{"_id":"5f5bd1b38ebc3e6a0a7c6177","slug":"crime-badaun-news-bly4195042111","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्रक ने सामने से टेंपो को रौंदा, दो सवारियों की मौत, महिला समेत लोग 12 घायल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ट्रक ने सामने से टेंपो को रौंदा, दो सवारियों की मौत, महिला समेत लोग 12 घायल
विज्ञापन
उझानी (बदायूं)। कछला से सवारियों को बैठाकर उझानी की ओर निकले टेंपो को सामने से तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही टेंपो का अगला हिस्सा चकनाचूर हो गया। आगे की सीट पर बैठी दो सवारियोें और चालक समेत तीन लोगों की मौत हो गई जबकि 11 अन्य लोग घायल हो गए। इनमें टेंपो चालक समेत दो की हालत नाजुक बताई जा रही है। हादसा इतना जबरदस्त हुआ कि सवारियां छिटककर दूर जा गिरीं। वहीं महिला समेत तीन-चार लोग टेंपो के अंदर ही फंस गए और बुरी तरह घायल हो गए। उन्हें राहगीरों ने काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। उधर, चालक ट्रक को लाइन पार छोड़कर भाग गया। पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है।
यह हादसा बरेली-मथुरा हाईवे पर छतुइया रेल फाटक के पास एक ढाबे के सामने हुआ। टेंपो चालक पीरनगर निवासी धर्मवीर उर्फ पवन (26) पुत्र पप्पू सवारियों को बैठाकर कछला से उझानी के लिए निकला। टेंपो रेल फाटक पार कर थोड़ा आगे ही बढ़ पाया कि तभी सामने से आ रही तेज रफ्तार ट्रक ने उसे चपेट में ले लिया। टक्कर लगते ही सवारियों में चीख पुकार मच गई। यह देख ढाबे पर मौजूद लोग और राहगीर पहले तो ट्रक की तरफ दौड़े लेकिन उनकी नजर टेंपो की तरफ गई तो सवारियों की हालत देख मदद को दौड़ पड़े। टक्कर लगते ही कई सवारियां छिटककर टेंपो से बाहर गिर पड़ीं। टेंपो की अगली सीट पर बैठे बिल्सी के मोहल्ला संख्या-छह निवासी प्रकाश (50) पुत्र रामकिशन की मौके पर ही मौत हो गई जबकि मुजरिया थाना क्षेत्र के गांव नरसेना निवासी पूर्व प्रधान पातीराम के दिव्यांग बेटे उदई (27) ने इलाज को जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ दिया। वहीं, चालक धर्मवीर उर्फ पवन की भी अलीगढ़ ले जाते समय रास्ते मेें मौत हो गई।
टेंपो सवार घायलों में कादरचौक के गांव बमनौसी निवासी विजय माहेश्वरी (20) पुत्र राजेश, गांव नरसेना का विजय सिंह (19) पुत्र कल्याण सिंह, देहमू निवासी शारदा देवी (48) पत्नी कालीचरन, पूनम (आठ) पुत्री सुखवीर सिंह, बिल्सी के गांव शेखपुर निवासी गुड्डो (80) पत्नी रमेशचंद्र, उसका रिश्तेदार कासगंज जिले में सहावर क्षेत्र के गांव रोशननगर निवासी पप्पू (50), कासगंज जिले में ही सोरों कोतवाली क्षेत्र के गांव श्यामपुर की प्रीती (45) पत्नी हरवंश, उसके बच्चों में अंकित (पांच), संजीव (चार), रोशनी (तीन), रिश्तेदार गांव अब्दुल्लागंज की सुमन (19) पुत्री महेश शामिल हैं। इनमें कई घायलों को राहगीरों ने टेंपो से बड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। हादसे के बाद चालक ट्रक को फाटक से चंद कदम आगे छोड़कर भाग गया। उसके हेल्पर को राहगीरों ने दबोच लिया। सूचना के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। इनमें विजय और धर्मवीर की हालत नाजुक बताई गई है। पुलिस ने ट्रक और उसके हेल्पर को कब्जे में ले लिया है। इधर, चर्चा है कि जिला अस्पताल से पीआई बुक को एक पुलिसकर्मी अपने साथ उझानी कोतवाली ले आया। बाद में उसे वापस किया गया।
विज्ञापन
अस्पताल की इमरजेंसी मिली बंद, डॉक्टर को बुलाकर घायल कराने पड़े रेफर
