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कोरोना का असरः मंडी में सड़ने लगे फल, सस्ते में बेचने को मजबूर हुए व्यापारी
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बदायूं। कोरोना का असर शहर की मंडी में भी पड़ने लगा है। रविवार को जनता कर्फ्यू होने के दौरान काफी फल खराब हो गए। जो बचे उन्हें व्यापारियों को सस्ते दामों में बेचना पड़ा। सोमवार को कुछ व्यापारियों ने एहतियातन फलों को कोल्ड स्टोर में रखवा दिया है।
शहर की मंडी समिति में रोजाना की तरह अन्य जनपदों से संतरा, अंगूर, पपीता आदि आ रहा था। व्यापारियों के अनुसार मंडी में रोजाना पांच से छह गाड़ियां संतरे की रोजाना आती थीं। शनिवार को मात्र दो गाड़ी संतरे ही आ पाए। फल व्यापारी साबिर हुसैन व मोहम्मद नाजिम ने बताया कि मंडी में पिछले पांच-छह दिनों से फल की बिक्री में कमी आई है।
अमूमन रात में गाड़ी से फल उतारकर पेटी में रख दिए जाते थे और अगले दिन सुबह उनकी ब्रिकी हो जाती। लेकिन शनिवार को पता चला कि रविवार को जनता कर्फ्यू है। इसकी वजह से शाम को सभी मजदूर जल्दी ही घर चले गए और सोमवार को वापस आए। ऐसे में फल गाड़ी में पड़े पड़े ही काफी सड़ गए। साथ ही सोमवार सुबह फलों की ब्रिकी भी अपेक्षा से कम रही, जिस वजह से रेट भी गिर गए। हालत यह थी कि जो संतरे थोक में रोजाना 22 से 25 रुपये बिक रहे थे, वह सोमवार को 18 से 20 रुपये तक पर आ गए। यहीं हाल पपीते का था, सोमवार को पपीता भी 20 से 22 रुपये किलो बिका।
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... और बढ़ गए सब्जी के दाम
रविवार को जनता कर्फ्यू होने की वजह से सब्जी मंडी के व्यापारियों में आशंका थी कि रोजाना की तरह सब्जी बिकेंगी भी या नहीं। लेकिन सोमवार सुबह करीब 10 बजे से सब्जी मंडी में लोगों की भीड़ जुटने लगी। कुछ व्यापारियों ने लोगों की मजबूरी का फायदा भी उठाया। जो आलू शनिवार तक 20 रुपये तक बिक रहा था, वह 25 से 30 रुपये बिका। वहीं टमाटर 30 रुपये, भिंडी 80 रुपये, कटहल 50 रुपये, तोरई 80 रुपये तक बिकी। सब्जी मंडी के अलावा सुभाष चौक, टिकटगंज, ओवरब्रिज के नीचे आदि स्थानों पर लगे ठेलों पर भी लोगों ने सब्जी की खरीदारी की।
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शहर की मंडी समिति में रोजाना की तरह अन्य जनपदों से संतरा, अंगूर, पपीता आदि आ रहा था। व्यापारियों के अनुसार मंडी में रोजाना पांच से छह गाड़ियां संतरे की रोजाना आती थीं। शनिवार को मात्र दो गाड़ी संतरे ही आ पाए। फल व्यापारी साबिर हुसैन व मोहम्मद नाजिम ने बताया कि मंडी में पिछले पांच-छह दिनों से फल की बिक्री में कमी आई है।
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अमूमन रात में गाड़ी से फल उतारकर पेटी में रख दिए जाते थे और अगले दिन सुबह उनकी ब्रिकी हो जाती। लेकिन शनिवार को पता चला कि रविवार को जनता कर्फ्यू है। इसकी वजह से शाम को सभी मजदूर जल्दी ही घर चले गए और सोमवार को वापस आए। ऐसे में फल गाड़ी में पड़े पड़े ही काफी सड़ गए। साथ ही सोमवार सुबह फलों की ब्रिकी भी अपेक्षा से कम रही, जिस वजह से रेट भी गिर गए। हालत यह थी कि जो संतरे थोक में रोजाना 22 से 25 रुपये बिक रहे थे, वह सोमवार को 18 से 20 रुपये तक पर आ गए। यहीं हाल पपीते का था, सोमवार को पपीता भी 20 से 22 रुपये किलो बिका।
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... और बढ़ गए सब्जी के दाम
रविवार को जनता कर्फ्यू होने की वजह से सब्जी मंडी के व्यापारियों में आशंका थी कि रोजाना की तरह सब्जी बिकेंगी भी या नहीं। लेकिन सोमवार सुबह करीब 10 बजे से सब्जी मंडी में लोगों की भीड़ जुटने लगी। कुछ व्यापारियों ने लोगों की मजबूरी का फायदा भी उठाया। जो आलू शनिवार तक 20 रुपये तक बिक रहा था, वह 25 से 30 रुपये बिका। वहीं टमाटर 30 रुपये, भिंडी 80 रुपये, कटहल 50 रुपये, तोरई 80 रुपये तक बिकी। सब्जी मंडी के अलावा सुभाष चौक, टिकटगंज, ओवरब्रिज के नीचे आदि स्थानों पर लगे ठेलों पर भी लोगों ने सब्जी की खरीदारी की।