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किसान कोड होने पर किसी भी मिल को बेच सकेंगे गन्ना

Sat, 03 Oct 2015 08:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो ,बदायूं
अमर उजाला ब्यूरो ,बदायूं Updated Sat, 03 Oct 2015 08:19 PM IST
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code needed to sell sugar cane to the meals
चीनी मिलों को गन्ना देने के लिए गन्ना विभाग किसानों को पर्ची आवंटित करता है। जिस मिल के नाम से पर्ची होती है, किसान को उसी मिल को गन्ना देना होता है। माफिया भी हाबी रहते हैं, नई व्यवस्था में ऐसा नहीं होगा। किसानों को एक कोड आवंटित किया गया है। इसके आधार पर उनको गन्ना पर्चियां दी जाएंगी। जिन किसानों के पास कोड नहीं होगा वह मिलों को गन्ना नहीं दे सकेंगे। गन्ना सहकारी संघ के सचिव रामकिशन ने बताया कि जो किसान संघ के सदस्य नहीं हैं, वह 15 अक्तूबर तक सदस्य बन सकते हैं।
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शाहजहांपुर से मिलेगा 150 क्विंतल गन्ना बीज
गन्ना शोध परिषद शाहजहांपुर से बदायूं को उन्नत प्रजाति का 150 क्विंटल गन्ने का बीज मिलेगा। बदायूं के गन्ना सहकारी संघ का इसके लिए परिषद से अनुबंध हो गया है। यह बीज अगले पेराई सत्र में जिले के गन्ना किसानों को बांटा जाएगा। अब तक जिले का किसान उन्नत प्रजाति के गन्ने की उपज से दूर भागता है। इससे किसानों के साथ चीनी मिलों को भी नुकसान उठाना पड़ता है।
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पांच साल पहले गन्ना विकास परिषद ने गन्ने की जिस प्रजाति को रिजेक्ट कर दिया था बदायूं के किसानों का अब भी इस प्रजाति के गन्ने से मोह भंग नहीं हुआ है। जिले के ज्यादातर गन्ना क्षेत्रफल में जल्द बीमारी की जद में आने वाली गन्ना की 91,269 प्रजाति की फसल है। पर्यावरण में बदलाव की वजह से गन्ने की 91,269 प्रजाति को बीमारियां घेरने लगी थीं। वजन में भारी और कठोर इस प्रजाति की रिकवरी कम हो गई है। करीब पांच साल पहले गन्ना विकास परिषद ने इस प्रजाति को रिजेक्ट घोषित कर दिया।
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91,269 प्रजाति से नुकसान की वजह
बदायूं। 91269 प्रजाति का गन्ना वजन में भारी जरूर होता है, लेकिन यह फरवरी के आखिर तक पूरी तरह से विकसित हो पाता है। इससे पहले अगर इस प्रजाति के गन्ने की पेराई होती है तो रिकवरी काफी कम आती है। ऐसे में चीनी मिलें इस प्रजाति के गन्ने से परहेज करती हैं। फरवरी के आखीर तक जब यह गन्ना पेराई के काबिल होता है तब तक चीनी मिलों का पेराई सत्र  निपटने के करीब होता है।

ये प्रजातियां हैं फायदेमंद
01434, 0238, 0239, 0118, 07250
वैज्ञानिक गन्ना शोध संस्थान शाहजहांपुर के डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि गन्ने की 91269 प्रजाति को बीमारियां जल्द घेर लेती हैं। गन्ना शोध परिषद बदायूं को उन्नत प्रजातियों का 150 क्विंतल बीज मुहैया करा रहा है। कोशिश है कि बदायूं में धीरे-धीरे रिजेक्ट प्रजाति के क्षेत्रफल को खत्म किया जाए। इसके लिए प्रचार -प्रसार की भी जरूरत है।

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