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आशा ज्योति केंद्र में दंपती के परिजन भिड़े, काउंसलर से नोकझोंक
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बदायूं। महिला अस्पताल में स्थित आशा ज्योति केंद्र में मंगलवार को समझौते के दौरान दंपती के परिवार वाले आपस में भिड़ गए। उन्होंने एक-दूसरे से मारपीट कर दी। विवाहिता के परिजन ने काउंसलरों से भी अभद्रता कर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने एक महिला समेत दो लोगों को हिरासत में ले लिया। माफी मांगने पर उनको छोड़ा गया।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के ग्राम आमगांव निवासी हरेंद्र पुत्र सुभाष की करीब चार पहले मूसाझाग के कस्बा गुलड़िया निवासी प्रियंका के साथ शादी हुई थी। प्रियंका के दो बेटे हैं। करीब 10 दिन पहले प्रियंका ने हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर शिकायत की थी कि उसके ससुराल वाले आए दिन मारपीट करते हैं। उसे घर से निकाल दिया है। उसके कोई भाई नहीं है। पति उसके पिता के नाम की जमीन अपने नाम कराना चाहता है। मंगलवार को दोनों पक्ष आशा ज्योति केंद्र में बुलाए गए थे। काउंसलर नीतू सिंह और अन्य सहयोगी दोनों पक्षों की बात सुन रहे थे। उसी दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। बाद में मारपीट हो गई। बताते हैं कि नीतू सिंह ने उन्हें बचाने का प्रयास किया। आरोप है कि जिस पर प्रियंका के साथ आए उसके चाचा और चाची ने काउंसलरों के साथ अभद्रता कर दी। उन्हें धमकी दे दी कि उनके घर में डीएम, एसएसपी से लेकर सभी अधिकारी हैं। ये देखकर काउंसलर ने पुलिस को सूचना दे दी। जिस पर सरकारीगंज चौकी इंचार्ज राजीव राठी और महिला थाने की पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने प्रियंका के चाचा, चाची समेत तीन लोगों को हिरासत में ले लिया। बाद में दोनों के बीच बैठकर बात भी हुई, जिसमें हरेंद्र ने बताया कि पिता की मौत के बाद उनकी नौकरी उसे मिली। उसने वादा किया था कि आधा वेतन मां को देगा लेकिन उसकी पत्नी ने वह भी बंद करा दिया। पत्नी उसकी बीमार मां को घर से निकालने को कह रही है। उसके परिवार वाले लगातार दबाव बना रहे हैं। फिलहाल दोनों पक्षों के बीच फैसला नहीं हो सका। प्रियंका के चाचा-चाची को माफी मांगने पर छोड़ दिया गया है। बाद में लड़की वाले ये कहकर चले गए कि वे फैसला खुद कर लेंगे।
हम तो समझ रहे थे कि वे लोग आपस में बात कर रहे हैं। उन्होंने तो एक-दूसरे को मारना पीटना शुरू कर दिया। लड़की के चाचा-चाची ने मुझसे भी अभद्रता कर दी। बाद में उन्होंने माफी मांगी तो हमने कोई कार्रवाई नहीं कराई। उसकी चाची सरकारी कर्मचारी हैं।
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-नीतू सिंह, काउंसलर आशा ज्योति परामर्श केंद्र
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सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के ग्राम आमगांव निवासी हरेंद्र पुत्र सुभाष की करीब चार पहले मूसाझाग के कस्बा गुलड़िया निवासी प्रियंका के साथ शादी हुई थी। प्रियंका के दो बेटे हैं। करीब 10 दिन पहले प्रियंका ने हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर शिकायत की थी कि उसके ससुराल वाले आए दिन मारपीट करते हैं। उसे घर से निकाल दिया है। उसके कोई भाई नहीं है। पति उसके पिता के नाम की जमीन अपने नाम कराना चाहता है। मंगलवार को दोनों पक्ष आशा ज्योति केंद्र में बुलाए गए थे। काउंसलर नीतू सिंह और अन्य सहयोगी दोनों पक्षों की बात सुन रहे थे। उसी दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। बाद में मारपीट हो गई। बताते हैं कि नीतू सिंह ने उन्हें बचाने का प्रयास किया। आरोप है कि जिस पर प्रियंका के साथ आए उसके चाचा और चाची ने काउंसलरों के साथ अभद्रता कर दी। उन्हें धमकी दे दी कि उनके घर में डीएम, एसएसपी से लेकर सभी अधिकारी हैं। ये देखकर काउंसलर ने पुलिस को सूचना दे दी। जिस पर सरकारीगंज चौकी इंचार्ज राजीव राठी और महिला थाने की पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने प्रियंका के चाचा, चाची समेत तीन लोगों को हिरासत में ले लिया। बाद में दोनों के बीच बैठकर बात भी हुई, जिसमें हरेंद्र ने बताया कि पिता की मौत के बाद उनकी नौकरी उसे मिली। उसने वादा किया था कि आधा वेतन मां को देगा लेकिन उसकी पत्नी ने वह भी बंद करा दिया। पत्नी उसकी बीमार मां को घर से निकालने को कह रही है। उसके परिवार वाले लगातार दबाव बना रहे हैं। फिलहाल दोनों पक्षों के बीच फैसला नहीं हो सका। प्रियंका के चाचा-चाची को माफी मांगने पर छोड़ दिया गया है। बाद में लड़की वाले ये कहकर चले गए कि वे फैसला खुद कर लेंगे।
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हम तो समझ रहे थे कि वे लोग आपस में बात कर रहे हैं। उन्होंने तो एक-दूसरे को मारना पीटना शुरू कर दिया। लड़की के चाचा-चाची ने मुझसे भी अभद्रता कर दी। बाद में उन्होंने माफी मांगी तो हमने कोई कार्रवाई नहीं कराई। उसकी चाची सरकारी कर्मचारी हैं।
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-नीतू सिंह, काउंसलर आशा ज्योति परामर्श केंद्र