{"_id":"5d93a72f8ebc3e93ca6f87ec","slug":"court-badaun-news-bly3784287168","type":"story","status":"publish","title_hn":"हत्या में एक को आजीवन कारावास, जुर्माना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हत्या में एक को आजीवन कारावास, जुर्माना
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं। सात साल पुराने हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमेश चंद्र दिवाकर ने एक व्यक्ति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 12 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है। जबकि तीन आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है।
थाना फैजगंज बेहटा के गांव हबीबपुर निवासी अवनीश ने 10 अक्टूबर 2012 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक घटना वाले दिन शाम को अवनीश अपने दरवाजे पर खड़ा था। उसके पिता महावीर प्रसाद खेत से घर आ रहे थे। जैसे ही उसके पिता घर के सामने पहुंचे तभी गांव के ही प्रहलाद पुत्र करतार सिंह, राकेश पुत्र द्वारिकी, करनैल सिंह पुत्र रामेश्वर और अमरजीत पुत्र करनैल सिंह ने जान से मारने की नीयत से महावीर प्रसाद को घेर लिया। प्रहलाद ने उसके पिता को गोली मार दी। जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। अवनीश ने चारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने सभी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमेश चंद्र दिवाकर ने अभियोजन की ओर से प्रभारी डीजीसी अनिल सिंह राठौर और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस को सुनने के बाद प्रहलाद को हत्या का दोषी करार दिया। प्रहलाद को आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ 12 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है। वहीं कोर्ट ने राकेश, करनैल सिंह और अमरजीत को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
थाना फैजगंज बेहटा के गांव हबीबपुर निवासी अवनीश ने 10 अक्टूबर 2012 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक घटना वाले दिन शाम को अवनीश अपने दरवाजे पर खड़ा था। उसके पिता महावीर प्रसाद खेत से घर आ रहे थे। जैसे ही उसके पिता घर के सामने पहुंचे तभी गांव के ही प्रहलाद पुत्र करतार सिंह, राकेश पुत्र द्वारिकी, करनैल सिंह पुत्र रामेश्वर और अमरजीत पुत्र करनैल सिंह ने जान से मारने की नीयत से महावीर प्रसाद को घेर लिया। प्रहलाद ने उसके पिता को गोली मार दी। जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। अवनीश ने चारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने सभी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
विज्ञापन
जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमेश चंद्र दिवाकर ने अभियोजन की ओर से प्रभारी डीजीसी अनिल सिंह राठौर और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस को सुनने के बाद प्रहलाद को हत्या का दोषी करार दिया। प्रहलाद को आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ 12 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है। वहीं कोर्ट ने राकेश, करनैल सिंह और अमरजीत को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है।
विज्ञापन