उझानी। हादसे के बाद घायलों को लेकर पुलिस की पीआरवी, कोतवाली की कार और एंबुलेंस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंची तो इमरजेंसी में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ही मौजूद थे। यह देख दरोगा संजय सिंह ने प्रभारी कोतवाल जितेंद्र सक्सेना को फोन पर अवगत कराया। इसके बाद चिकित्साधीक्षक को कॉल कर बुलाया गया। दो-तीन घायलों का तो इलाज किया गया लेकिन बाकी के सभी घायलों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घायलों को एंबुलेंस में बैठाने में एंबुलेंस कर्मी सत्येंद्र प्रताप और जुगेंद्र ने भी हौसला दिखाया। मौके पर जो दो एंबुलेंस पहुंची। उनमें एक उझानी तो दूसरी बिल्सी अस्पताल से आई।
हादसे में ट्रक चालक की लापरवाही उजागर, टेंपो था सवारियों से ओवरलोड
उझानी। छतुइया रेल फाटक ट्रक की टक्कर से टेंपो सवार युवक समेत दो की मौत और 11 लोगों के घायल होने के मामले में चश्मदीद लोगों में हरीओम की मानें तो ट्रक की रफ्तार अधिक थी। फाटक से चंद कदम आगे ही उझानी की तरफ हल्का मोड़ है। मोड़ होने के बाद भी ट्रक की रफ्तार अधिक थी जबकि टेंपो अपनी साइड मेल था। हालांकि उसमें सवारियां क्षमता से अधिक जरूर रही लेकिन ट्रक ने पलक झपकते ही उसे चपेट में ले लिया। चालक का ट्रक पर कंट्रोल रहा होता तो हादसे में दो लोगों को जान नहीं गंवानी पड़ती।
अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत
उझानी। मोहल्ला गद्दीटोला निवासी संजीव कुमार (30) पुत्र चुन्नी लाल बाइक से बृहस्पतिवार दोपहर में कादरचौक क्षेत्र में अपनी रिश्तेदारी में गया। लौटते में रात करीब नौ बजे कोतवाली क्षेत्र के गांव फतेहपुर के पास बाइक सवार संजीव को अज्ञात वाहन ने रौंद दिया। लहूलुहान हालत में वह सड़क पर ही काफी देर तक पड़ा रहा। राहगीरों की सूचना के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। उस वक्त संजीव अंतिम सांसें ले रहा था। इलाज को जिला अस्पताल पहुंचते ही उसकी मौत हो गई। भनक लगते ही परिवार के लोग भी अस्पताल पहुंच गए। प्रभारी कोतवाल जितेंद्र सक्सेना ने बताया कि क्षतिग्रस्त बाइक को कब्जे में ले लिया गया है। मौके पर हेलमेट नहीं मिला। पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार शाम को संजीव का शव उसके घरवालों के हवाले कर दिया गया।
विज्ञापन
यह हादसा बरेली-मथुरा हाईवे पर छतुइया रेल फाटक के पास एक ढाबे के सामने हुआ। टेंपो चालक पीरनगर निवासी धर्मवीर उर्फ पवन (26) पुत्र पप्पू सवारियों को बैठाकर कछला से उझानी के लिए निकला। टेंपो रेल फाटक पार कर थोड़ा आगे ही बढ़ पाया कि तभी सामने से आ रही तेज रफ्तार ट्रक ने उसे चपेट में ले लिया। टक्कर लगते ही सवारियों में चीख पुकार मच गई। यह देख ढाबे पर मौजूद लोग और राहगीर पहले तो ट्रक की तरफ दौड़े लेकिन उनकी नजर टेंपो की तरफ गई तो सवारियों की हालत देख मदद को दौड़ पड़े। टक्कर लगते ही कई सवारियां छिटककर टेंपो से बाहर गिर पड़ीं। टेंपो की अगली सीट पर बैठे बिल्सी के मोहल्ला संख्या-छह निवासी प्रकाश (50) पुत्र रामकिशन की मौके पर ही मौत हो गई जबकि मुजरिया थाना क्षेत्र के गांव नरसेना निवासी पूर्व प्रधान पातीराम के दिव्यांग बेटे उदई (27) ने इलाज को जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ दिया। वहीं, चालक धर्मवीर उर्फ पवन की भी अलीगढ़ ले जाते समय रास्ते मेें मौत हो गई।
विज्ञापन
