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अवैध संबंधों में मारा गया था बरेली का झोलाछाप
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बदायूं। बिनावर थाना क्षेत्र में धारदार हथियार से गोदकर मारे गए बरेली के झोलाछाप की हत्या के मामले का पुलिस ने गुरुवार को खुलासा कर दिया। पुलिस ने दो हत्यारोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो आरोपी अब तक हत्थे नहीं चढ़े हैं। झोलाछाप की हत्या अवैध संबंधों के चलते हुई थी। इनमें से एक आरोपी की पत्नी से उसके अवैध संबंध थे। इस वजह से उसकी हत्या कर दी गई थी और शव को खेत में फेंक दिया गया था। प्राइवेट पार्ट काट दिया गया था।
गुरुवार को इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए एसओ हरिभान सिंह राठौड़ ने बताया कि झोलाछाप राजाराम बरेली जिले में आंवला कोतवाली क्षेत्र के ग्राम गनेशपुर का निवासी था। सिंगरौरा गांव स्थित अपनी ननिहाल में झोलाछाप का काम करता था। राजाराम रोजाना गनेशपुर से बाइक से आता जाता था। 26 मई की शाम अपने गांव लौटते वक्त वह रहस्यमय हालात में लापता हो गया था। दूसरे दिन सिंगरौरा गांव से कुछ दूर खेत में उसका शव पड़ा मिला था। उसकी हत्या किसी धारदार चीज से गोदकर और गला रेत कर की गई थी। उसका प्राइवेट पार्ट काटकर पास में फेंक दिया गया था। वहीं उसकी मोटर साइकिल खड़ी मिली थी। इस संबंध में पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। जांच के दौरान पुलिस ने सिंगरौरा से लेकर गनेशपुर बरेली तक दर्जनों लोगों से पूछताछ की। इसकी तह तक जाने के पुलिस को करीब पांच महीने लग गए। इस दौरान पुलिस को पता चला कि राजाराम 26 मई की शाम गांव सिंगरौरा निवासी वीर सिंह के घर गया था। उसके बाद से उसका कुछ पता नहीं चला था। पुलिस ने कॉल डिटेल, लोकेशन और सुबूतों के आधार पर वीर सिंह, महावीर पुत्रगण हरदयाल को गुरुवार को गिरफ्तार लिया। उनसे सख्ती से पूछताछ की गई तो वीर सिंह ने बताया 26 मई की रात उन्होंने राजाराम की कैंची से गोदकर हत्या कर दी थी। कैंची से गला रेता था और उसी से प्राइवेट पार्ट काट दिया था। पुलिस ने मौके से हत्या में प्रयोग कैंची बरामद कर ली है। दोनों भाइयों को जेल भेज दिया गया है। हत्याकांड में शामिल तीसरा भाई ओमपाल और वीरपाल पुत्र टोड़ीराम गांव से भाग गए हैं।
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गुरुवार को इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए एसओ हरिभान सिंह राठौड़ ने बताया कि झोलाछाप राजाराम बरेली जिले में आंवला कोतवाली क्षेत्र के ग्राम गनेशपुर का निवासी था। सिंगरौरा गांव स्थित अपनी ननिहाल में झोलाछाप का काम करता था। राजाराम रोजाना गनेशपुर से बाइक से आता जाता था। 26 मई की शाम अपने गांव लौटते वक्त वह रहस्यमय हालात में लापता हो गया था। दूसरे दिन सिंगरौरा गांव से कुछ दूर खेत में उसका शव पड़ा मिला था। उसकी हत्या किसी धारदार चीज से गोदकर और गला रेत कर की गई थी। उसका प्राइवेट पार्ट काटकर पास में फेंक दिया गया था। वहीं उसकी मोटर साइकिल खड़ी मिली थी। इस संबंध में पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। जांच के दौरान पुलिस ने सिंगरौरा से लेकर गनेशपुर बरेली तक दर्जनों लोगों से पूछताछ की। इसकी तह तक जाने के पुलिस को करीब पांच महीने लग गए। इस दौरान पुलिस को पता चला कि राजाराम 26 मई की शाम गांव सिंगरौरा निवासी वीर सिंह के घर गया था। उसके बाद से उसका कुछ पता नहीं चला था। पुलिस ने कॉल डिटेल, लोकेशन और सुबूतों के आधार पर वीर सिंह, महावीर पुत्रगण हरदयाल को गुरुवार को गिरफ्तार लिया। उनसे सख्ती से पूछताछ की गई तो वीर सिंह ने बताया 26 मई की रात उन्होंने राजाराम की कैंची से गोदकर हत्या कर दी थी। कैंची से गला रेता था और उसी से प्राइवेट पार्ट काट दिया था। पुलिस ने मौके से हत्या में प्रयोग कैंची बरामद कर ली है। दोनों भाइयों को जेल भेज दिया गया है। हत्याकांड में शामिल तीसरा भाई ओमपाल और वीरपाल पुत्र टोड़ीराम गांव से भाग गए हैं।
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