{"_id":"623dd0837d06466ea777e558","slug":"crime-badaun-news-bly4792608135","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षक के क्रेडिट कार्ड से निकाले 1.30 लाख रुपये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षक के क्रेडिट कार्ड से निकाले 1.30 लाख रुपये
विज्ञापन
बदायूं। देश भर में सक्रिय साइबर अपराधी लोगों को ठगने के नए-नए तरीके प्रयोग कर रहे हैं। अब शहर में एक शिक्षक को कस्टमर केयर को कॉल करना भारी पड़ गया। बात करने वाले ने ओटीपी नंबर पूछकर उसके क्रेडिट कार्ड से एक लाख 30 हजार रुपये निकाल लिए। ठगा महसूस होने पर शिक्षक ने मोबाइल नंबर के आधार पर एफआईआर दर्ज कराई है।
कोतवाली क्षेत्र के विजय नगर निवासी क्षितिज चौरसिया बिल्सी के एनए इंटर कॉलेज में सहायक अध्यापक हैं। क्षितिज के मुताबिक कुछ दिनों से उनके क्रेडिट कार्ड में दिक्कत आ रही थी। क्रेटिड कार्ड से उनके रुपये नहीं निकल पा रहे थे। इससे वह परेशान थे। उन्होंने ऑनलाइन क्रेडिट कार्ड से संबंधित कस्टमर केयर का नंबर तलाश किया। जब उन्होंने केयर कंट्रोल रूम को कॉल की तो बात करने वाले ने बताया कि उनकी समस्या का समाधान हो जाएगा। उनके नंबर पर एक कॉल आएगी। उन्हें सारी समस्या बता देना। उसके अनुसार आई कॉल पर क्षितिज ने वैसा ही किया। उसने बातों ही बातों में ओटीपी नंबर बता दिया। वह पूछते भी रहे कि कहीं उनके साथ धोखाधड़ी तो नहीं हो जाएगी लेकिन कॉल पर बात करने वाले ने उन्हें पूरा भरोसा जताया। उनकी समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया। उनके ओटीपी नंबर बताने के कुछ देर बाद ही उनके क्रेडिट कार्ड से एक लाख 30 हजार रुपये निकाल लिए गए। बाद में उन्हें ठगी का पता चला। तब उन्होंने कोतवाली पहुंचकर मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई। संवाद
विज्ञापन
कोतवाली क्षेत्र के विजय नगर निवासी क्षितिज चौरसिया बिल्सी के एनए इंटर कॉलेज में सहायक अध्यापक हैं। क्षितिज के मुताबिक कुछ दिनों से उनके क्रेडिट कार्ड में दिक्कत आ रही थी। क्रेटिड कार्ड से उनके रुपये नहीं निकल पा रहे थे। इससे वह परेशान थे। उन्होंने ऑनलाइन क्रेडिट कार्ड से संबंधित कस्टमर केयर का नंबर तलाश किया। जब उन्होंने केयर कंट्रोल रूम को कॉल की तो बात करने वाले ने बताया कि उनकी समस्या का समाधान हो जाएगा। उनके नंबर पर एक कॉल आएगी। उन्हें सारी समस्या बता देना। उसके अनुसार आई कॉल पर क्षितिज ने वैसा ही किया। उसने बातों ही बातों में ओटीपी नंबर बता दिया। वह पूछते भी रहे कि कहीं उनके साथ धोखाधड़ी तो नहीं हो जाएगी लेकिन कॉल पर बात करने वाले ने उन्हें पूरा भरोसा जताया। उनकी समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया। उनके ओटीपी नंबर बताने के कुछ देर बाद ही उनके क्रेडिट कार्ड से एक लाख 30 हजार रुपये निकाल लिए गए। बाद में उन्हें ठगी का पता चला। तब उन्होंने कोतवाली पहुंचकर मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई। संवाद
विज्ञापन