टेंपो सवार घायलों में कादरचौक के गांव बमनौसी निवासी विजय माहेश्वरी (20) पुत्र राजेश, गांव नरसेना का विजय सिंह (19) पुत्र कल्याण सिंह, देहमू निवासी शारदा देवी (48) पत्नी कालीचरन, पूनम (आठ) पुत्री सुखवीर सिंह, बिल्सी के गांव शेखपुर निवासी गुड्डो (80) पत्नी रमेशचंद्र, उसका रिश्तेदार कासगंज जिले में सहावर क्षेत्र के गांव रोशननगर निवासी पप्पू (50), कासगंज जिले में ही सोरों कोतवाली क्षेत्र के गांव श्यामपुर की प्रीती (45) पत्नी हरवंश, उसके बच्चों में अंकित (पांच), संजीव (चार), रोशनी (तीन), रिश्तेदार गांव अब्दुल्लागंज की सुमन (19) पुत्री महेश शामिल हैं। इनमें कई घायलों को राहगीरों ने टेंपो से बड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। हादसे के बाद चालक ट्रक को फाटक से चंद कदम आगे छोड़कर भाग गया। उसके हेल्पर को राहगीरों ने दबोच लिया। सूचना के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। इनमें विजय और धर्मवीर की हालत नाजुक बताई गई है। पुलिस ने ट्रक और उसके हेल्पर को कब्जे में ले लिया है। इधर, चर्चा है कि जिला अस्पताल से पीआई बुक को एक पुलिसकर्मी अपने साथ उझानी कोतवाली ले आया। बाद में उसे वापस किया गया।
विज्ञापन
अस्पताल की इमरजेंसी मिली बंद, डॉक्टर को बुलाकर घायल कराने पड़े रेफर
उझानी। हादसे के बाद घायलों को लेकर पुलिस की पीआरवी, कोतवाली की कार और एंबुलेंस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंची तो इमरजेंसी में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ही मौजूद थे। यह देख दरोगा संजय सिंह ने प्रभारी कोतवाल जितेंद्र सक्सेना को फोन पर अवगत कराया। इसके बाद चिकित्साधीक्षक को कॉल कर बुलाया गया। दो-तीन घायलों का तो इलाज किया गया लेकिन बाकी के सभी घायलों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घायलों को एंबुलेंस में बैठाने में एंबुलेंस कर्मी सत्येंद्र प्रताप और जुगेंद्र ने भी हौसला दिखाया। मौके पर जो दो एंबुलेंस पहुंची। उनमें एक उझानी तो दूसरी बिल्सी अस्पताल से आई।
हादसे में ट्रक चालक की लापरवाही उजागर, टेंपो था सवारियों से ओवरलोड
उझानी। छतुइया रेल फाटक ट्रक की टक्कर से टेंपो सवार युवक समेत दो की मौत और 11 लोगों के घायल होने के मामले में चश्मदीद लोगों में हरीओम की मानें तो ट्रक की रफ्तार अधिक थी। फाटक से चंद कदम आगे ही उझानी की तरफ हल्का मोड़ है। मोड़ होने के बाद भी ट्रक की रफ्तार अधिक थी जबकि टेंपो अपनी साइड मेल था। हालांकि उसमें सवारियां क्षमता से अधिक जरूर रही लेकिन ट्रक ने पलक झपकते ही उसे चपेट में ले लिया। चालक का ट्रक पर कंट्रोल रहा होता तो हादसे में दो लोगों को जान नहीं गंवानी पड़ती।
अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत
उझानी। मोहल्ला गद्दीटोला निवासी संजीव कुमार (30) पुत्र चुन्नी लाल बाइक से बृहस्पतिवार दोपहर में कादरचौक क्षेत्र में अपनी रिश्तेदारी में गया। लौटते में रात करीब नौ बजे कोतवाली क्षेत्र के गांव फतेहपुर के पास बाइक सवार संजीव को अज्ञात वाहन ने रौंद दिया। लहूलुहान हालत में वह सड़क पर ही काफी देर तक पड़ा रहा। राहगीरों की सूचना के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। उस वक्त संजीव अंतिम सांसें ले रहा था। इलाज को जिला अस्पताल पहुंचते ही उसकी मौत हो गई। भनक लगते ही परिवार के लोग भी अस्पताल पहुंच गए। प्रभारी कोतवाल जितेंद्र सक्सेना ने बताया कि क्षतिग्रस्त बाइक को कब्जे में ले लिया गया है। मौके पर हेलमेट नहीं मिला। पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार शाम को संजीव का शव उसके घरवालों के हवाले कर दिया गया।