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ये लो....अब तो ‘उत्तर प्रदेश परिवहन’ लिखकर ही लगा रहे थे चूना, टीएसआई ने बस की सीज

Fri, 20 Sep 2019 02:26 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 20 Sep 2019 02:26 AM IST
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crime
बदायूं। रोडवेज चौराहे पर गुरुवार शाम बुलंदशहर की एक और फर्जी रोडवेज बस पकड़ी गई। यह बस रोडवेज चौराहे पर सवारियां उतारने आई थी। बस पर उत्तर प्रदेश परिवहन लिखा हुआ था। निगम के कलर में थी लेकिन उस पर निगम नहीं लिखा था। इस पर टीएसआई राम मिलन पासवान ने गाड़ी को रोक लिया। उसकी छानबीन की तो पता चला की बस फर्जी है। उसके बाद बस को सीज कर दिया गया।
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गुरुवार शाम करीब सात बजे टीएसआई टीम के साथ पुलिस लाइन चौराहे पर वाहन चेकिंग कर रहे थे। उसी समय उनके सामने से कचहरी तिराहे की ओर से आई एक फर्जी रोडवेज बस रोडवेज चौराहे की ओर जाती दिखी। उन्होंने बस का पीछा किया और रोडवेज चौराहे पर आकर उसे रोक लिया। तब तक चालक ने बस में बैठी सवारियों को नीचे उतार लिया। एक बार को टीएसआई भी हैरान रह गए कि बस असली है नकली। बस रोडवेज के कलर में थी और दोनों साइड में उत्तर प्रदेश परिवहन लिखा हुआ था। उसके शीशे पर उत्तर प्रदेश लिखा था लेकिन कहीं पर उत्तर प्रदेश परिवहन निगम (एसआरटीसी) नहीं लिखा था। बस के परिचालक और चालक ने दावा किया कि बस रोडवेज निगम की है। परिचालक ने टिकट काटने की मशीन भी दिखाई। इस पर टीएसआई ने परिवहन निगम के अधिकारियों को बुलाया और पूरी जांच कराई। परिवहन निगम के अधिकारियों ने दिल्ली से लेकर बुलंदशहर तक के रोडवेज स्टेशनों पर पूछताछ की, तब पता चला कि बस फर्जी है। उसके बाद टीएसआई ने बस को थाने ले जाकर सीज कर दिया। चालक और परिचालक के खिलाफ अभी कार्रवाई नहीं हुई है।
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फर्जी बस रोडवेज के कलर में है। उस पर कहीं उत्तर प्रदेश परिवहन लिखा है तो कहीं सिर्फ उत्तर प्रदेश लिखा है लेकिन उस पर एसआरटीसी नहीं लिखा है। पूरी छानबीन करने के बाद ही बस को सीज किया गया है।
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-राममिलन पासवान, टीएसआई

जो बस पकड़ी गई है। वह पूरी तरह से फर्जी है। उसके बारे में हमने पूरा पता कर लिया है। उसके परिचालक ने कहीं से मशीन को चोरी कर लिया है या फिर किसी से ले ली है। फिलहाल बस फर्जी है। यह बस बुलंदशहर की है। अगर पुलिस निगम से कार्रवाई के लिए कहती है तो हम कार्रवाई करने के लिए तैयार हैं।

-राजेश कुमार, एआरएम

छह माह पूर्व पकड़ी गई थी ‘उत्तर प्रदेश परिवार’ लिखी बस
करीब दो-तीन माह पूर्व जिले में एक फर्जी रोडवेज बस पकड़ी गई थी। उस पर उत्तर प्रदेश परिवार लिखा हुआ था। उस बस को भी सीज किया गया था लेकिन तीसरे दिन उसके मालिक जुर्माना भरकर बस को छुड़ा ले गए थे। तब से जिले में उत्तर प्रदेश परिवार लिखी बस दिखाई नहीं दी। इस बस ने तो रोडवेज विभाग को ही चौका दिया। फिलहाल बस सिविल लाइंस थाने के कब्जे में हैं।
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