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आत्महत्या के पौने दो साल बाद एआरटीओ दफ्तर आकर ‘मृतक’ ने बेची बाइक

Thu, 28 Apr 2022 01:36 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 28 Apr 2022 01:36 AM IST
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crime
बदायूं। परिवहन विभाग के स्थानीय दफ्तर में घोटालों का जखीरा है। यहां बाबुओं की कृपा से ऐसे काम भी हो जाते हैं जो किसी तरह संभव ही नहीं हैं। नया मामला मृतक की बाइक के ट्रांसफर का है। आत्महत्या के चर्चित मामले में मरने के पौने दो साल बाद एआरटीओ दफ्तर में मृतक की मौजूदगी दिखाकर बाइक उसके भाई को ट्रांसफर कर दी गई। दो चर्चित बाबुओं ने यह डील मोटी रकम लेकर कराई और अफसरों की कलम भी फंसवा दी।
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शहर के मोहल्ला कबूलपुरा निवासी एक युवक ने 22 जुलाई 2021 को विषाक्त पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी। युवक ने मरने से पहले फेसबुक पर पोस्ट डालकर अपनी आत्महत्या के लिए वेब पोर्टल चलाने वाले कुछ मीडिया कर्मियों व एक संगठन से जुड़े लोगों को जिम्मेदार ठहराया था। उसकी मौत के बाद खबर भी प्रमुखता से प्रकाशित की गई। हालांकि पुलिस ने जांच में यह कहकर मामला रफादफा कर दिया कि मरने वाले ने किसी का नाम लेकर आरोप नहीं लगाए थे।
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अब उसी शख्स से जुड़ा मामला एआरटीओ दफ्तर की गंभीर चूक के रूप में सामने आया है। पिछले महीने 22 मार्च को एआरटीओ दफ्तर के दो बाबुओं ने मृतक को जीवित दर्शाकर और उसकी मौजूदगी अपने सामने दिखाकर उसका फोटो सीन किया है। उन्होंने संबंधित फार्म में मृतक की ओर से बाकायदा सभी औपचारिकताएं पूरी कराई हैं और उसके भाई के नाम उसकी बाइक हस्तांतरित कराई है। संबंधित युवक की ओर से लिखा गया है कि मैं उप संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत हुआ हूं और अपना वाहन संबंधित को बेच रहा हूं। इसके आगे की कार्रवाई की जाए। मृतक के दस्तखतों को भी जीवित बतौर बाबुओं ने प्रमाणित किया है। बाद में इन्हीं की संस्तुति पर अधिकारियों ने बाइक का ट्रांसफर आदेश जारी कर दिया।
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अब सीएम से शिकायत
एआरटीओ दफ्तर में हो रहे भ्रष्टाचार की शिकायत अब मुख्यमंत्री, परिवहन आयुक्त व प्रमुख सचिव परिवहन से की गई है। दोनों बाबुओं के बारे में भी जिक्र है कि उन्होंने इस मामले में मृतक को जीवित दिखाकर गाड़ी ट्रांसफर करने के मामले में बड़ी डील की है। दोनों बाबू जनता का काम जानबूझकर लटकाते हैं और सौदे वाले काम किसी भी स्थिति में कर देते हैं। हालांकि इस मामले में वह यह भूल गए कि युवक की आत्महत्या उस समय का चर्चित मामला था और उसे जीवित दिखा बैठे।
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मुझे इस मामले में जानकारी नहीं है। अगर ऐसा हुआ है तो गंभीर अपराध है। मैं इस प्रकरण की जांच कराकर प्राथमिकता से कार्रवाई करूंगा।
- आरबी गुप्ता, एआरटीओ प्रशासन
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