{"_id":"6105ab288ebc3eba1221bbb3","slug":"crime-badaun-news-bly454971376","type":"story","status":"publish","title_hn":"हत्यारोपी फूफा को साथ ले गई हिमाचल पुलिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हत्यारोपी फूफा को साथ ले गई हिमाचल पुलिस
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दबतोरी (बदायूं)। लक्ष्मीपुर गांव के अब्दुल कलाम हत्याकांड का खुलासा हो गया है। हिमाचल पुलिस ने हत्यारोपी तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक मृतक का फूफा शामिल है। मुख्य आरोपी फूफा को बिसौली इलाके से पकड़ने के बाद हिमाचल पुलिस अपने साथ ले गई।
बिसौली कोतवाली क्षेत्र के गांव लक्ष्मीपुर निवासी अब्दुल कलाम हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में फर्नीचर की ठेकेदारी करते थे। वहां वह अच्छी कमाई भी करते थे। 23 जुलाई को उनकी सोलन जिले में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्यारोपियों ने घटना को हादसा दर्शाने के लिए शव सड़क पर डाल दिया गया था। सोलन पुलिस के पोस्टमार्टम कराने पर वहां के डॉक्टरों ने आधा अधूरा पोस्टमार्टम कर शव परिजन के हवाले कर दिया गया। इससे अब्दुल कलाम को मारी गई गोली फंसी रह गई। अब्दुल कलाम की घटना का खुलासा तब हुआ, जब सोलन जिले की पुलिस ने सीसी टीवी फुटेज के आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश पुलिस ने बदायूं आकर कब्र से अब्दुल कलाम का शव निकालकर दोबारा पोस्टमार्टम कराया। दोबारा पोस्टमार्टम के दौरान उनके सिर में गोली धंसी मिली।
इसके बाद हिमाचल पुलिस मुख्य आरोपी व मृतक के फूफा और पोस्टमार्टम रिपोर्ट अपने साथ ले गई।
सोलन के डॉक्टरों पर हो सकती है कार्रवाई
नियमानुसार डॉक्टर पूरे शरीर का पोस्टमार्टम करते हैं। ऊपर शरीर पर कहां-कहां चोट लगी है या कैसी लगी है। पहले ये लिखा जाता है। बाद में आंतरिक पोस्टमार्टम किया जाता है। मगर सोलन जिले में पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टर ने अब्दुल कलाम के सिर को नहीं देखा। इससे हत्या को हादसा मान लिया गया। गनीमत ये रही कि सोलन पुलिस को आरोपियों से सब पता चल गया। सोलन पुलिस ने बताया कि वह अपने अधिकारियों को बदायूं के डॉक्टरों की बनाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट सौंपेंगे। इस मामले में वहां पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिसौली कोतवाली क्षेत्र के गांव लक्ष्मीपुर निवासी अब्दुल कलाम हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में फर्नीचर की ठेकेदारी करते थे। वहां वह अच्छी कमाई भी करते थे। 23 जुलाई को उनकी सोलन जिले में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्यारोपियों ने घटना को हादसा दर्शाने के लिए शव सड़क पर डाल दिया गया था। सोलन पुलिस के पोस्टमार्टम कराने पर वहां के डॉक्टरों ने आधा अधूरा पोस्टमार्टम कर शव परिजन के हवाले कर दिया गया। इससे अब्दुल कलाम को मारी गई गोली फंसी रह गई। अब्दुल कलाम की घटना का खुलासा तब हुआ, जब सोलन जिले की पुलिस ने सीसी टीवी फुटेज के आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश पुलिस ने बदायूं आकर कब्र से अब्दुल कलाम का शव निकालकर दोबारा पोस्टमार्टम कराया। दोबारा पोस्टमार्टम के दौरान उनके सिर में गोली धंसी मिली।
विज्ञापन
इसके बाद हिमाचल पुलिस मुख्य आरोपी व मृतक के फूफा और पोस्टमार्टम रिपोर्ट अपने साथ ले गई।
सोलन के डॉक्टरों पर हो सकती है कार्रवाई
नियमानुसार डॉक्टर पूरे शरीर का पोस्टमार्टम करते हैं। ऊपर शरीर पर कहां-कहां चोट लगी है या कैसी लगी है। पहले ये लिखा जाता है। बाद में आंतरिक पोस्टमार्टम किया जाता है। मगर सोलन जिले में पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टर ने अब्दुल कलाम के सिर को नहीं देखा। इससे हत्या को हादसा मान लिया गया। गनीमत ये रही कि सोलन पुलिस को आरोपियों से सब पता चल गया। सोलन पुलिस ने बताया कि वह अपने अधिकारियों को बदायूं के डॉक्टरों की बनाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट सौंपेंगे। इस मामले में वहां पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
विज्ञापन