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नौकरी दिलवाने के नाम पर 90 हजार ठगे, तीन पर रिपोर्ट दर्ज
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बदायूं। सिविल लाइंस थाना पुलिस ने गांधी नेत्र चिकित्सालय की एक महिला कर्मचारी व उसके बेटे समेत तीन पर धोखाधड़ी के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। तीनों ने उझानी के युवक से नौकरी दिलाने के नाम पर 90 हजार रुपये ठग लिए थे।
उझानी कस्बे के मिल कंपाउंड निवासी नीरज कुमार के मुताबिक कोरोना काल के दौरान उसकी गांधी नेत्र चिकित्सालय की महिला कर्मचारी सुशीला मिश्रा से मुलाकात हुई थी। उस दौरान वह बरेली से डीफार्मा कर रहा था, वह बेरोजगार भी था। इससे उसे पढ़ाई के साथ-साथ नौकरी की भी जरूरत थी। सुशीला मिश्रा ने उसे बताया कि उसकी राजकीय मेडिकल कॉलेज में अच्छी साठगांठ है। वह उसे मेडिकल कॉलेज में नौकरी दिलवा देगी। इसके लिए उसे 90 हजार रुपये खर्च करने होंगे। नीरज कुमार ने जैसे-तैसे 90 हजार रुपये एकत्र किए और महिला को ले जाकर दिए। काफी समय गुजरने के बावजूद जब नौकरी नहीं लगी तब उसे ठगी का अहसास हुआ। उसने महिला से अपने रुपये वापस मांगे लेकिन उसने नहीं दिए। बाद में पता चला कि महिला ने उन रुपयों से अपने बेटे दीपू की शादी की थी।
इस संबंध में उसने सिविल लाइंस थाने जाकर तहरीर दी। जब महिला को थाने बुलाया गया तो वह पंद्रह हजार रुपये दे गई। बाकी रुपये बाद में देने को कह दिया लेकिन फिर वह रुपये नहीं दिए गए। रुपये मांगने पर महिला कर्मचारी के बेटे दीपू और भांजे हरद्वारी ने उसके साथ गालीगलौज की। उसे जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने नीरज की तहरीर पर तीनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। इसकी विवेचना कराई जा रही है।
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तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। इसकी विवेचना कराई जा रही है। इसमें साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
- डॉ. ओपी सिंह, एसएसपी
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उझानी कस्बे के मिल कंपाउंड निवासी नीरज कुमार के मुताबिक कोरोना काल के दौरान उसकी गांधी नेत्र चिकित्सालय की महिला कर्मचारी सुशीला मिश्रा से मुलाकात हुई थी। उस दौरान वह बरेली से डीफार्मा कर रहा था, वह बेरोजगार भी था। इससे उसे पढ़ाई के साथ-साथ नौकरी की भी जरूरत थी। सुशीला मिश्रा ने उसे बताया कि उसकी राजकीय मेडिकल कॉलेज में अच्छी साठगांठ है। वह उसे मेडिकल कॉलेज में नौकरी दिलवा देगी। इसके लिए उसे 90 हजार रुपये खर्च करने होंगे। नीरज कुमार ने जैसे-तैसे 90 हजार रुपये एकत्र किए और महिला को ले जाकर दिए। काफी समय गुजरने के बावजूद जब नौकरी नहीं लगी तब उसे ठगी का अहसास हुआ। उसने महिला से अपने रुपये वापस मांगे लेकिन उसने नहीं दिए। बाद में पता चला कि महिला ने उन रुपयों से अपने बेटे दीपू की शादी की थी।
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इस संबंध में उसने सिविल लाइंस थाने जाकर तहरीर दी। जब महिला को थाने बुलाया गया तो वह पंद्रह हजार रुपये दे गई। बाकी रुपये बाद में देने को कह दिया लेकिन फिर वह रुपये नहीं दिए गए। रुपये मांगने पर महिला कर्मचारी के बेटे दीपू और भांजे हरद्वारी ने उसके साथ गालीगलौज की। उसे जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने नीरज की तहरीर पर तीनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। इसकी विवेचना कराई जा रही है।
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तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। इसकी विवेचना कराई जा रही है। इसमें साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
- डॉ. ओपी सिंह, एसएसपी