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दोहरे हत्याकांड में छह लोगों को आजीवन कारावास
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बदायूं। आठ साल पहले हुए दोहरे हत्याकांड में नामजद छह लोगों को फास्ट ट्रैक कोर्ट न्यायाधीश सारिका गोयल ने दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सभी मुजरिमों पर कुल 2.40 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने यह आदेश भी दिया है कि जुर्माने की रकम जमा होने पर आधी रकम वादी को दी जाए।
थाना उझानी क्षेत्र के गांव लऊआ निवासी प्रवेशा पत्नी कल्यान सिंह ने 29 मार्च 2014 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक वह अपनी विवाहित पुत्री आरती के साथ अपने पति कल्यान सिंह और पुत्र रूपेंद्र को खेत पर खाना देने जा रही थी। रास्ते में गांव के मनु सिंह ने उसे और उसकी पुत्री पर भद्दी फब्ती कसते हुये रास्ता रोक लिया। दोनों के शोर मचाने पर खेत पर काम कर रहे कल्यान सिंह और रूपेंद्र आ गए। मनु सिंह ने भी अपने भाइयों को बुला लिया। सभी ने तमंचों से अंधाधुंध फायरिंग की, जिससे उसके पुत्र रूपेंद्र की मौके पर ही मृत्यु हो गई जबकि पति कल्यान सिंह की बरेली के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई।
प्रवेशा ने मनु सिंह व रमेश पुत्रगण अमर सिंह, छोटे सिंह, अरविंद, रविंद्र पुत्रगण महीपाल सिंह और सचिन पुत्र मनु सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने विवेचना के बाद सभी के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। फास्ट ट्रैक कोर्ट न्यायाधीश सारिका गोयल ने अभियोजन की ओर से एडीजीसी ओमपाल कश्यप और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलें सुनीं। कोर्ट ने मनु सिंह, रमेश, छोटे सिंह, अरविंद, रविंद्र और सचिन को दोहरे हत्याकांड में मुजरिम ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही सभी पर 40-40 हजार रुपये का अर्थदंड भी डाला है।
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थाना उझानी क्षेत्र के गांव लऊआ निवासी प्रवेशा पत्नी कल्यान सिंह ने 29 मार्च 2014 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक वह अपनी विवाहित पुत्री आरती के साथ अपने पति कल्यान सिंह और पुत्र रूपेंद्र को खेत पर खाना देने जा रही थी। रास्ते में गांव के मनु सिंह ने उसे और उसकी पुत्री पर भद्दी फब्ती कसते हुये रास्ता रोक लिया। दोनों के शोर मचाने पर खेत पर काम कर रहे कल्यान सिंह और रूपेंद्र आ गए। मनु सिंह ने भी अपने भाइयों को बुला लिया। सभी ने तमंचों से अंधाधुंध फायरिंग की, जिससे उसके पुत्र रूपेंद्र की मौके पर ही मृत्यु हो गई जबकि पति कल्यान सिंह की बरेली के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई।
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प्रवेशा ने मनु सिंह व रमेश पुत्रगण अमर सिंह, छोटे सिंह, अरविंद, रविंद्र पुत्रगण महीपाल सिंह और सचिन पुत्र मनु सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने विवेचना के बाद सभी के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। फास्ट ट्रैक कोर्ट न्यायाधीश सारिका गोयल ने अभियोजन की ओर से एडीजीसी ओमपाल कश्यप और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलें सुनीं। कोर्ट ने मनु सिंह, रमेश, छोटे सिंह, अरविंद, रविंद्र और सचिन को दोहरे हत्याकांड में मुजरिम ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही सभी पर 40-40 हजार रुपये का अर्थदंड भी डाला है।
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