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पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य की हत्या का मामला : परिवार वालों का पोस्टमार्टम हाउस पर धरना
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पोस्टमार्टम हाउस पर प्रदर्शन करने परिवार वाले। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। उझानी इलाके में पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य की हत्या के मामले को लेकर परिवारवाले और भीम आर्मी के कार्यकर्ता बुधवार दोपहर पोस्टमार्टम हाउस पर ही धरने पर बैठ गए। उन्होंने इस हत्याकांड का जिम्मेदार एक दरोगा को ठहराया। उन्होंने कहा कि अगर दरोगा पर कार्रवाई नहीं होती है तो वे परिवार समेत आत्महत्या कर लेंगे। सूचना पर पहुंचे नायब तहसीलदार जीतेश वर्मा और सीओ उझानी गजेंद्र कुमार श्रोत्रिय ने आश्वासन दिया कि आरोपियों और दरोगा के खिलाफ कार्रवाई होगी। इस पर प्रदर्शन करने वाले शांत हुए।
मंगलवार को उझानी कोतवाली क्षेत्र के गांव बसोमा में पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य रामदयाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह सुबह टहलने निकले थे, दोपहर तक नहीं लौटे तो परिवारवाले कोतवाली पहुंचे लेकिन पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज करना जरूरी नहीं समझा। दोपहर बाद उनका गोली लगा शव बरामद हुआ। देर रात पुलिस ने रामदयाल की पत्नी मीना की तहरीर पर मुकेश और इंद्रपाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। उसके बाद पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। बुधवार सुबह तक पुलिस इस मामले में गंभीर नहीं दिखी तो पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य के परिवारवाले और भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष समीर सागर और कार्यकर्ता पोस्टमार्टम हाउस पर धरने पर बैठ गए। उन्होंने पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन भी किया। परिवार वालों ने बताया कि रामदयाल कई दिन से अपनी हत्या की आशंका जता रहे थे। उन्होंने पुलिस को भी आगाह किया था लेकिन दरोगा आरोपियों से मिला हुआ था, उसने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया। नतीजा ये रहा कि रामदयाल की मंगलवार को गोली मारकर हत्या कर दी गई। उन्होंने दरोगा को बर्खास्त करने की मांग की।
इस दौरान मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार जीतेश वर्मा और सीओ उझानी गजेंद्र कुमार श्रोत्रिय को परिवारवालों ने बताया कि इस मामले में दरोगा की मिलीभगत उजागर हुई है। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य पर कई बार हमला हुआ लेकिन दरोगा ने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। उन्हें खुला सरंक्षण दिया। सीओ ने आश्वासन दिया कि उनकी तहरीर पर गौर किया जाएगा। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। इस दौरान सिविल लाइंस इंस्पेक्टर संजीव कुमार शुक्ला, मूसाझाग इंस्पेक्टर राजेश कुमार भी पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद रहे।
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परिवार वालों ने जो भी आरोप लगाए हैं। उनकी जांच कराई जा रही है। इसमें जो सच्चाई सामने आएगी, उसी के अनुसार कार्रवाई होगी। परिवार को चिंता करने की जरूरत नहीं है। उनकी जो मांग है उसे उच्चाधिकारियों तक पहुंचा दिया गया है।
-गजेंद्र कुमार श्रोत्रिय, सीओ उझानी
दोनों आरोपी परिवार समेत घरों पर ताला डालकर भागे
उझानी (बदायूं)। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य रामदयाल की हत्या के बाद तनाव के मद्देनजर मृतक के घर पर बुधवार को पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई। उधर, घटना के बाद नामजद दोनों ग्रामीण घरों पर ताला डालकर परिवार समेत भाग गए। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य रामदयाल की पत्नी मीना देवी की तहरीर के आधार पर गांव के ही मुकेश और इंद्रपाल के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई थी। पुलिस के मुताबिक- मृतक के सीने में 315 बोर की एक गोली लगी मिली। डॉक्टर की सलाह पर पोस्टमार्टम से पहले शव का एक्सरे भी कराया गया। बसोमा में बुधवार को पूरे दिन स्थिति सामान्य रही लेकिन किसी तरह से तनाव का माहौल नहीं बने, इसलिए मृतक के घर पर अतिरिक्त पुलिस फोर्स के अलावा पीएसी को तैनात कर दिया गया।
