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गंगा एक्सप्रेस-वे का 25 दिसंबर को शिलान्यास कर सकते हैं प्रधानमंत्री
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बदायूं में वनकोटा गांव के पास गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि का निरीक्षण करने पहुंचीं डीएम दीपा रं
- फोटो : BADAUN
बदायूं। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई और बीएचयू के संस्थापक पंडित मदन मोहन मालवीय की जयंती पर देशवासियों को गंगा एक्सप्रेस-वे का तोहफा मिलने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 दिसंबर को बदायूं में वजीरगंज इलाके के ग्राम वनकोटा के पास गंगा एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास कर सकते हैं। यहां एक्सप्रेस-वे के जंक्शन पर फाइटर प्लेन की इमरजेंसी लैंडिंग कराने की योजना है। शीर्ष स्तर से इनपुट मिलने के बाद सोमवार दोपहर बाद डीएम और एसएसपी ने वनकोटा जाकर प्रस्तावित स्थल का जायजा लिया।
मेरठ से प्रयागराज तक जाने वाला 595 किमी लंबा गंगा एक्सप्रेस-वे बदायूं में 95 किमी दूरी तय करेगा। गंगा एक्सप्रेस-वे जिले की चार तहसीलों के 84 गांवों से होकर गुजरेगा। प्रधानमंत्री बिसौली तहसील क्षेत्र में मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर गांव वनकोटा के पास एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास कर सकते हैं।
गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि अधिग्रहण का काम 95 फीसदी पूरा हो चुका है। जमीन के विवादित मामलों के निस्तारण और भूमि अधिग्रहण की अड़चन दूर कराने के लिए डीएम दीपा रंजन ने संबंधित एसडीएम को 24 नवंबर तक का वक्त दिया है। भूमि विवाद के कई मामलों को आपसी सहमति से निपटाया जा रहा है। सोमवार को प्रशासन के पास उच्च स्तर से पीएम मोदी के बदायूूं पहुंचने और वनकोटा के पास गंगा एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास करने की सूचना पहुंची। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारी में जुट गए हैं।
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हालांकि, प्रधानमंत्री के आगमन की अधिकारिक सूचना देर शाम तक प्रशासन को नहीं मिली। सोमवार को डीएम दीपा रंजन ने एसएसपी ओपी सिंह, सीडीओ ऋषिराज सिंह, एसडीएम बिसौली, तहसीलदार बिसौली के साथ वनकोटा जाकर प्रस्तावित गंगा एक्सप्रेस-वे का जायजा लिया। गंगा एक्सप्रेस-वे बिसौली में सबसे ज्यादा 28 गांवों से होकर गुजरेगा। दातागंज तहसील के 25, सदर के 17 और बिल्सी के दो गांवों से होकर एक्सप्रेस-वे निकलेगा। वनकोटा में मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर एक्सप्रेस-वे का जंक्शन प्रस्तावित है। सबसे ज्यादा भूमि का अधिग्रहण वनकोटा के आसपास ही किया गया है।
वायु सेना के विमानों की आपात लैंडिंग के लिए वनकोटा में बन सकता है रनवे
बदायूं। प्रधानमंत्री मोदी ने सप्ताह भर पहले सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण किया था। अब वह प्रदेश के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास कर सकते हैं। प्रशासनिक अमला इसकी तैयारी में जुटा है।
दरअसल, जिले में वनकोटा के पास ही सबसे ज्यादा भूमि का अधिग्रहण किया गया है। संभावना इस बात की भी है कि यहां जंक्शन के साथ वायु सेना के विमानों की लैंडिंग के लिए रनवे बनेगा, जिसका शिलान्यास पीएम कर सकते हैं। राजस्व रिकार्ड के मुताबिक वनकोटा में 52, पड़ोसी ग्राम महेरा की 13 हेक्टेयर और ग्राम जखौलिया की पांच हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है। चुनावी माहौल के बीच पीएम बदायूं में प्रदेश के अब तक के सबसे लंबे करीब 595 लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे की आधारशिला रखेंगे। ऐसे में काफी संभावनाएं हैं कि वनकोटा के पास ही एक्सप्रेस-वे पर वायुसेना के विमानों की आपात लैंडिंग के लिए रनवे का शिलान्यास भी हो। दरअसल, इससे पहले यमुना एक्सप्रेस-वे और पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर रनवे बनाए जा चुके हैं।
