फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Couple commits suicide after not getting married in Budaun

एक प्रेम कहानी का अंत: परिवार ने लगाया प्यार पर पहरा... सह न सके जुदाई, प्रेमी युगलों ने दी जान

Tue, 14 Mar 2023 12:34 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं Published by: मुकेश कुमार Updated Tue, 14 Mar 2023 12:34 PM IST
सार

प्रेमी युगल ने रविवार की रात पेड़ से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। दोनों के घरवालों ने रात में शवों का अंतिम संस्कार कर दिया था। पुलिस को लिखकर दिया कि वे कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं। 

विज्ञापन
Couple commits suicide after not getting married in Budaun
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

बदायूं के कादरचौक क्षेत्र के एक गांव में फंदे से लटककर मौत को गले लगाने वाले युवक-युवती एक ही गांव और एक ही जाति के थे, मगर दोनों की शादी के बीच पूर्वजों के जमाने से चली आ रही परंपरा आ रही थी। इससे उनकी शादी नहीं हो सकती थी। इधर गांव वाले तानाकशी करते थे तो दोनों को शादी की उम्मीद भी नहीं थी। इसी के चलते उन्होंने आत्मघाती कदम उठा लिया।

विज्ञापन


प्रेमी युगल ने रविवार की रात पेड़ से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। युवक और युवती के परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बगैर आनन-फानन रात में ही दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया। सुबह सूचना मिलने पर पुलिस गांव पहुंची तो दोनों के परिजन ने लिखकर दे दिया कि वे किसी तरह की कार्रवाई नहीं चाहते हैं। 
विज्ञापन


मूलरूप से दोनों के परिवार राजस्थान के रहने वाले हैं। गांव में एक दो परिवार को छोड़ दें तो अधिकांश राजस्थानी हैं और एक ही जाति के हैं। गांव वाले बताते हैं कि इस जाति में गोत्र अलग होने पर एक ही जाति में शादी नहीं होती है। यही वजह थी कि दोनों का विवाह नहीं हो सकता था। उनके बीच प्रेम प्रसंग को चलते हुए तीन साल बीत गए थे। उनके मिलने जुलने पर गांव वाले ताना देने लगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

युवती पर घरवालों ने लगा दी थीं बंदिशें 

गांव में प्रेम-प्रसंग की चर्चा आम हुई तो युवती के परिवार वालों ने उस पर बंदिशें लगाना शुरू कर दीं। उसको घर से बाहर नहीं निकलने दिया जाता था। युवक भी कुछ समय से इटावा जिले में ईंट भट्ठे पर मजदूरी करने चला गया था। हाल ही में वह आया तो प्रेमिका से मिलने के लिए उसका इंतजार करता रहा मगर बंदिश की वजह से वह उससे नहीं मिल पाई। 

चूंकि युवक की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी इसलिए इटावा के भट्ठे के अलावा उसके पास और कोई ठिकाना नहीं था। उसी भट्ठे पर युवती का पिता भी काम करता है इसलिए वहां ले जाने का सवाल ही नहीं उठता था। गांव वालों का मानना है कि इसी सोच के साथ दोनों ने खुदकुशी कर ली।

रंग पंचमी पर पूरे गांव में खेली गई थी होली

इस गांव में रंगों का त्योहार होली के बाद रंग पंचमी पर मनाया जाता है। राजस्थानी परंपरा के चलते रंग पंचमी पर ही लोग एक दूसरे को रंग लगाते हैं। युवक होली से कुछ दिन पहले ही यहां आया था और रविवार को मनाई गई रंग पंचमी पर जब पूरा गांव रंग खेल रहा था इस बीच उसकी मुलाकात युवती से हो गई। मगर किसी को यह नहीं पता था कि रंगों के बीच दोनों आत्मघाती कदम उठाने की योजना बना लेंगे।

रंग खेलने के बाद शाम को सभी अपने-अपने घर चले गए। रविवार रात किसी वक्त दोनों ने शादी न होने की उम्मीद और गांव वालों के तानों से तंग आकर मौत को गले लगा लिया। घटना के बाद गांव वालों के बयान दर्ज करने पहुंची पुलिस को भी यह बात ग्रामीणों ने बताई है। पुलिस भी इसी बात को मान रही है कि शादी की उम्मीद न होने के साथ ही बाहर रहने के लिए ठिकाना न होने पर उन्होंने यह कदम उठाया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed