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जानलेवा हमले में चार लोगों को सात-सात साल की सजा
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बदायूं। करीब 12 साल पुराने जानलेवा हमले के मामले में अपर सत्र न्यायधीश नवम अखिलेश कुमार ने नामजद चार आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सात-सात साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सभी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी डाला है।
गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र के गांव नगला अजमेरी निवासी रामनरेश ने 11 दिसंबर 2009 को थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक वह आरोपी निहाल सिंह के घर के सामने से ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर जा रहा था। वादी के मुताबिक निहाल सिंह से उनकी पुरानी रंजिश चल रही थी। आरोपी ने उन्हें देखते ही गालीगलौज शुरू कर दी। रामनरेश ने मना किया तो निहाल सिंह, धर्मेंद्र, अजय पाल और प्रेमपाल ने बंदूक और राइफल से जान से मारने की नीयत से फायर किए। इससे वादी के चाचा भीमसेन बुरी तरह जख्मी हो गए। पुलिस ने निहाल सिंह, धर्मेंद्र, अजयपाल और प्रेमपाल के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
अपर सत्र न्यायाधीश अखिलेश कुमार ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। कोर्ट ने एडीजीसी मदनलाल राजपूत और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुना। कोर्ट ने नामजद निहाल सिंह, धर्मेंद्र, अजयपाल और प्रेमपाल को जानलेवा हमले में मुजरिम करार दिया। कोर्ट ने सभी मुजरिमों को सात-सात साल की सजा सुनाई है और सभी पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की धनराशि जमा होने पर घायल की पत्नी को पांच हजार रुपये देने का भी कोर्ट ने आदेश दिया है। संवाद
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गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र के गांव नगला अजमेरी निवासी रामनरेश ने 11 दिसंबर 2009 को थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक वह आरोपी निहाल सिंह के घर के सामने से ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर जा रहा था। वादी के मुताबिक निहाल सिंह से उनकी पुरानी रंजिश चल रही थी। आरोपी ने उन्हें देखते ही गालीगलौज शुरू कर दी। रामनरेश ने मना किया तो निहाल सिंह, धर्मेंद्र, अजय पाल और प्रेमपाल ने बंदूक और राइफल से जान से मारने की नीयत से फायर किए। इससे वादी के चाचा भीमसेन बुरी तरह जख्मी हो गए। पुलिस ने निहाल सिंह, धर्मेंद्र, अजयपाल और प्रेमपाल के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
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अपर सत्र न्यायाधीश अखिलेश कुमार ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। कोर्ट ने एडीजीसी मदनलाल राजपूत और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुना। कोर्ट ने नामजद निहाल सिंह, धर्मेंद्र, अजयपाल और प्रेमपाल को जानलेवा हमले में मुजरिम करार दिया। कोर्ट ने सभी मुजरिमों को सात-सात साल की सजा सुनाई है और सभी पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की धनराशि जमा होने पर घायल की पत्नी को पांच हजार रुपये देने का भी कोर्ट ने आदेश दिया है। संवाद
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