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बीकॉम के छात्र को डोडा तस्कर बनाकर फंसी उसावां पुलिस
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बदायूं। बीकॉम प्रथम वर्ष के एक छात्र को डोडा तस्कर दिखाकर गुडवर्क बनाना उसावां पुलिस के गले की फांस बन सकता है। खुद अफीम विभाग के अधिकारी कार्रवाई को लेकर संतुष्ट नहीं हैं और पुलिस के गुडवर्क पर सवाल उठा रहे हैं। वहीं पुलिस अफसर कार्रवाई को लेकर पूरी तरह मुतमइन हैं। बुधवार को छात्र की मां ने भी कई अधिकारियों से मुलाकात की। मामले में कायदे से जांच होने पर कई गर्दनें फंस सकती हैं।
उसावां थाने के गांव गूरा बरेला निवासी सुधा उर्फ गुड्डो देवी के नाम केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने वर्ष 2021-22 के लिए अफीम उत्पादन का लाइसेंस जारी किया है। गुड्डो देवी के पति विनय मिश्रा गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक हैं। गुड्डो देवी का कहना है कि 10 अप्रैल को नई नियमावली के तहत अफीम की फसल बिना चीरा लगे डोडा मय डंठल नारकोटिक्स ब्यूरो के अधीक्षक मोहम्मद इब्राहीम व अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में तोड़ी गई थी। इसके बाद फसल को शाम सात बजे उन लोगों की सुपुर्दगी में दे दिया गया। नारकोटिक्स ब्यूरो की ओर से सुपुर्दगी में दी गई फसल को नियत तारीख पर अफीम विभाग के सेंटर पर जमा करना था।
इस फसल को खेत से वह अपने बेटे अर्पित मिश्रा और आर्यन मिश्रा के साथ बोलेरो गाड़ी से घर ला रही थीं। रास्ते में एसओ उसावां प्रकाश सिंह, एसआई सुनील कुमार व तीन-चार सिपाहियों के साथ रोक लिया। सभी को थाने ले गए। आरोप है कि उनसे पांच लाख रुपये की मांग की गई। रुपये न देने पर पुलिस ने अर्पित मिश्रा के खिलाफ डोडा तस्करी का मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया। अर्पित बीकॉम प्रथम वर्ष का छात्र है। गुड्डो का कहना है कि नियत प्रक्रिया के तहत फसल को घर लाया जा रहा था। पुलिस की इस कार्रवाई ने उनकी बदनामी के साथ बेटे का भविष्य भी बर्बाद हुआ है। बुधवार को गुड्डो देवी ने अफीम रिकार्ड में सौंपने संबंधी सभी कागजात के साथ डीएम, एसपी सिटी समेत कई अधिकारियों से शिकायत की। मामले में बेटे के खिलाफ केस निरस्त करने व उसावां पुलिस पर कार्रवाई की मांग की गई।
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मामला मेरी जानकारी में आया है। गुड्डो देवी के नाम छह एरी का अफीम खेती का लाइसेंस है। विभागीय टीम ने ही फसल उनके सुपुर्द की थी। नियत तारीख पर काश्तकार को फसल अफीम विभाग के केंद्र पर जमा करनी थी। इस मामले में पुलिस की कार्रवाई समझ से परे है। लगता है कि नई अफीम नीति की जानकारी न होने से पुलिस वैध काश्तकारों को अनावश्यक परेशान कर रही है। पूरे मामले में जांच कराएंगे।
-एलआर दिनकर, अफीम अधिकारी
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आज महिला ने हमसे शिकायत की है। पुलिस की कार्रवाई को गलत बताया है। हालांकि मुझे नहीं लगता कि किसी स्तर पर गलती है। गुड्डो देवी अफीम काश्तकार थीं तो छात्र बेटे को अफीम लेकर क्यों भेज दिया। जब पुलिस ने कार्रवाई की तो अफीम विभाग के अधिकारियों को भी बुलाया था। तब वह लाइसेंस निरस्त करने की बात कह रहे थे। हालांकि मामले में जांच करा लेंगे, पुलिस की गलती होगी तो उसमें भी कार्रवाई करेंगे।
- प्रवीन सिंह चौहान, एसपी सिटी
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उसावां थाने के गांव गूरा बरेला निवासी सुधा उर्फ गुड्डो देवी के नाम केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने वर्ष 2021-22 के लिए अफीम उत्पादन का लाइसेंस जारी किया है। गुड्डो देवी के पति विनय मिश्रा गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक हैं। गुड्डो देवी का कहना है कि 10 अप्रैल को नई नियमावली के तहत अफीम की फसल बिना चीरा लगे डोडा मय डंठल नारकोटिक्स ब्यूरो के अधीक्षक मोहम्मद इब्राहीम व अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में तोड़ी गई थी। इसके बाद फसल को शाम सात बजे उन लोगों की सुपुर्दगी में दे दिया गया। नारकोटिक्स ब्यूरो की ओर से सुपुर्दगी में दी गई फसल को नियत तारीख पर अफीम विभाग के सेंटर पर जमा करना था।
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इस फसल को खेत से वह अपने बेटे अर्पित मिश्रा और आर्यन मिश्रा के साथ बोलेरो गाड़ी से घर ला रही थीं। रास्ते में एसओ उसावां प्रकाश सिंह, एसआई सुनील कुमार व तीन-चार सिपाहियों के साथ रोक लिया। सभी को थाने ले गए। आरोप है कि उनसे पांच लाख रुपये की मांग की गई। रुपये न देने पर पुलिस ने अर्पित मिश्रा के खिलाफ डोडा तस्करी का मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया। अर्पित बीकॉम प्रथम वर्ष का छात्र है। गुड्डो का कहना है कि नियत प्रक्रिया के तहत फसल को घर लाया जा रहा था। पुलिस की इस कार्रवाई ने उनकी बदनामी के साथ बेटे का भविष्य भी बर्बाद हुआ है। बुधवार को गुड्डो देवी ने अफीम रिकार्ड में सौंपने संबंधी सभी कागजात के साथ डीएम, एसपी सिटी समेत कई अधिकारियों से शिकायत की। मामले में बेटे के खिलाफ केस निरस्त करने व उसावां पुलिस पर कार्रवाई की मांग की गई।
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मामला मेरी जानकारी में आया है। गुड्डो देवी के नाम छह एरी का अफीम खेती का लाइसेंस है। विभागीय टीम ने ही फसल उनके सुपुर्द की थी। नियत तारीख पर काश्तकार को फसल अफीम विभाग के केंद्र पर जमा करनी थी। इस मामले में पुलिस की कार्रवाई समझ से परे है। लगता है कि नई अफीम नीति की जानकारी न होने से पुलिस वैध काश्तकारों को अनावश्यक परेशान कर रही है। पूरे मामले में जांच कराएंगे।
-एलआर दिनकर, अफीम अधिकारी
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आज महिला ने हमसे शिकायत की है। पुलिस की कार्रवाई को गलत बताया है। हालांकि मुझे नहीं लगता कि किसी स्तर पर गलती है। गुड्डो देवी अफीम काश्तकार थीं तो छात्र बेटे को अफीम लेकर क्यों भेज दिया। जब पुलिस ने कार्रवाई की तो अफीम विभाग के अधिकारियों को भी बुलाया था। तब वह लाइसेंस निरस्त करने की बात कह रहे थे। हालांकि मामले में जांच करा लेंगे, पुलिस की गलती होगी तो उसमें भी कार्रवाई करेंगे।
- प्रवीन सिंह चौहान, एसपी सिटी