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धनूपुरा के 11 लुटेरे बिहार में गिरफ्तार
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कादरचौक (बदायूं)। कादरचौक थाना क्षेत्र के धनूपुरा गांव के बदमाश एक बार फिर अपराध की ओर लौटते दिख दे रहे हैं। डेढ़ साल पहले उझानी सर्किल में तैनात रहे सीओ अनिरुद्ध सिंह ने गांव के कई आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया था। गांव के ऐसे लोगों ने कसमें खाईं थीं कि अब वे अपराध नहीं करेंगे लेकिन बिहार के सीतामढ़ी जिले में धनूपुरा के रहने वाले 11 लुटेरों के पकड़े जाने से यहां पुलिस के कान खड़े हो गए हैं।
थाना क्षेत्र के धनूपुरा गांव के बदमाश हमेशा से बड़े अपराध करने के लिए बदनाम रहे हैं। यहां के कई लोग बावरिया गिरोह से जुडे़ थे। गांव में रहने वाले कई लोग अवैध शराब बनाकर बेचते थे तो कई घरों में कच्ची शराब बनाई जाती थी। डेढ़ साल पहले सीओ अनिरुद्ध सिंह ने उझानी सर्किल का चार्ज संभाला तो गांव में लगातार जाकर ऐसे लोगों को समझाना शुरू किया। उस समय इन लोगों ने बताया कि गांव में विकास नहीं होता है। वह आज भी कई मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। इस पर जिला प्रशासन ने भी सीओ का साथ दिया।
गांव में पंचायतघर, सार्वजनिक शौचालय, खेल मैदान, मंदिर, सड़क आदि बनाने का काम शुरू हुआ। कैंप लगाकर आधार कार्ड बनाए गए, लोगों के खाते खोले गए। यहां के ऐसे लोगों ने कसमें खाईं कि वे अब अपराध नहीं करेंगे लेकिन सीओ के जाने के बाद जैसे-जैसे समय बीता पुलिस ने गांव के लोगों पर ध्यान देना बंद कर दिया।
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इसका नतीजा यह रहा कि गांव के कई लोगों ने एक बार फिर बिहार और बंगाल में जाकर बड़ी घटनाओं को अंजाम देना शुरू कर दिया। इसी क्रम में वहां कई सराफा दुकानों से लूट की गई। इसी क्रम में बिहार प्रांत के सीतामढ़ी जिले में बहुत बड़ा खुलासा हुआ। इनसे कई किलो चांदी और सोने के जेवर बरामद हुए, कई लाख रुपये भी मिले। 11 लोग गिरफ्तार हुए, जो धनूपुरा के थे।
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सरगना निकला घनश्याम उर्फ श्याम
बिहार के सीतामढ़ी जिले में पकड़े गए गैंग का सरगना घनश्याम उर्फ श्याम निकला। उसके साथ ही धनूपुरा गांव के जगदीश, कैलाश, विजेंद्र, रोशन सिंह, भागीरथ, राजेश, ब्रजपाल, रेखा, कमलेश कुमारी आदि पकड़े गए।
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सुनसान बाग या कमरे किराये पर लेकर करते हैं रेकी
इस गैंग के लुटेरे संबंधित इलाके में सुनसान बाग में अपना ठिकाना बनाते हैं या फिर वह सस्ते दामों पर किराये पर कमरा लेते हैं और वहीं रहकर घटनाओं को अंजाम देते हैं। ये लोग रेकी करने के लिए फेरी लगाते हैं। कोई छोटी मोटी वस्तु खरीदकर उसे बेचने के बहाने घूमते हैं।
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बंगाल में भी जेल भेजे गए थे पांच लुटेरे
सीतामढ़ी जिले में गिरोह पकड़े जाने का मामला एक दिन पुराना है लेकिन इससे पहले बंगाल में पांच लोग पकड़े जा चुके हैं। उन्होंने एक ज्वैलर्स की दुकान को लूटा था। उससे कई किलो चांदी और सोना लूटा गया था। इसमें धनूपुरा का यादराम, दानाजी, बाबूलाल, पूरन, राजेश गिरफ्तार करके जेल भेजे जा चुके हैं।
