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कॉलेज प्राइवेट लोगों के हवाले कर स्टाफ नदारद
ब्यूरो, अमर उजाला बदायूं
Updated Tue, 08 Sep 2015 12:05 AM IST
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डीएम शंभूनाथ सोमवार को इस कॉलेज में औचक रूप से 12.15 बजे ही निरीक्षण को पहुंच गए। पूछताछ करने पर पता लगा कि प्रधानाचार्य सहित स्टाफ नदारद है। कॉलेज के गेट पर प्राईवेट लोग खड़े पाए गए। इस स्थिति को देखते ही समझ गए कि यह सभी एवजी वाले हैं। जिलाधिकारी का पारा चढ़ गया और उन्होंने कॉलेज से ही जिला विद्यालय निरीक्षक से वार्ता कर सभी का वेतन रोकने के निर्देश दिए।
वजन दिवस का जायजा लेते हुए औचक रूप से डीएम गभियाई के इस कॉलेज में पहुंच गए थे। उन्होंने पाया कि कार्यदायी संस्था समाज कल्याण निगम द्वारा निर्माण कार्य पूरा होने के बाद शेष सामग्री ले जाई जा रही है। अध्यापक कामिनी गुप्ता जिन्होंने सोमवार को ही ज्वाइन किया था। वह बदायूं आने के लिए बस के इंतजार में ककराला उसहैत मार्ग पर खड़ी थीं लेकिन डीएम की गाड़ी देखकर वह कॉलेज में आ गईं तो उन्होंने अपने बारे में जानकारी दी। कॉलेज से प्रधानाचार्य मुहम्मद इरशाद हुसैन और एक और शिक्षक नदारद पाए गए। जिलाधिकारी द्वारा जब बन्द कमरों को खुलवाकर फर्नीचर आदि का निरीक्षण किया तो गेट पर खड़े एक बाहरी व्यक्ति ने कमरों को खोला। डीएम के पूछताछ करने पर पता लगा कि वह डेलीवेस पर कार्यरत है। प्राइवेट व्यक्ति के पास कार्य करने संबंधी कोई अभिलेख नहीं थे। प्रधानाचार्य की मिलीभगत से स्कूल की कमान संभाले हुए है। कॉलेज की कक्षा छह में 44 तथा कक्षा नौ में 50 विद्यार्थी अध्यनरत हैं लेकिन डीएम ने एक भी बच्चा कॉलेज आते-जाते नहीं देखा। चौकीदार भी कॉलेज के बाहर ही पाया गया।
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वजन दिवस का जायजा लेते हुए औचक रूप से डीएम गभियाई के इस कॉलेज में पहुंच गए थे। उन्होंने पाया कि कार्यदायी संस्था समाज कल्याण निगम द्वारा निर्माण कार्य पूरा होने के बाद शेष सामग्री ले जाई जा रही है। अध्यापक कामिनी गुप्ता जिन्होंने सोमवार को ही ज्वाइन किया था। वह बदायूं आने के लिए बस के इंतजार में ककराला उसहैत मार्ग पर खड़ी थीं लेकिन डीएम की गाड़ी देखकर वह कॉलेज में आ गईं तो उन्होंने अपने बारे में जानकारी दी। कॉलेज से प्रधानाचार्य मुहम्मद इरशाद हुसैन और एक और शिक्षक नदारद पाए गए। जिलाधिकारी द्वारा जब बन्द कमरों को खुलवाकर फर्नीचर आदि का निरीक्षण किया तो गेट पर खड़े एक बाहरी व्यक्ति ने कमरों को खोला। डीएम के पूछताछ करने पर पता लगा कि वह डेलीवेस पर कार्यरत है। प्राइवेट व्यक्ति के पास कार्य करने संबंधी कोई अभिलेख नहीं थे। प्रधानाचार्य की मिलीभगत से स्कूल की कमान संभाले हुए है। कॉलेज की कक्षा छह में 44 तथा कक्षा नौ में 50 विद्यार्थी अध्यनरत हैं लेकिन डीएम ने एक भी बच्चा कॉलेज आते-जाते नहीं देखा। चौकीदार भी कॉलेज के बाहर ही पाया गया।
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