डीएम दीपा रंजन इस बात को स्वीकार करती हैं कि गंगा एक्सप्रेस-वे से जुड़ी जमीनों के अधिग्रहण की प्रक्रिया 25 नवंबर तक पूरी की जानी है। विवादित भूमि समेत न्यायालय में लंबित भूमि संबंधी मामलों का निस्ताण सभी एसडीएम तेजी से कर रहे हैं। जिस प्रकार पिछले दिनों गंगा एक्सप्रेस-वे संबंधी गांवों ने यूपीडी और प्रशासनिक स्तर पर तेजी पकड़ी है उससे भी कई संकेत मिल रहे हैं।
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मेरठ से प्रयागराज तक जाने वाला 595 किमी लंबा गंगा एक्सप्रेस-वे बदायूं में 95 किमी दूरी तय करेगा। गंगा एक्सप्रेस-वे जिले की चार तहसीलों के 84 गांवों से होकर गुजरेगा। प्रधानमंत्री बिसौली तहसील क्षेत्र में मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर गांव वनकोटा के पास एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास कर सकते हैं।
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गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि अधिग्रहण का काम 95 फीसदी पूरा हो चुका है। जमीन के विवादित मामलों के निस्तारण और भूमि अधिग्रहण की अड़चन दूर कराने के लिए डीएम दीपा रंजन ने संबंधित एसडीएम को 24 नवंबर तक का वक्त दिया है। भूमि विवाद के कई मामलों को आपसी सहमति से निपटाया जा रहा है। सोमवार को प्रशासन के पास उच्च स्तर से पीएम मोदी के बदायूूं पहुंचने और वनकोटा के पास गंगा एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास करने की सूचना पहुंची। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारी में जुट गए हैं।
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हालांकि, प्रधानमंत्री के आगमन की अधिकारिक सूचना देर शाम तक प्रशासन को नहीं मिली। सोमवार को डीएम दीपा रंजन ने एसएसपी ओपी सिंह, सीडीओ ऋषिराज सिंह, एसडीएम बिसौली, तहसीलदार बिसौली के साथ वनकोटा जाकर प्रस्तावित गंगा एक्सप्रेस-वे का जायजा लिया। गंगा एक्सप्रेस-वे बिसौली में सबसे ज्यादा 28 गांवों से होकर गुजरेगा। दातागंज तहसील के 25, सदर के 17 और बिल्सी के दो गांवों से होकर एक्सप्रेस-वे निकलेगा। वनकोटा में मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर एक्सप्रेस-वे का जंक्शन प्रस्तावित है। सबसे ज्यादा भूमि का अधिग्रहण वनकोटा के आसपास ही किया गया है।
वायु सेना के विमानों की आपात लैंडिंग के लिए वनकोटा में बन सकता है रनवे
बदायूं। प्रधानमंत्री मोदी ने सप्ताह भर पहले सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण किया था। अब वह प्रदेश के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास कर सकते हैं। प्रशासनिक अमला इसकी तैयारी में जुटा है।
दरअसल, जिले में वनकोटा के पास ही सबसे ज्यादा भूमि का अधिग्रहण किया गया है। संभावना इस बात की भी है कि यहां जंक्शन के साथ वायु सेना के विमानों की लैंडिंग के लिए रनवे बनेगा, जिसका शिलान्यास पीएम कर सकते हैं। राजस्व रिकार्ड के मुताबिक वनकोटा में 52, पड़ोसी ग्राम महेरा की 13 हेक्टेयर और ग्राम जखौलिया की पांच हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है। चुनावी माहौल के बीच पीएम बदायूं में प्रदेश के अब तक के सबसे लंबे करीब 595 लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे की आधारशिला रखेंगे। ऐसे में काफी संभावनाएं हैं कि वनकोटा के पास ही एक्सप्रेस-वे पर वायुसेना के विमानों की आपात लैंडिंग के लिए रनवे का शिलान्यास भी हो। दरअसल, इससे पहले यमुना एक्सप्रेस-वे और पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर रनवे बनाए जा चुके हैं।
डीएम दीपा रंजन इस बात को स्वीकार करती हैं कि गंगा एक्सप्रेस-वे से जुड़ी जमीनों के अधिग्रहण की प्रक्रिया 25 नवंबर तक पूरी की जानी है। विवादित भूमि समेत न्यायालय में लंबित भूमि संबंधी मामलों का निस्ताण सभी एसडीएम तेजी से कर रहे हैं। जिस प्रकार पिछले दिनों गंगा एक्सप्रेस-वे संबंधी गांवों ने यूपीडी और प्रशासनिक स्तर पर तेजी पकड़ी है उससे भी कई संकेत मिल रहे हैं।