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धनूपुरा के लोगों ने स्थानीय स्तर पर या जिले में तो काफी समय से कोई वारदात नहीं की है। साल भर से ज्यादा बीतने के बाद भी कोई नया अपराध इन लोगों के नाम दर्ज नहीं है। अब ये बाहर अपराध कर रहे हों तो इसकी जानकारी नहीं है। यहां तो परिवारों की कई महिलाएं समूहों व स्वरोजगार से जुड़ी हैं।
- प्रवीन सिंह चौहान, एसपी सिटी
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थाना क्षेत्र के धनूपुरा गांव के बदमाश हमेशा से बड़े अपराध करने के लिए बदनाम रहे हैं। यहां के कई लोग बावरिया गिरोह से जुडे़ थे। गांव में रहने वाले कई लोग अवैध शराब बनाकर बेचते थे तो कई घरों में कच्ची शराब बनाई जाती थी। डेढ़ साल पहले सीओ अनिरुद्ध सिंह ने उझानी सर्किल का चार्ज संभाला तो गांव में लगातार जाकर ऐसे लोगों को समझाना शुरू किया। उस समय इन लोगों ने बताया कि गांव में विकास नहीं होता है। वह आज भी कई मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। इस पर जिला प्रशासन ने भी सीओ का साथ दिया।
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गांव में पंचायतघर, सार्वजनिक शौचालय, खेल मैदान, मंदिर, सड़क आदि बनाने का काम शुरू हुआ। कैंप लगाकर आधार कार्ड बनाए गए, लोगों के खाते खोले गए। यहां के ऐसे लोगों ने कसमें खाईं कि वे अब अपराध नहीं करेंगे लेकिन सीओ के जाने के बाद जैसे-जैसे समय बीता पुलिस ने गांव के लोगों पर ध्यान देना बंद कर दिया।
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इसका नतीजा यह रहा कि गांव के कई लोगों ने एक बार फिर बिहार और बंगाल में जाकर बड़ी घटनाओं को अंजाम देना शुरू कर दिया। इसी क्रम में वहां कई सराफा दुकानों से लूट की गई। इसी क्रम में बिहार प्रांत के सीतामढ़ी जिले में बहुत बड़ा खुलासा हुआ। इनसे कई किलो चांदी और सोने के जेवर बरामद हुए, कई लाख रुपये भी मिले। 11 लोग गिरफ्तार हुए, जो धनूपुरा के थे।
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सरगना निकला घनश्याम उर्फ श्याम
बिहार के सीतामढ़ी जिले में पकड़े गए गैंग का सरगना घनश्याम उर्फ श्याम निकला। उसके साथ ही धनूपुरा गांव के जगदीश, कैलाश, विजेंद्र, रोशन सिंह, भागीरथ, राजेश, ब्रजपाल, रेखा, कमलेश कुमारी आदि पकड़े गए।
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सुनसान बाग या कमरे किराये पर लेकर करते हैं रेकी
इस गैंग के लुटेरे संबंधित इलाके में सुनसान बाग में अपना ठिकाना बनाते हैं या फिर वह सस्ते दामों पर किराये पर कमरा लेते हैं और वहीं रहकर घटनाओं को अंजाम देते हैं। ये लोग रेकी करने के लिए फेरी लगाते हैं। कोई छोटी मोटी वस्तु खरीदकर उसे बेचने के बहाने घूमते हैं।
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बंगाल में भी जेल भेजे गए थे पांच लुटेरे
सीतामढ़ी जिले में गिरोह पकड़े जाने का मामला एक दिन पुराना है लेकिन इससे पहले बंगाल में पांच लोग पकड़े जा चुके हैं। उन्होंने एक ज्वैलर्स की दुकान को लूटा था। उससे कई किलो चांदी और सोना लूटा गया था। इसमें धनूपुरा का यादराम, दानाजी, बाबूलाल, पूरन, राजेश गिरफ्तार करके जेल भेजे जा चुके हैं।
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धनूपुरा के लोगों ने स्थानीय स्तर पर या जिले में तो काफी समय से कोई वारदात नहीं की है। साल भर से ज्यादा बीतने के बाद भी कोई नया अपराध इन लोगों के नाम दर्ज नहीं है। अब ये बाहर अपराध कर रहे हों तो इसकी जानकारी नहीं है। यहां तो परिवारों की कई महिलाएं समूहों व स्वरोजगार से जुड़ी हैं।
- प्रवीन सिंह चौहान, एसपी सिटी