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आज से लॉकडाउन में जनता रहेगी घरों में कैद, लोगों को जरूरी सामान मुहैय्या कराना बनेगा चुनौती
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बदायूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार देर शाम अपने संबोधन में एक बार फिर देश की जनता से कोरोना के खिलाफ लड़ने के लिए सहयोग मांगा है। प्रधानमंत्री ने देशभर में अगले 21 दिनों तक लॉक डाउन की घोषणा की। इससे पहले प्रदेश भर में बुधवार से 27 मार्च तक का लॉकडाउन होते ही प्रशासन तैयारियों में जुट गया था। लॉकडाउन की अवधि में आपातकालीन स्थिति को छोड़कर लोग अपने घरों में ही कैद रहेंगे। यदि किसी ने बाहर निकलने की कोशिश की तो पुलिस और प्रशासन उस पर सख्ती भी कर सकता है। हालांकि लॉकडाउन में मेडिकल स्टोर, खाद्य सामग्री, एंबुलेंस आदि की सेवाएं जारी रहेंगीं, लेकिन इसके साथ जनता तक जरूरी सामग्री मुहैया कराना भी चुनौती रहेगा।
रविवार को जनता कर्फ्यू के बाद सोमवार को बाजारों में भीड़ उमड़ पड़ी थी। मेडिकल स्टोर, सब्जी, किराने आदि की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ हो गई थी। ऐसे में संक्रमण का खतरा बढ़ने लगा था। मंगलवार को शासन ने बुधवार से 27 मार्च तक लॉकडाउन की घोषणा कर दी, जिसके बाद से ही प्रशासन ने इसे लेकर तैयारियां शुरू कर दी। डीएम कुमार प्रशांत ने बताया कि लॉक डाउन के दौरान सभी सरकारी कार्यालय, शैक्षणिक संस्थान, अर्द्घ सरकारी कार्यालय, स्वायत्तशायी संस्थाएं, राजकीय निगम / मंडल, सभी व्यापारी प्रतिष्ठान, निजी कार्यालय, मॉल्स, दुकानें, फैक्ट्रियां, वर्कशॉप, गोदाम व सार्वजनिक परिवहन (रोडवेज, प्राइवेट बसें, टैक्सी, ऑटो रिक्शा) आदि पूरी तरह सें बंद रहेंगे। इसके अलावा सभी प्रकार के स्थायी व अस्थायी दुकानें, साप्ताहिक बाजार, प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। उन्होंने बताया कि चिकित्सा, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, पॉवर कारपोरेशन, कार्मिक विभाग व जिला प्रशासन, खाद्य एवं रसद (फल, सब्जी, दूध, डेयरी, किराना, पेयजल) डाक सेवाएं, बैंक, एटीएम, बीमा कंपनियां, प्रिंट, इलेक्ट्रोनिक, पेट्रोल पंप, एलपीजी, दवा की दुकानें आदि खुली रहेंगी। डीएम ने बताया जिले की सारी सीमाएं सील रहेंगी, जिसमें पूरी चौकसी की जाएगी। यहां भी अधिकारियों की ड्यूटी रहेगी।
बीमारी से बचाव के लिए बनाई गईं टीमें
जिले में कोरोना वायरस की प्रभावी रोकथाम व बचाव के लिए जिला प्रशासन की ओर से टीमों का गठन किया गया है। इनमें मीडिया सर्विलांस टीम, आवश्यक सामग्री टीम, सफाई व्यवस्था टीम, क्वारंटीन टीम, क्विक रेस्पांस टीम, रसद टीम, वाहन प्रबंधन टीम, धारा 144 के अनुपालन के लिए टीम, सैंपलिंग टेस्टिंग टीम, एचआर टीम, एनजीओ कम्युनिकेशन टीम का गठन किया गया है जो अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगी। डीएम ने बताया किस सभी टीमों में विभिन्न अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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लॉक डाउन.. यानी घर में रहना होगा
लॉक डाउन एक इमरजेंसी जैसी व्यवस्था होती है। जिस क्षेत्र में लॉक डाउन होता है, उस क्षेत्र के लोगों को घरों से निकलने की अनुमति नहीं दी जाती है। जीवन के लिए आवश्यक चीजों के लिए ही बाहर निकलने की अनुमति होती है। अगर किसी को दवा या अनाज की जरूरत है तो बाहर जा सकता है। या फिर अस्पताल जाने की अनुमति मिल सकती है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों की देखभाल जैसे कामों के लिए भी बाहर निकलने की अनुमति दी जा सकती है।
