फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Complaints received through IGRS over the past year will be re-examined.

Budaun News: आईजीआरएस में एक साल में आईं शिकायतों की दोबारा होगी जांच

Thu, 04 Jun 2026 11:45 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 04 Jun 2026 11:45 PM IST
विज्ञापन
Complaints received through IGRS over the past year will be re-examined.
बदायूं। एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) पर काफी शिकायतों का फर्जी निस्तारण सामने आ रहा है। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने इनकी दोबारा जांच के आदेश दिए हैं। संबंधित विभागों के अधिकारियों को रिपोर्ट 30 जून तक देनी होगी। जिले में करीब पांच हजार ऐसे मामले हैं, जिनकी दोबारा जांच की जानी है। हालांकि आधिकारिक तौर पर अभी इसकी पुष्टि नहीं की जा रही।
विज्ञापन

एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) पर जिलेभर से वर्ष 2018 से अब तक 1,01,400 मामले दर्ज कराए गए हैं। इसमें 1,00,607 मामलों का निस्तारण पोर्टल पर दिखा दिया गया है, जबकि 793 मामले फर्जी बताकर निरस्त कर दिए गए हैं। निस्तारित की गईं शिकायतों का जब शासन स्तर से सत्यापन किया गया तो पता चला कि शिकायतें जस की तस हैं, सिर्फ पोर्टल पर ही उन्हें निस्तारित दिखा दिया गया है। इसके बाद शासन ने बीते एक साल में आईं महत्वपूर्ण शिकायतों की पुन: जांच कराने के आदेश संबंधित विभागों के अधिकारियों को दिए हैं। शासन के निर्देश हैं कि जांच कर अधिकारी अपनी रिपोर्ट 30 जून तक शासन को भेज दें।
विज्ञापन


जिलाधिकारी को उपलब्ध कराया गया एआई टूल
अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) व अन्य तकनीकी टूल्स की मदद से शिकायतों के निस्तारण की हकीकत परखी जाएगी। इसी आधार पर लेखपाल, कानूनगो, तहसीलदार, एसडीएम की ग्रेडिंग तय कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शासन स्तर से इसके लिए जिलाधिकारी को एआई टूल भी उपलब्ध कराया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अभियान के दौरान जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों को चिह्नित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हर सप्ताह ब्लॉक स्तर पर चौपाल का भी आयोजन होगा, जिसकी समीक्षा जिलाधिकारी स्तर से की जाएगी। अफसरों को भी चेताया गया है कि अभियान के दौरान लापरवाही सामने आने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।


इन प्रकरणों की दोबारा की जाएगी जांच
रास्ते, चकरोड, नाली पर कब्जे संबंधी विवाद, चकबंदी में वरासत, न्यायालयों के आदेशों के अमलदरामद, पट्टे की भूमि और तालाब पर कब्जे की शिकायत, आबादी की भूमि से जुड़े प्रकरण, भू-माफिया का कब्जा, भूमि अधिग्रहण/ व्यवस्थापन/ हस्तांतरण/ मुआवजा संबंधी प्रकरण, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, राजस्व अभिलेखों में त्रुटि/संशोधन, रास्ता/चकरोड के विवाद, विभागीय संपत्ति अथवा भूमि के अतिक्रमण या कब्जे के प्रकरण, संक्रमणीय भूमिधरों के मध्य पैमाइश संबंधी प्रकरण, सार्वजनिक भूमि जैसे तालाब/ खलिहान/ श्मशान/ खेल मैदान/ आरक्षित भूमि आदि पर कब्जे से जुड़े प्रकरण।



-------मौके पर वही स्थिति, कागजों में समस्या निस्तारित----
केस एक-
गांव बाकरपुर निवासी हसमुंखी ने 18 अप्रैल को अपने खेत से बिजली का पोल हटवाने की शिकायत की थी। साथ ही तमाम बार विभाग के चक्कर लगाए, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका है। हालांकि विभाग की ओर से 17 मई को शिकायत का निस्तारण दिखा दिया गया, लेकिन मौके से पोल अब तक नहीं हट सका है। जब शासन स्तर से इनको कॉल किया गया तो उन्होंने निस्तारण न होने की बात कही। इसके बाद शासन की ओर से बरेली अधीक्षण अभियंता को जांच के निर्देश दिए हैं।






केस दो-



उझानी निवासी संजीव गोस्वामी ने कई बार विभाग में शिकायत की। कहा कि घर के पास लगा बिजली का खंभा नीचे से गल गया है, जिससे कभी भी कोई हादसा हो सकता है। लेकिन उनकी सुनी नहीं गई। उन्होंने आईजीआरएस पर 23 अप्रैल को शिकायत की। इसके बाद 23 मई को निगम की ओर से रिपोर्ट लगा दी गई कि समस्या का समाधान हो गया है। जब शासन स्तर से कॉल की, तो पता चला कि खंभा ठीक नहीं हुआ है। इसके बाद शासन के निर्देश पर बरेली अधीक्षण अभियंता को जांच के निर्देश दिए हैं।







केस तीन-



नगला तेइयरपुर निवासी नरेंद्र सिंह ने 21 अप्रैल को शिकायत की थी। कहा था कि हैंडपंप खराब है। उसकी मरम्मत होनी है। इस पर चार मई को एडीएम पंचायत ने रिपोर्ट लगा मामला निस्तारित दिखा दिया। मौजूदा हालात नहीं बदले। शासन स्तर से पहुंची कॉल में स्थिति स्पष्ट हुई। इसके बाद शासन ने डीपीआरओ को जांच के निर्देश दिए हैं।








आईजीआरएस पर शिकायतों के निस्तारण को लेकर शासन स्तर से निर्देश मिले हैं। उसमें शिकायतों की क्रॉस जांच कराने निर्देश दिए गए हैं। इसके बारे में संबंधित लोगों को अवगत करा दिया गया है। जिले में करीब पांच हजार मामले हैं। - अंजुम बी, एडीएम न्यायिक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed