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Budaun News: रूट डायवर्जन से ऑटो चालकों की चांदी, 30-40 किमी दौड़ाकर ढो रहे सवारियां
Sun, 23 Aug 2026 11:43 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Sun, 23 Aug 2026 11:43 PM IST
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पुलिस लाइन चौराहा पर सवारियों का इंतजार करते ऑटो चालक। संवाद
बदायू। कांवड़ यात्रा के चलते जिले में लागू रूट डायवर्जन का फायदा ऑटो चालक उठा रहे हैं। हाईवे पर बड़े वाहनों की आवाजाही बंद होने से बसें नहीं चल रही हैं, इसका लाभ उठाकर ऑटो चालक बदायूं से बरेली, उसावां, म्याऊं, दातागंज और कासगंज तक लंबी दूरी की सवारियां ढो रहे हैं।
मजबूरी में यात्री भी 30 से 50 किलोमीटर का सफर ऑटो से करने को मजबूर हैं। दरअसल, कांवड़ यात्रा के दौरान प्रशासन ने भारी वाहनों और रोडवेज बसों के लिए रूट डायवर्ट कर दिया है। बरेली-बदायूं स्टेट हाईवे पर बसों का संचालन बंद है। ग्रामीण रूटों पर भी बसें कम हो गई हैं। ऐसे में यात्रियों के पास ऑटो के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। इसका फायदा ऑटो चालक उठा रहे हैं।
पुलिस लाइन और नवादा चौराहे से बरेली के लिए ऑटो जा रहे हैं। सामान्य दिनों में ऑटो 10-15 किमी तक ही चलते थे, लेकिन अब 30-40 किमी की दौड़ लगा रहे हैं। चालक प्रति सवारी 90 से 100 रुपये तक वसूल रहे हैं, जबकि सामान्य किराया 75 रुपये होता था। ओवरलोडिंग भी जमकर हो रही है। एक ऑटो में चार की 10-12 सवारियां बैठाई जा रही हैं। यात्रियों का कहना है कि बस न मिलने से ऑटो से जाना पड़ रहा है। किराया ज्यादा होने के बाद भी जाना मजबूरी है। वहीं, ऑटो चालकों का कहना है कि डायवर्जन के कारण सवारियां मिल रही हैं, इसलिए लंबी दूरी तय कर रहे हैं।
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मजबूरी में यात्री भी 30 से 50 किलोमीटर का सफर ऑटो से करने को मजबूर हैं। दरअसल, कांवड़ यात्रा के दौरान प्रशासन ने भारी वाहनों और रोडवेज बसों के लिए रूट डायवर्ट कर दिया है। बरेली-बदायूं स्टेट हाईवे पर बसों का संचालन बंद है। ग्रामीण रूटों पर भी बसें कम हो गई हैं। ऐसे में यात्रियों के पास ऑटो के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। इसका फायदा ऑटो चालक उठा रहे हैं।
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पुलिस लाइन और नवादा चौराहे से बरेली के लिए ऑटो जा रहे हैं। सामान्य दिनों में ऑटो 10-15 किमी तक ही चलते थे, लेकिन अब 30-40 किमी की दौड़ लगा रहे हैं। चालक प्रति सवारी 90 से 100 रुपये तक वसूल रहे हैं, जबकि सामान्य किराया 75 रुपये होता था। ओवरलोडिंग भी जमकर हो रही है। एक ऑटो में चार की 10-12 सवारियां बैठाई जा रही हैं। यात्रियों का कहना है कि बस न मिलने से ऑटो से जाना पड़ रहा है। किराया ज्यादा होने के बाद भी जाना मजबूरी है। वहीं, ऑटो चालकों का कहना है कि डायवर्जन के कारण सवारियां मिल रही हैं, इसलिए लंबी दूरी तय कर रहे हैं।
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