेय सत्ता पक्ष के दबाव में रामलीला कमेटी का अध्यक्ष बना। आरोप है कि उसने मैदान पर एक भवन, एक हॉल और टिनशेड का निर्माण कराया। और तो और एक विधायक से इसका उद्घाटन भी कराया। लोगों को लगा यह अच्छा हो रहा है। कमेटी मजबूत हो रही है। इसी के सहारे खेल मैदान पर सड़क किनारे 22 दुकानों का निर्माण भी करा दिया गया। लोगों को बताया गया कि इन दुकानों को किराये पर उठाकर कमेटी को पैसा आएगा पर ऐसा नहीं हुआ।
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आठ मामलों में चार में अकेला राहुल, चार में 20 नामजद
बृहस्पतिवार को प्रशासनिक अधिकारियों के आदेश पर वजीरगंज थाने में आठ मामले दर्ज कराए गए। इनमें चार मामलों में अकेले राहुल वार्ष्णेय को नामजद किया गया है। जबकि पांचवें मामले में राहुल, विमलेश और शैलेश को नामजद किया गया है। छठे मामले में राहुल और विकास, सातवें मामले में राहुल, संजीव और मुजम्मिल नामजद हैं। आठवें मामले में राहुल वार्ष्णेय, सौरभ मिनोचा, मुरली मनोहर गुप्ता, रिंकू वार्ष्णेय, सुनील अग्रवाल, लल्ला बाबू गुप्ता, कपिल गुप्ता, सागर वार्ष्णेय, कुलदीप सिंह, विनय वार्ष्णेय, अमित वार्ष्णेय, नीरज वार्ष्णेय, भानु शर्मा, सन्नी मिनोचा और पवन किशोर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
मुझे फंसाने की साजिश है। जिन नंबरों पर अवैध कब्जा दिखाकर निर्माण कराना बताया गया है। उनमें अधिकतर नंबर खाली पड़े हैं। गाटा संख्या 1357 पर महेंद्र जाटव का कब्जा है। उसे भूमाफिया भी घोषित किया गया था। जो नंबर आबादी का दिखाया गया है, उस पर तमाम लोगों का कब्जा है। मुझे नगर पंचायत चुनाव से हटाने की तैयारी है। इसलिए यह मामले दर्ज कराए गए हैं।
- राहुल वार्ष्णेय, भाजपा नेता
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यहां बता दें कि कस्बे में सबसे ज्यादा रामलीला मैदान पर कब्जे का मामला चर्चा में रहा। हकीकत में रामलीला मैदान खेल मैदान के नाम से सरकारी अभिलेखों में दर्ज है। आरोप है कि इस पर कब्जा करके 22 दुकानें बनाई गईं। सभी दुकानों को कस्बा निवासी 15 लोगों को बेच दिया गया। जब इसकी शिकायत प्रशासनिक अधिकारियों से की गईं तो प्रशासन ने इन दुकानों पर ताले डलवा दिए। बाद में भाजपा नेता ने ताले तुड़वा दिए और उन पर दोबारा कब्जा कर लिया।
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आरोप है कि इसके अलावा कस्बे में गाटा संख्या 1357 जो चकमार्ग के नाम से दर्ज है। इस पर दुकानों का निर्माण कराया गया। फिर उन्हें बेच दिया गया। गाटा संख्या 648 जो तालाब के नाम से अभिलेखों में दर्ज है। यहां भी कब्जा किया गया। यहां दुकानें बनाई गईं और उन्हें बेच दिया गया। इसके अलावा गाटा संख्या 293 बंजर भूमि के नाम से दर्ज है। यहां भी राहुल वार्ष्णेय ने दुकानें बनवाईं और उन्हें बेच दिया।
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इसी तरह गाटा संख्या 1423 जो सरकारी अभिलेखों में तालाब के नाम से दर्ज है। यहां भी दुकानें बनाकर विकास नाम के व्यक्ति को बेच दी गईं। इसी क्रम में गाटा संख्या 1425 जो तालाब के नाम से दर्ज है। वहां दुकानें बनाकर कस्बे के ही विमलेश और शैलेश नाम के दो भाइयों को बेची गईं।
यही नहीं गाटा संख्या 290 जो गांव की आबादी के नाम से दर्ज है। यहां मकान बनवाकर कस्बे के संजीव और मुजम्मिल को बेचे गए। इस तरह भाजपा नेता ने करोड़ों के वारे न्यारे किए गए। बताया जाता है कि भाजपा नेता पर एक विधायक का भी वरदहस्त रहा।
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उच्चाधिकारियों के आदेश पर वजीरगंज थाने में आठ मामले दर्ज कराए गए हैं। यह सभी मामले सरकारी जमीन कब्जाने के हैं। कस्बे में कई तालाब, बंजर भूमि, चक मार्ग और खेल मैदान पर कब्जा करने के बाद दुकानें, मकान बनाकर उन्हें बेा गया। अब इस मामले में कार्रवाई की जा रही है।
- संदीप चंद्र, ईओ
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चर्चा में : चार सालों में एक नोटिस नहीं और अब आठ मामले
उमेश राठौर
बदायूं। हैरानी की बात है कि सन 2018 से भाजपा नेता राहुल वार्ष्णेय एक के बाद एक जमीन पर कब्जा करता रहा और जिला प्रशासन उसके खिलाफ कार्रवाई करना तो दूर एक नोटिस तक नहीं दे सका। और अब प्रशासन ने एक नहीं पूरे आठ मामले दर्ज करा दिए। ऐसा कैसे हुआ यह चर्चा में है।
वजीरगंज कस्बे में करोड़ों की सरकारी जमीन कब्जा कर बेच दी गई। सवाल उस समय भी उठा था, जब ऐसा हुआ। तब तमाम शिकायतें हुईं, लोगों ने प्रदर्शन किया। मामला जिला प्रशासन तक पहुंचा, तमाम अधिकारियों ने मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण किया। बाद में अवैध निर्माण ढहाने की योजना भी बनी लेकिन वह धरी की धरी रह गई। चर्चा रही कि उस पर किसी विधायक का हाथ है। यही वजह रही कि सरकारी जमीन कब्जाने में उक्त उसका पूरा साथ रहा। ऐसे में पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों की उसके खिलाफ कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं हुई। हर कदम पर भाजपा नेता का दबदबा रहा। और अब बृहस्पतिवार को अचानक सभी मिथक टूटे और एक के बाद एक उसके खिलाफ आठ मामले दर्ज करा दिए गए। संवाद
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रामलीला कमेटी का अध्यक्ष बनकर कराया था दुकानों का निर्माण
वजीरगंज कस्बे में खेल मैदान पर कब्जा करना इतना आसान नहीं था। इसके लिए पूरी योजना बनाई गई। राहुल वार्ष्णेय सत्ता पक्ष के दबाव में रामलीला कमेटी का अध्यक्ष बना। आरोप है कि उसने मैदान पर एक भवन, एक हॉल और टिनशेड का निर्माण कराया। और तो और एक विधायक से इसका उद्घाटन भी कराया। लोगों को लगा यह अच्छा हो रहा है। कमेटी मजबूत हो रही है। इसी के सहारे खेल मैदान पर सड़क किनारे 22 दुकानों का निर्माण भी करा दिया गया। लोगों को बताया गया कि इन दुकानों को किराये पर उठाकर कमेटी को पैसा आएगा पर ऐसा नहीं हुआ।
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आठ मामलों में चार में अकेला राहुल, चार में 20 नामजद
बृहस्पतिवार को प्रशासनिक अधिकारियों के आदेश पर वजीरगंज थाने में आठ मामले दर्ज कराए गए। इनमें चार मामलों में अकेले राहुल वार्ष्णेय को नामजद किया गया है। जबकि पांचवें मामले में राहुल, विमलेश और शैलेश को नामजद किया गया है। छठे मामले में राहुल और विकास, सातवें मामले में राहुल, संजीव और मुजम्मिल नामजद हैं। आठवें मामले में राहुल वार्ष्णेय, सौरभ मिनोचा, मुरली मनोहर गुप्ता, रिंकू वार्ष्णेय, सुनील अग्रवाल, लल्ला बाबू गुप्ता, कपिल गुप्ता, सागर वार्ष्णेय, कुलदीप सिंह, विनय वार्ष्णेय, अमित वार्ष्णेय, नीरज वार्ष्णेय, भानु शर्मा, सन्नी मिनोचा और पवन किशोर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
मुझे फंसाने की साजिश है। जिन नंबरों पर अवैध कब्जा दिखाकर निर्माण कराना बताया गया है। उनमें अधिकतर नंबर खाली पड़े हैं। गाटा संख्या 1357 पर महेंद्र जाटव का कब्जा है। उसे भूमाफिया भी घोषित किया गया था। जो नंबर आबादी का दिखाया गया है, उस पर तमाम लोगों का कब्जा है। मुझे नगर पंचायत चुनाव से हटाने की तैयारी है। इसलिए यह मामले दर्ज कराए गए हैं।
- राहुल वार्ष्णेय, भाजपा नेता