इसलिए किया जाता है लॉक डाउन
किसी भी गंभीर खतरे से इंसानों और समाज को बचाने के लिए लॉक डाउन किया जाता है। कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए ऐसा कई देशों में किया गया है। कोरोना वायरस का संक्रमण एक इंसान से दूसरे इंसान में न जाए, इसके लिए जरूरी है कि लोग घरों से बाहर न निकलें। क्योंकि बाहर निकलने की स्थिति में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
कई देशों में चल रहा है लॉक डाउन
चीन, डेनमार्क, अलसलवाडोर, फ्रांस, आयरलैंड, इटली, न्यूजीलैंड, पोलैंड औरं स्पेन में लॉकडाउन की स्थिति है। चूूंकि चीन में ही सबसे पहले कोरोना वायरस संक्रमण का मामला सामने आया था, इसलिए सबसे पहले वहां लॉक डाउन किया गया। इटली में मामला गंभीर होने के बाद वहां के प्रधानमंत्री ने पूरे देश को लॉकडाउन कर दिया। उसके बाद स्पेन और फ्रांस ने भी कोरोना संक्रमण रोकने के लिए यही कदम उठाया।
पहले कब-कब कहां हुआ लॉक डाउन
अमेरिका में 9/11 के आतंकी हमले के बाद वहां तीन दिन का लॉकडाउन किया गया था। दिसंबर 2005 में न्यू साउथ वेल्स पुलिस फोर्स ने दंगा रोकने के लिए लॉकडाउन किया था। 19 अप्रैल 2013 को बोस्टन शहर को आंतकियों की खोज के लिए लॉकडाउन किया था। नवंबर 2015 में पेरिस हमले के बाद संदिग्धों को पकड़ने के लिए साल 2015 में ब्रूसेल्स में पूरे शहर को लॉक डाउन किया गया था।
स्वास्थ्य सेवाएं नहीं होगी लॉकडाउन से प्रभावित
लॉकडाउन घोषित होने का स्वास्थ्य सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा। अस्पताल आने जाने वाले अपने स्टाफ को प्रबंधन की ओर लेटरपैड पर फोटोयुक्त पहचान पत्र जारी किए जाएंगे। जिसे दिखाकर वह रोज अस्पताल आ-जा सकते हैं।
कलक्ट्रेट में बनाया गया कंट्रोल रूम
कोरोना वायरस के खतरे के बीच शासन के लॉक डाउन कर दिया। जिसके बाद में डीएम ने टीम गठित कर यह निर्देश दिए हैं कि वह अपनी-अपनी टीम के सदस्यों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए सौंपे गए दायित्वों को समयबद्घता के साथ करेंगे। वहीं जिला प्रशासन ने कलक्ट्रेट में कंट्रोल रूम स्थापित किया है। इसमेें टेलीफोन 05832- 266114 और मोबाइल नंबर 7505395940, 7505389289 पर सूचनाएं दे सकते हैं।
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रविवार को जनता कर्फ्यू के बाद सोमवार को बाजारों में भीड़ उमड़ पड़ी थी। मेडिकल स्टोर, सब्जी, किराने आदि की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ हो गई थी। ऐसे में संक्रमण का खतरा बढ़ने लगा था। मंगलवार को शासन ने बुधवार से 27 मार्च तक लॉकडाउन की घोषणा कर दी, जिसके बाद से ही प्रशासन ने इसे लेकर तैयारियां शुरू कर दी। डीएम कुमार प्रशांत ने बताया कि लॉक डाउन के दौरान सभी सरकारी कार्यालय, शैक्षणिक संस्थान, अर्द्घ सरकारी कार्यालय, स्वायत्तशायी संस्थाएं, राजकीय निगम / मंडल, सभी व्यापारी प्रतिष्ठान, निजी कार्यालय, मॉल्स, दुकानें, फैक्ट्रियां, वर्कशॉप, गोदाम व सार्वजनिक परिवहन (रोडवेज, प्राइवेट बसें, टैक्सी, ऑटो रिक्शा) आदि पूरी तरह सें बंद रहेंगे। इसके अलावा सभी प्रकार के स्थायी व अस्थायी दुकानें, साप्ताहिक बाजार, प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। उन्होंने बताया कि चिकित्सा, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, पॉवर कारपोरेशन, कार्मिक विभाग व जिला प्रशासन, खाद्य एवं रसद (फल, सब्जी, दूध, डेयरी, किराना, पेयजल) डाक सेवाएं, बैंक, एटीएम, बीमा कंपनियां, प्रिंट, इलेक्ट्रोनिक, पेट्रोल पंप, एलपीजी, दवा की दुकानें आदि खुली रहेंगी। डीएम ने बताया जिले की सारी सीमाएं सील रहेंगी, जिसमें पूरी चौकसी की जाएगी। यहां भी अधिकारियों की ड्यूटी रहेगी।
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बीमारी से बचाव के लिए बनाई गईं टीमें
जिले में कोरोना वायरस की प्रभावी रोकथाम व बचाव के लिए जिला प्रशासन की ओर से टीमों का गठन किया गया है। इनमें मीडिया सर्विलांस टीम, आवश्यक सामग्री टीम, सफाई व्यवस्था टीम, क्वारंटीन टीम, क्विक रेस्पांस टीम, रसद टीम, वाहन प्रबंधन टीम, धारा 144 के अनुपालन के लिए टीम, सैंपलिंग टेस्टिंग टीम, एचआर टीम, एनजीओ कम्युनिकेशन टीम का गठन किया गया है जो अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगी। डीएम ने बताया किस सभी टीमों में विभिन्न अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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लॉक डाउन.. यानी घर में रहना होगा
लॉक डाउन एक इमरजेंसी जैसी व्यवस्था होती है। जिस क्षेत्र में लॉक डाउन होता है, उस क्षेत्र के लोगों को घरों से निकलने की अनुमति नहीं दी जाती है। जीवन के लिए आवश्यक चीजों के लिए ही बाहर निकलने की अनुमति होती है। अगर किसी को दवा या अनाज की जरूरत है तो बाहर जा सकता है। या फिर अस्पताल जाने की अनुमति मिल सकती है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों की देखभाल जैसे कामों के लिए भी बाहर निकलने की अनुमति दी जा सकती है।
इसलिए किया जाता है लॉक डाउन
किसी भी गंभीर खतरे से इंसानों और समाज को बचाने के लिए लॉक डाउन किया जाता है। कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए ऐसा कई देशों में किया गया है। कोरोना वायरस का संक्रमण एक इंसान से दूसरे इंसान में न जाए, इसके लिए जरूरी है कि लोग घरों से बाहर न निकलें। क्योंकि बाहर निकलने की स्थिति में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
कई देशों में चल रहा है लॉक डाउन
चीन, डेनमार्क, अलसलवाडोर, फ्रांस, आयरलैंड, इटली, न्यूजीलैंड, पोलैंड औरं स्पेन में लॉकडाउन की स्थिति है। चूूंकि चीन में ही सबसे पहले कोरोना वायरस संक्रमण का मामला सामने आया था, इसलिए सबसे पहले वहां लॉक डाउन किया गया। इटली में मामला गंभीर होने के बाद वहां के प्रधानमंत्री ने पूरे देश को लॉकडाउन कर दिया। उसके बाद स्पेन और फ्रांस ने भी कोरोना संक्रमण रोकने के लिए यही कदम उठाया।
पहले कब-कब कहां हुआ लॉक डाउन
अमेरिका में 9/11 के आतंकी हमले के बाद वहां तीन दिन का लॉकडाउन किया गया था। दिसंबर 2005 में न्यू साउथ वेल्स पुलिस फोर्स ने दंगा रोकने के लिए लॉकडाउन किया था। 19 अप्रैल 2013 को बोस्टन शहर को आंतकियों की खोज के लिए लॉकडाउन किया था। नवंबर 2015 में पेरिस हमले के बाद संदिग्धों को पकड़ने के लिए साल 2015 में ब्रूसेल्स में पूरे शहर को लॉक डाउन किया गया था।
स्वास्थ्य सेवाएं नहीं होगी लॉकडाउन से प्रभावित
लॉकडाउन घोषित होने का स्वास्थ्य सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा। अस्पताल आने जाने वाले अपने स्टाफ को प्रबंधन की ओर लेटरपैड पर फोटोयुक्त पहचान पत्र जारी किए जाएंगे। जिसे दिखाकर वह रोज अस्पताल आ-जा सकते हैं।
कलक्ट्रेट में बनाया गया कंट्रोल रूम
कोरोना वायरस के खतरे के बीच शासन के लॉक डाउन कर दिया। जिसके बाद में डीएम ने टीम गठित कर यह निर्देश दिए हैं कि वह अपनी-अपनी टीम के सदस्यों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए सौंपे गए दायित्वों को समयबद्घता के साथ करेंगे। वहीं जिला प्रशासन ने कलक्ट्रेट में कंट्रोल रूम स्थापित किया है। इसमेें टेलीफोन 05832- 266114 और मोबाइल नंबर 7505395940, 7505389289 पर सूचनाएं दे सकते हैं।