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कछला पुल का पहुंच मार्ग धंसा

Thu, 25 Aug 2022 12:36 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 25 Aug 2022 12:36 AM IST
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कछला में पुल के पास संपर्क मार्ग के पास नजर आतीं गंगा की जलधारा। संवाद - फोटो : BADAUN
उझानी/कछला (बदायूं)। कछला में गंगा पर बने पुल का पहुंच मार्ग (एप्रोच रोड) धंसने से गहरा गड्ढा हो गया है। चौड़ाई बढ़ने के साथ ही करीब 15 फुट गहरे गड्ढे में रेलिंग का एक पिलर भी झूलने लगा है। सड़क में हल्की दरारें पड़ गई हैं। पिछले दिनों बारिश के दौरान मिट्टी धंसना शुरू हुई तो अफसरों ने गौर नहीं किया। धीरे-धीरे गहराई बढ़ी तो बुधवार दोपहर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। किसी हादसे को लेकर सभी आशंकित हैं।
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बरेली-मथुरा हाईवे से जुड़े कछला पुल पर होकर रोजाना ही हजारों की संख्या में वाहन गुजरते हैं। वर्ष-2011 में बनकर तैयार पुल पर कासगंज जिले की ओर करीब आठ दिन पहले मिट्टी धंसना शुरू हुई। गंगा का जलस्तर बढ़ा तो पानी का दबाव भी पहुंच मार्ग पर पड़ा और वह धंस गया। यहां बता दें उसके पास ही गंगा के दक्षिण की ओर अस्थायी बांध भी बना है। गंगा किनारे आश्रमों में रहने वाले महात्मा रामपाल शास्त्री बताते हैं कि पहुंच मार्ग के किनारे मिट्टी धंसने से बने गड्ढे की गहराई 15 फुट से कम नहीं है। चौड़ाई रोजाना ही बढ़ती जा रही है। अब तो रेलिंग का पिलर भी गड्ढे में झूलता दिखने लगा है।
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ऐसा भी नहीं कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और पीडब्ल्यूडी के अफसरों के संज्ञान में मामला नहीं पहुंचा हो। इलाके के लोगों को एनएचएआई के बारे में तो ज्यादा जानकारी नहीं है लेकिन उन्होंने पीडब्ल्यूडी के कर्मचारियों को अवगत जरूर करा दिया था। कहा तो यहां तक जाने लगा है कि गंगा में जलस्तर फिर से बढ़ा तो सड़क में फिलहाल मामूली सी दरार बढ़कर किसी वाहन को चपेट में ले सकती है। उधर, भनक लगते ही कछला नगर पंचायत के ईओ रतन कुमार पांडेय ने मौके पर पुलिस और अपने कर्मचारियों को भेजकर संकेतक लगवा दिए हैं। ताकि कोई हादसा नहीं हो।
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दो साल पहले भी धंसा था पहुंच मार्ग
गंगा किनारे कासगंज जिले की ओर करीब दो साल पहले पहुंच मार्ग की मिट्टी धंस गई थी। उस वक्त गहरा गड्ढा नजर आया तो पीडब्ल्यूडी के अफसरों ने बालू से उसे भरवा दिया। बारिश के दौरान फिर से बालू बही तो मिट्टी डाल दी गई लेकिन मिट्टी के ऊपर पत्थर से सपोर्ट नहीं किया। यही वजह रही कि बारिश होने के बाद बालूनुमा मिट्टी बह जाती है और उसी स्थान पर बार-बार गहरा गड्ढा हो जाता है। साथ में विभागीय स्तर की लापरवाही भी सामने आ जाती है।
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जहां गहरा गड्ढा वहां पास में बांध को भी खतरा
- कछला पुल के पहुंच मार्ग की मिट्टी धंसने वाले स्थान के पास ही पूर्वी साइड वाले आश्रमों की तरफ अस्थायी बांध भी है। बांध करीब चार सौ मीटर का है, जो मुक्तिधाम तक है। पहुंच मार्ग की साइड में मिट्टी धंसने का सिलसिला ऐसे ही चलता रहा तो सबसे पहले खतरे में गंगा का बांध आएगा। बांध दरकने से बाढ़ का पानी आसपास के आश्रमों को चपेट में ले सकता है। बता दें कि करीब डेढ़ दशक पहले उसी तरफ बरेली-कासगंज रेलवे ट्रैक की मिट्टी धंसी तो इंजन समेत ट्रेन की एक बोगी पलट गई थी।

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पीडब्ल्यूडी के एक अफसर के जरिये मामला संज्ञान में आया है। पहुंच मार्ग के जिस ओर गड्ढा बताया जा रहा है, वह बारिश के पानी से हुआ होगा। बारिश के वजह से मिट्टी बह जाती है। जल्द ही मरम्मत करा दी जाएगी।
- मयंक चौहान, साइट इंजीनियर, एनएचएआई

कछला में पुल के धंस गए संपर्क मार्ग को देखते नगर पंचायत और पुलिस कर्मी। संवाद

कछला में पुल के धंस गए संपर्क मार्ग को देखते नगर पंचायत और पुलिस कर्मी। संवाद- फोटो : BADAUN

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