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छात्रा घायल, परिजन को जानकारी नही दी
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दातागंज। पिछले दिनों विषाक्त भोजन खाने से छात्राओं के बीमार होने के बाद सुर्खियों में आए समरेर स्थित आश्रम पद्धति आवासीय में अब कक्षा आठ की एक छात्रा दरवाजा गिरने से गंभीर घायल हो गई। दो दिन छात्रा अस्पताल में भर्ती रहीं, लेकिन विद्यालय प्रशासन ने उसके परिवार को सूचना देना जरूरी तक नहीं समझा।
दातागंज के गांव बसेला निवासी कृपाल अनुसूचित जाति के हैं। उनकी 13 वर्षीय बेटी माही समरेर स्थित आश्रम पद्धति आवासीय विद्यालय में आठवीं की छात्रा है। बृहस्पतिवार को माही विद्यालय में घायल हो गई थी। विद्यालय प्रशासन ने माही के परिवार को सूचना दिए बिना उसे बेहोशी की हालत में समरेर स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती करा दिया। शनिवार को माही की हालत में सुधार होने के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी मिली तो उसे घर भेजा गया। इसके बाद परिवार वालों को इस बारे में जानकारी हो सकी।
विद्यालय की वार्डन नीता जौहरी का कहना है कि छात्रा को दौरे आते हैं। इसी कारण वह गिर गई। वहीं दूसरी ओर समाज कल्याण अधिकारी रामजनम का कहना है कि छात्रा दरवाजा टकराने के कारण घायल हुई थी। छोटे-मोटे प्रकरणों में छात्राओं के परिवार वालों को सूचना नहीं दी जाती। छात्रा अब पूरी तरह से स्वस्थ है। इधर, छात्रा की मां रंजना का कहना है कि उनकी बेटी को कभी दौरे नहीं पड़े। विद्यालय प्रशासन उसके घायल होने की सही वजह नहीं बता रहा। उसके घायल होने पर भी उनको सूचना नहीं दी गई।
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दातागंज के गांव बसेला निवासी कृपाल अनुसूचित जाति के हैं। उनकी 13 वर्षीय बेटी माही समरेर स्थित आश्रम पद्धति आवासीय विद्यालय में आठवीं की छात्रा है। बृहस्पतिवार को माही विद्यालय में घायल हो गई थी। विद्यालय प्रशासन ने माही के परिवार को सूचना दिए बिना उसे बेहोशी की हालत में समरेर स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती करा दिया। शनिवार को माही की हालत में सुधार होने के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी मिली तो उसे घर भेजा गया। इसके बाद परिवार वालों को इस बारे में जानकारी हो सकी।
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विद्यालय की वार्डन नीता जौहरी का कहना है कि छात्रा को दौरे आते हैं। इसी कारण वह गिर गई। वहीं दूसरी ओर समाज कल्याण अधिकारी रामजनम का कहना है कि छात्रा दरवाजा टकराने के कारण घायल हुई थी। छोटे-मोटे प्रकरणों में छात्राओं के परिवार वालों को सूचना नहीं दी जाती। छात्रा अब पूरी तरह से स्वस्थ है। इधर, छात्रा की मां रंजना का कहना है कि उनकी बेटी को कभी दौरे नहीं पड़े। विद्यालय प्रशासन उसके घायल होने की सही वजह नहीं बता रहा। उसके घायल होने पर भी उनको सूचना नहीं दी गई।
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