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Budaun News: कोर्ट का ब्लॉक कर्मचारी पर रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश
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रिश्वत न देने पर दी थीं जाति सूचक गालियां, विरोध पर मारपीट
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। मनरेगा मजदूरों की मजदूरी व खुद के मानदेय के भुगतान के लिए ब्लॉक पर तैनात कर्मचारी ने रोजगार सेवक से एक लाख रुपये की मांग की। आरोप है कि मना करने पर कर्मचारी ने रोजगार सेवक को जाति सूचक गालियां दी। थाना पुलिस से शिकायत करने पर भी कार्रवाई नहीं होने पर रोजगार सेवक ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट ने इस्लामनगर पुलिस को सुसंगत धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया है।
इस्लामनगर ब्लॉक कार्यालय में एक कर्मचारी तैनात है जो क्षेत्र की ग्राम पंचायतों पर होने वाले मनरेगा के कार्यों का भुगतान करने का काम करता है। गांव में तैनात रोजगार सेवकों के मानदेय का भुगतान भी वही करता है।
ग्राम पंचायत जगत पीपरी पर तैनात रोजगार सेवक दिनेश कुमार 12 जनवरी को मनरेगा मजदूरों की मजदूरी और खुद के मानदेय का भुगतान कराने की जानकारी लेने ब्लॉक कार्यालय गए। यहां तैनात कर्मचारी ने भुगतान करने के नाम पर एक लाख रुपये की मांग की। दिनेश ने रुपये देने को मना कर दिया और अपने साथी सतीश कुमार और बदन सिंह के साथ गांव के लिए चल दिया।
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आरोप है कि कर्मचारी इस्लामनगर तिराहे पर मिला और उसको रोक लिया। आरोप है कि उसे जाति सूचक गालियां देने के साथ मारपीट भी की गई। रोजगार सेवक ने थाना पुलिस को तहरीर दी लेकिन कार्रवाई नहीं हो सकी। इसके बाद उसने कोर्ट का दरवाजा खटखटकाया। मंगलवार को अपर सत्र एवं विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट उदयभान सिंह ने थाना इस्लामनगर पुलिस को सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर विवेचना कराए जाने का आदेश दिया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। मनरेगा मजदूरों की मजदूरी व खुद के मानदेय के भुगतान के लिए ब्लॉक पर तैनात कर्मचारी ने रोजगार सेवक से एक लाख रुपये की मांग की। आरोप है कि मना करने पर कर्मचारी ने रोजगार सेवक को जाति सूचक गालियां दी। थाना पुलिस से शिकायत करने पर भी कार्रवाई नहीं होने पर रोजगार सेवक ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट ने इस्लामनगर पुलिस को सुसंगत धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया है।
इस्लामनगर ब्लॉक कार्यालय में एक कर्मचारी तैनात है जो क्षेत्र की ग्राम पंचायतों पर होने वाले मनरेगा के कार्यों का भुगतान करने का काम करता है। गांव में तैनात रोजगार सेवकों के मानदेय का भुगतान भी वही करता है।
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ग्राम पंचायत जगत पीपरी पर तैनात रोजगार सेवक दिनेश कुमार 12 जनवरी को मनरेगा मजदूरों की मजदूरी और खुद के मानदेय का भुगतान कराने की जानकारी लेने ब्लॉक कार्यालय गए। यहां तैनात कर्मचारी ने भुगतान करने के नाम पर एक लाख रुपये की मांग की। दिनेश ने रुपये देने को मना कर दिया और अपने साथी सतीश कुमार और बदन सिंह के साथ गांव के लिए चल दिया।
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आरोप है कि कर्मचारी इस्लामनगर तिराहे पर मिला और उसको रोक लिया। आरोप है कि उसे जाति सूचक गालियां देने के साथ मारपीट भी की गई। रोजगार सेवक ने थाना पुलिस को तहरीर दी लेकिन कार्रवाई नहीं हो सकी। इसके बाद उसने कोर्ट का दरवाजा खटखटकाया। मंगलवार को अपर सत्र एवं विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट उदयभान सिंह ने थाना इस्लामनगर पुलिस को सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर विवेचना कराए जाने का आदेश दिया।