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चाकू से पेट फाड़कर हत्या करने वाले को उम्रकैद
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बदायूं। आठ साल पहले चाकू से पेट फाड़कर युवक की हत्या करने के मामले में प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश चंद्रभानु सिंह ने आरोपी को मुजरिम ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उस पर 31 हजार रुपये का जुुर्माना भी डाला है। जबकि दो सगे भाइयों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है।
सहसवान कोतवाली क्षेत्र के गांव भवानीपुर खल्ली निवासी इस्लाम ने 29 मई 2014 को एफआईआर दर्ज कराई थी। उसके मुताबिक 28 मई की रात नौ बजे उसका भाई नवाब नमाज पढ़कर घर लौटा था। उसी वक्त गांव के इकरार, मोहम्मद मियां और मोहम्मद इस्लाम पुत्रगण इस्लाम उसके घर में घुस आए। उन्होंने नवाब को पकड़कर पीटना शुरू कर दिया। इकरार ने चाकू निकालकर नवाब का पेट फाड़ दिया। शोर शराबा सुनकर तमाम लोग आ गए। उन्होंने आरोपियों को पकड़ने की कोशिश की लेकिन तीनों आरोपी मौके से भाग गए। इस्लाम अपने भाई नवाब की हालत देखकर अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज ले गए। यहां से उसे सफदरजंग अस्पताल दिल्ली रेफर कर दिया। सात जून 2014 को नवाब की इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने विवेचना करने के बाद इकरार, मोहम्मद मियां और मोहम्मद इस्लाम के खिलाफ कोर्ट में हत्या के आरोप में चार्जशीट दाखिल की।
प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश चंद्रभानु सिंह ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। कोर्ट ने अभियोजन की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव गुप्ता और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस को सुना। कोर्ट ने इकरार को हत्या के मामले में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही इकरार पर 31 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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सहसवान कोतवाली क्षेत्र के गांव भवानीपुर खल्ली निवासी इस्लाम ने 29 मई 2014 को एफआईआर दर्ज कराई थी। उसके मुताबिक 28 मई की रात नौ बजे उसका भाई नवाब नमाज पढ़कर घर लौटा था। उसी वक्त गांव के इकरार, मोहम्मद मियां और मोहम्मद इस्लाम पुत्रगण इस्लाम उसके घर में घुस आए। उन्होंने नवाब को पकड़कर पीटना शुरू कर दिया। इकरार ने चाकू निकालकर नवाब का पेट फाड़ दिया। शोर शराबा सुनकर तमाम लोग आ गए। उन्होंने आरोपियों को पकड़ने की कोशिश की लेकिन तीनों आरोपी मौके से भाग गए। इस्लाम अपने भाई नवाब की हालत देखकर अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज ले गए। यहां से उसे सफदरजंग अस्पताल दिल्ली रेफर कर दिया। सात जून 2014 को नवाब की इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने विवेचना करने के बाद इकरार, मोहम्मद मियां और मोहम्मद इस्लाम के खिलाफ कोर्ट में हत्या के आरोप में चार्जशीट दाखिल की।
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प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश चंद्रभानु सिंह ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। कोर्ट ने अभियोजन की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव गुप्ता और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस को सुना। कोर्ट ने इकरार को हत्या के मामले में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही इकरार पर 31 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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