यूपी: बरेली का शशिकांत और उसका भाई लखनऊ से गिरफ्तार, 35 हजार लोगों से की 800 करोड़ की ठगी
अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड के नाम पर करीब 800 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले दो भाई सूर्यकांत मौर्य और शशिकांत मौर्य गिरफ्तार किए गए हैं। इन पर 50-50 हजार रुपये का इनाम था। दोनों बरेली के रहने वाले हैं।
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बदायूं में अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड चिटफंड कंपनी खोलकर करीब 35 हजार लोगों से 800 करोड़ रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने 50-50 हजार रुपये के इनामी सगे भाइयों शशिकांत मौर्य व सूर्यकांत मौर्य को सोमवार रात गिरफ्तार कर लिया। अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड के निदेशक भाइयों की डेढ़ साल से पुलिस तलाश कर रही थी।
बदायूं एसएसपी अंकिता शर्मा ने कहा कि कोतवाली पुलिस और गौतमबुद्धनगर की एसटीएफ यूनिट ने उन्हें लखनऊ के आलमबाग स्थित एक फ्लैट से पकड़ा। दोनों को मंगलवार तड़के बदायूं कोतवाली लाया गया। उन्हें कड़ी सुरक्षा में कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस ने आरोपियों के खातों में जमा करीब एक करोड़ रुपये की रकम भी सीज कराई है।
उनसे एक लैपटॉप, लेखा-जोखा वाली डायरी सहित अन्य उपकरण बरामद किए। एसएसपी के मुताबिक दोनों दिल्ली, लखनऊ और अन्य स्थानों पर छिपकर रह रहे थे। वे लोग मोबाइल फोन का नियमित इस्तेमाल नहीं करते थे और जरूरत पड़ने पर अलग-अलग स्थानों के वाई-फाई से मोबाइल कनेक्ट कर बातचीत करते थे।
बदायूं व बरेली में दर्ज हैं नौ मुकदमे
शशिकांत और सूर्यकांत मूलरूप से बदायूं के सम्राट अशोक नगर के निवासी हैं लेकिन कुछ साल पहले इन्होंने बरेली के बारादरी थाना क्षेत्र के कटरा चांद खां में आवास बना लिया था और वहीं परिवार समेत रहते थे। दोनों आरोपियों ने बदायूं में कंपनी कार्यालय मीरा सराय शेखूपुर रोड पर खोला था। दोनों के खिलाफ नौ मामले दर्ज हैं।
सूर्यकांत मौर्य व शशिकांत मौर्य पुत्र नारायण सिंह ने एजेंटों के जरिये रकम दोगुनी करने की योजना चलाकर लोगों को फंसाया था। उन्होंने 18 प्रतिशत ब्याज सहित मूलधन को वापस देने का झूठा आश्वासन देकर हजारों लोगों से रकम निवेश कराई थी। बदायूं के जालंधरी सराय में अमर ज्योति, अमर ज्योति यूनिवर्स निधि, बरेली के कटरा चांद खां में अमर ज्योति रुहेलखंड और अमर ज्योति हायर परचेज नाम से चिटफंड कंपनियां खोली थीं।
अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड कंपनी के निदेशकों और एजेंटों ने फर्जी खाते खोलकर, फर्जी पासबुक और जाली प्रपत्र तैयार करके निवेशकों और खाताधारकों से रकम जमा कराई। जब जमा रकम 30 करोड़ रुपये तक पहुंच गई और निवेशकों ने एफडी व जमा धनराशि वापस मांगनी शुरू की तो आरोपी कंपनियां बंद कर भाग गए। दोनों आरोपियों पर बदायूं कोतवाली में वर्ष 2025 में चार और इस वर्ष जुलाई में धोखाधड़ी, गबन और जालसाजी में एक रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
डीआईजी बरेली रेंज अजय कुमार साहनी ने बताया कि दोनों भाईयों पर बरेली में चार व बदायूं में पांच केस दर्ज हैं जिनमें संयुक्त रूप से कई सौ लोग वादी हैं। बदायूं पुलिस से समन्वय कर बरेली पुलिस भी अपने यहां दर्ज मुकदमों में कार्रवाई आगे बढ़ाएगी। पुलिस का प्रयास रहेगा कि दोनों आरोपियों समेत इनके साथियों के खिलाफ मजबूत आरोप पत्र दाखिल किया जाए।