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साइकिल से सात हजार किमी की सद्भावना यात्रा पर निकले राजा
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साइकिल से बदायूं पहुंचे राजा सिंह। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। सद्भावना और भाईचारे का संदेश देने सात हजार किमी की यात्रा पर निकले मैनपुरी के राजा सिंह बुधवार को साइकिल से करीब दो हजार आठ सौ किमी यात्रा पूरी कर कासगंज से बदायूं पहुंचे। कई धर्मस्थलों पर उन्होंने माथा टेका और सद्भावना का संदेश दिया।
जनपद मैनपुरी के कस्बा घिरौर निवासी राजा सिंह ने 15 अप्रैल को सात हजार किमी की साइकिल यात्रा शुरू की थी। अब तक वह मैनपुरी से कन्नौज, मनकपुर, बाराबंकी, देवाशरीफ, अयोध्या, बहराइच, खीरी, गोला गोकर्णनाथ, फर्रुखाबाद, बाबा नीम करौली, एटा, मारहरा और कासगंज से बदायूं तक करीब दो हजार आठ सौ किमी यात्रा पूरी कर चुके हैं। राजा सिंह का कहना है कि सद्भावना से ही भाईचारा और अमन कायम रहता है। भारत इसकी मिसाल है। यहां विभिन्न धर्मों और जातियों के लोग रहते हैं।
साइकिल यात्रा के दौरान वह सभी धर्मों के प्रमुख धर्म स्थलों पर पहुंच का माथा टेककर सद्भावना का संदेश देते हैं।
उनकी सात हजार किमी साइकिल यात्रा का उद्देश्य ही धार्मिक स्थलों पर जाकर लोगों को सद्भावना का संदेश देना है। इसके साथ ही वह लोगों से हेलमेट का इस्तेेमाल, पॉलिथीन का बहिष्कार और सामाजिक भेदभाव खत्म करने का संदेश भी देते हैं। इससे पहले भी वह कई यात्राएं साइकिल से पूरी कर चुके हैं।
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जनपद मैनपुरी के कस्बा घिरौर निवासी राजा सिंह ने 15 अप्रैल को सात हजार किमी की साइकिल यात्रा शुरू की थी। अब तक वह मैनपुरी से कन्नौज, मनकपुर, बाराबंकी, देवाशरीफ, अयोध्या, बहराइच, खीरी, गोला गोकर्णनाथ, फर्रुखाबाद, बाबा नीम करौली, एटा, मारहरा और कासगंज से बदायूं तक करीब दो हजार आठ सौ किमी यात्रा पूरी कर चुके हैं। राजा सिंह का कहना है कि सद्भावना से ही भाईचारा और अमन कायम रहता है। भारत इसकी मिसाल है। यहां विभिन्न धर्मों और जातियों के लोग रहते हैं।
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साइकिल यात्रा के दौरान वह सभी धर्मों के प्रमुख धर्म स्थलों पर पहुंच का माथा टेककर सद्भावना का संदेश देते हैं।
उनकी सात हजार किमी साइकिल यात्रा का उद्देश्य ही धार्मिक स्थलों पर जाकर लोगों को सद्भावना का संदेश देना है। इसके साथ ही वह लोगों से हेलमेट का इस्तेेमाल, पॉलिथीन का बहिष्कार और सामाजिक भेदभाव खत्म करने का संदेश भी देते हैं। इससे पहले भी वह कई यात्राएं साइकिल से पूरी कर चुके हैं।
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