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सीओ ने खुदवाई शिशु की कब्र
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उझानी (बदायूं)। दुष्कर्म पीड़िता के मृत नवजात बच्चे के पिता की पहचान के लिए कब्र की खुदाई में कोई नतीजा सामने नहीं आने के बाद पुलिस को अब कोर्ट में हकीकत बयां करनी होगी। पूरे मामले की विवेचना कर रहे सीओ उझानी को कोर्ट में यह भी बताना होगा कि नवजात का शव बरामद करने के लिए किस स्तर की कोशिश की गई। इसके लिए कब्र की खुदाई की वीडियोग्राफी से लेकर लोगों के बयान और उसके आधार पर तैयार रिपोर्ट भी सीओ को कोर्ट में सौंपनी है।
कोर्ट के आदेश पर शनिवार को सीओ विनय कुमार द्विवेदी ने मजिस्ट्रेट राम नारायन सिंह की देखरेख में पुलिस और रेप पीड़िता के परिजनों से भैंसोर नदी किनारे कब्र की खुदाई कराई थी, जहां रेप पीड़िता किशोरी के नवजात मृत शिशु को दफन किया गया था। कोर्ट ने ही आदेश दिया था कि रेप पीड़िता ने जिस बच्चे को जन्म दिया था, उसका पिता कौन है, इसका पता लगाने के लिए डीएनए टेस्ट करवा लिया जाए। खुदाई के दौरान कब्र में जब नवजात का शव नहीं मिला तो पुलिस ने मौके पर से उसके कपड़ों के कुछ टुकड़े बरामद किए कर लिए थे। उन्हें सील करके प्रयोगशाला को भेजा जा चुका है लेकिन शव खोजने की कोशिश का सबूत भी कोर्ट में सौंपा जाना है। इसी के तहत कब्र की खुदाई और उसमें कुछ नहीं निकलने की वीडियोग्राफी कराई गई थी जो कोर्ट में बतौर सबूत पुलिस की कोशिश का हिस्सा बनेगी। कोर्ट में सीओ अपनी रिपोर्ट कब सौंपेंगे, इसके लिए कोई दिन-तारीख मुकर्रर नहीं है लेकिन जानकारों की मानें तो एक-दो दिन में वह कोर्ट के सामने सबूतों के साथ शनिवार को हुई कार्रवाई की हकीकत बयां करेंगे।
कब्र में नवजात का शव बरामद नहीं होने की रिपोर्ट कोर्ट में सौंपी जाएगी। वीडियोग्राफी कराई जा चुकी है। हर पहलू पर गौर किया गया है लेकिन अभी भी ऐसा नहीं लगता कि शव को साजिशन गायब कराया गया होगा।
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- विनय कुमार द्विवेदी, सीओ/विवेचक।
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कोर्ट के आदेश पर शनिवार को सीओ विनय कुमार द्विवेदी ने मजिस्ट्रेट राम नारायन सिंह की देखरेख में पुलिस और रेप पीड़िता के परिजनों से भैंसोर नदी किनारे कब्र की खुदाई कराई थी, जहां रेप पीड़िता किशोरी के नवजात मृत शिशु को दफन किया गया था। कोर्ट ने ही आदेश दिया था कि रेप पीड़िता ने जिस बच्चे को जन्म दिया था, उसका पिता कौन है, इसका पता लगाने के लिए डीएनए टेस्ट करवा लिया जाए। खुदाई के दौरान कब्र में जब नवजात का शव नहीं मिला तो पुलिस ने मौके पर से उसके कपड़ों के कुछ टुकड़े बरामद किए कर लिए थे। उन्हें सील करके प्रयोगशाला को भेजा जा चुका है लेकिन शव खोजने की कोशिश का सबूत भी कोर्ट में सौंपा जाना है। इसी के तहत कब्र की खुदाई और उसमें कुछ नहीं निकलने की वीडियोग्राफी कराई गई थी जो कोर्ट में बतौर सबूत पुलिस की कोशिश का हिस्सा बनेगी। कोर्ट में सीओ अपनी रिपोर्ट कब सौंपेंगे, इसके लिए कोई दिन-तारीख मुकर्रर नहीं है लेकिन जानकारों की मानें तो एक-दो दिन में वह कोर्ट के सामने सबूतों के साथ शनिवार को हुई कार्रवाई की हकीकत बयां करेंगे।
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कब्र में नवजात का शव बरामद नहीं होने की रिपोर्ट कोर्ट में सौंपी जाएगी। वीडियोग्राफी कराई जा चुकी है। हर पहलू पर गौर किया गया है लेकिन अभी भी ऐसा नहीं लगता कि शव को साजिशन गायब कराया गया होगा।
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- विनय कुमार द्विवेदी, सीओ/विवेचक।