घटना के बाद से घरों पर ताले डालकर परिवार समेत भागने वाले हत्यारोपियों को लेकर चर्चा है कि ये लोग मंगलवार दोपहर बाद से ही चले गए। मृतक की पत्नी मीना देवी घटना के बाद से बदहवास नजर आईं। बेटे गौरव ने कहा कि जुलाई में जब उसके पिता पर जानलेवा हमला हुआ तो पुलिस ने हमलावरों को गिरफ्तार क्यों नहीं किया, इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। अब जरूर अफसरों ने आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। संवाद
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मंगलवार को उझानी कोतवाली क्षेत्र के गांव बसोमा में पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य रामदयाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह सुबह टहलने निकले थे, दोपहर तक नहीं लौटे तो परिवारवाले कोतवाली पहुंचे लेकिन पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज करना जरूरी नहीं समझा। दोपहर बाद उनका गोली लगा शव बरामद हुआ। देर रात पुलिस ने रामदयाल की पत्नी मीना की तहरीर पर मुकेश और इंद्रपाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। उसके बाद पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। बुधवार सुबह तक पुलिस इस मामले में गंभीर नहीं दिखी तो पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य के परिवारवाले और भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष समीर सागर और कार्यकर्ता पोस्टमार्टम हाउस पर धरने पर बैठ गए। उन्होंने पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन भी किया। परिवार वालों ने बताया कि रामदयाल कई दिन से अपनी हत्या की आशंका जता रहे थे। उन्होंने पुलिस को भी आगाह किया था लेकिन दरोगा आरोपियों से मिला हुआ था, उसने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया। नतीजा ये रहा कि रामदयाल की मंगलवार को गोली मारकर हत्या कर दी गई। उन्होंने दरोगा को बर्खास्त करने की मांग की।
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इस दौरान मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार जीतेश वर्मा और सीओ उझानी गजेंद्र कुमार श्रोत्रिय को परिवारवालों ने बताया कि इस मामले में दरोगा की मिलीभगत उजागर हुई है। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य पर कई बार हमला हुआ लेकिन दरोगा ने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। उन्हें खुला सरंक्षण दिया। सीओ ने आश्वासन दिया कि उनकी तहरीर पर गौर किया जाएगा। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। इस दौरान सिविल लाइंस इंस्पेक्टर संजीव कुमार शुक्ला, मूसाझाग इंस्पेक्टर राजेश कुमार भी पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद रहे।
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परिवार वालों ने जो भी आरोप लगाए हैं। उनकी जांच कराई जा रही है। इसमें जो सच्चाई सामने आएगी, उसी के अनुसार कार्रवाई होगी। परिवार को चिंता करने की जरूरत नहीं है। उनकी जो मांग है उसे उच्चाधिकारियों तक पहुंचा दिया गया है।
-गजेंद्र कुमार श्रोत्रिय, सीओ उझानी
दोनों आरोपी परिवार समेत घरों पर ताला डालकर भागे
उझानी (बदायूं)। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य रामदयाल की हत्या के बाद तनाव के मद्देनजर मृतक के घर पर बुधवार को पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई। उधर, घटना के बाद नामजद दोनों ग्रामीण घरों पर ताला डालकर परिवार समेत भाग गए। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य रामदयाल की पत्नी मीना देवी की तहरीर के आधार पर गांव के ही मुकेश और इंद्रपाल के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई थी। पुलिस के मुताबिक- मृतक के सीने में 315 बोर की एक गोली लगी मिली। डॉक्टर की सलाह पर पोस्टमार्टम से पहले शव का एक्सरे भी कराया गया। बसोमा में बुधवार को पूरे दिन स्थिति सामान्य रही लेकिन किसी तरह से तनाव का माहौल नहीं बने, इसलिए मृतक के घर पर अतिरिक्त पुलिस फोर्स के अलावा पीएसी को तैनात कर दिया गया।
घटना के बाद से घरों पर ताले डालकर परिवार समेत भागने वाले हत्यारोपियों को लेकर चर्चा है कि ये लोग मंगलवार दोपहर बाद से ही चले गए। मृतक की पत्नी मीना देवी घटना के बाद से बदहवास नजर आईं। बेटे गौरव ने कहा कि जुलाई में जब उसके पिता पर जानलेवा हमला हुआ तो पुलिस ने हमलावरों को गिरफ्तार क्यों नहीं किया, इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। अब जरूर अफसरों ने आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। संवाद